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Hapur News: केंद्रीय मंत्री के बयान के बाद लोगाें को मिली संजीवनी, पोस्टपेड मीटर लगाने की उठी मांग

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 04 Apr 2026 02:22 AM IST
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After the statement of the Union Minister, people got a lifeline, demand arose for installation of postpaid meters.
गाजियाबाद। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर के बिना सहमति स्मार्ट प्रीपेड मीटर नहीं लगाने के बयान के बाद जिले के उपभोक्ताओं को संजीवनी मिली है। जिन उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगे हैं, उनमें बड़ी संख्या में लोगों ने पोस्ट पेड मीटर लगाने की मांग की है। वहीं, जिनके यहां अभी स्मार्ट मीटर नहीं लगे हैं, उन्होंने भी स्मार्ट मीटर न लगाने की बात कही है। इसको लेकर शुक्रवार को ट्रांसहिंडन, देहात और शहर के 100 से अधिक उपभोक्ताओं ने अधिकारियों को शिकायतीपत्र दिया। लोगाें ने स्मार्ट मीटरों में आ रहीं समस्याओं का हवाला भी दिया।
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मुरादनगर की गंगाविहार कॉलोनी निवासी देवेंद्र शर्मा ने बताया कि केंद्रीय मंत्री से पहले कर्नाटक, बॉम्बे हाईकोर्ट भी स्मार्ट मीटरों को सहमति से लगाने की बात कह चुके हैं। इसके बावजूद ऊर्जा निगम ने झूठ बोलकर लोगों के यहां स्मार्ट मीटर लगा दिए। किसी से कोई सहमति नहीं ली गई। ऐसे में स्मार्ट प्रीपेड मीटर हटाकर पुराने पोस्ट पेड मीटर लगाए जाएं। नंदग्राम निवासी अमरीश त्यागी ने बताया कि जब केंद्रीय मंत्री सार्वजनिक रूप से मीटर सहमति से लगाने को कह रहे हैं तो स्थानीय स्तर पर निगम के अफसरों को इन मीटरों को लगाने की क्या जल्दी है। मीटर नहीं हटाए गए तो बड़ी तादाद में उपभोक्ता सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।
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लग चुके हैं 2.12 लाख स्मार्ट मीटर : जिले में बिजली के 11 लाख से अधिक कनेक्शन हैं। इसमें घरेलू्, औद्योगिक और व्यावसायिक श्रेणी में 2.12 लाख उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जा चुके हैं। विभागीय अधिकारियों ने दावा किया कि रोजाना एक हजार से अधिक लोगों के यहां स्मार्ट मीटर लगाने का काम किया जा रहा है। इस बारे में जोन 1 के मुख्य अभियंता पवन अग्रवाल ने बताया कि सहमति से मीटर लगाने का काम जारी है। लोगों में इसको लेकर जो भ्रांति हैं, उनको दूर किया जा रहा है। उनको इसके लिए जागरूक भी किया जा रहा है। फिलहाल शासन से अभी तक कोई नया आदेश नहीं मिला है।
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-समस्या बरकरार...रिचार्ज के दो दिन बाद भी सुचारु नहीं हुई आपूर्ति :
क्रिश्चियननगर बागू निवासी मनीषा ने बताया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद उनकी विद्युत आपूर्ति दो दिन पहले बंद कर दी गई। इसके बाद उनसे कहा गया है कि 1200 रुपये बकाया है। इसी वजह से उन्होंने 1500 रुपये एक बार और उसके कुछ देर बाद ही 800 रुपये और डलवा दिए। इसके बाद मीटर में 1100 रुपये प्लस में बैलेंस हो गया। उनके घर की बिजली 48 घंटे बाद भी सुचारु नहीं हो सकी। आपूर्ति सुचारु कराने के लिए उन्होंने निगम के कार्यालय और ऑनलाइन भी शिकायत दर्ज कराई, लेकिन शुक्रवार की शाम को आठ बजे तक भी बिजली बहाल नहीं हो सकी।

ज्यादा बिल आने की शिकायतें भी कम नहीं : मीटर में धनराशि अपडेट न होने के साथ स्मार्ट मीटर में अधिक बिल आने की शिकायतें कम नहीं हो रही है। एसडीओ और एक्सइएन से लेकर मुख्य अभियंताओं के कार्यालय में 60-70 शिकायतें ज्यादा बिल आने की आ रही हैं। मोरटा गांव निवासी महीपाल सिंह ने बताया कि उनके यहां हर महीने चार हजार के करीब का बिल आता था। गर्मियों में खपत बढ़ने पर भी कभी बिल पांच हजार से अधिक नहीं आया लेकिन जब से स्मार्ट मीटर लगा है तो रोजाना 225-250 रुपये का बिल दिख रहा है।

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