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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hapur News ›   Cancer and Hepatitis Threatening on Life.

हशूपुर में जिंदगी पर भारी पड़ रहे कैंसर और हेपेटाइटिस

Wed, 14 Jun 2017 09:43 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़ Updated Wed, 14 Jun 2017 09:43 PM IST
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Cancer and Hepatitis Threatening on Life.
कैंसर और हेपेटाइटिस - फोटो : अमर उजाला

क्षेत्र के गांव हशूपुर में हेपेटाइटिस का संक्रमण लीवर कैंसर बनकर लोगों को लील रहा है। इसके कहर से महज चार महीने में पिता-पुत्र समेत 6 को मौत की नींद सुला दिया और कई ग्रामीण इसकी गिरफ्त में हैं।

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गंगा क्षेत्र के आसपास के सिंभावली, गढ़ और बहादुरगढ़ के तीन दर्जन से भी अधिक गांवों का भूजल दूषित हो रहा है। इससे हेपेटाइटिस बी और सी जानलेवा बनकर लोगों की जिंदगी को लील रहा है।
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चार माह में संजीव, उसके बेटे अनूप, नवदेव, जुबैर, रमजान और फारूख की जान जा चुकी है। परिजनों ने अपनी जिंदगी भर की जमा पूंजी खर्च कर मेरठ, दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा, गुड़गांव जैसे अस्पतालों में इलाज कराया, लेकिन इनकी जान बचाई नहीं जा सकी।
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भूजल दूषित होने से हेपेटाइटिस व कैंसर का संक्रमण का कहर बढ़ता जा रहा है। इससे 6 मौत होने के बाद भी बीमारी से पीड़ित चल रहे रोगियों की तादाद बढ़ती जा रही है। गांव में एक दर्जन से अधिक महिला-पुरुष हेपेटाइटिस व कैंसर के संक्रमण से पीड़ित होकर इधर उधर इलाज कराते घूम रहे हैं। 

इसके बाद भी गांव में पाइप लाइन पेयजल की व्यवस्था नहीं  हो पाई है। सात हजार की आबादी को हैंडपंपों का असुरिक्षत पानी पीना पड़ रहा है। गांव में गहराई से पानी निकालने वाले ज्यादातर सरकारी हैंडपंप भी खराब पड़े हैं।

प्रधान कमल सिंह, सलमान, वीरसिंह, राजेंद्र आदि का कहना है कि लगातार शिकायत करने के बाद भी तीन साल से जल निगम पानी की जांच और स्वास्थ्य विभाग की टीम मरीजों की सुध लेने नहीं आई है।

गांव हशूपुर में सब सेंटर तो बना हुआ है, लेकिन एएनएम न आने से ग्रामीणों को फायदा नहीं मिल रहा है। जलनिकासी की व्यवस्था नहीं है। सइजू, रहमत अली, सज्जो, मौसम, फुरकान, अता मुहम्मद, मोहसिन, जगपाल, अंकुश का कहना है कि भूजल दूषित होने के बाद भी टंकी नहीं बन पा रही है। 

ग्रामीणों का कहना है कि गंदे पानी से जुड़ी फुलडेहरा ड्रेन के दुष्प्रभाव से भूजल लगातार दूषित होता जा रहा। जिससे सरकारी तालाब के आसपास बीमारी का कहर सबसे ज्यादा है।


सीएमओ डॉ.एके सिंह का कहना है कि पानी की जांच जल निगम कराता है, लेकिन जिन गांवों में बीमारी फैल रही है वहां स्वास्थ्य विभाग के कैंप लगवाकर मरीजों का परीक्षण और जरूरी दवाओं का वितरण कराया जाएगा। भूजल द्रषित होने से बीमारी फैलने की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।

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