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अब गंगा में कचरा नहीं डाल पाएंगे हाइवे पर सफर करने वाले राहगीर
Updated Sun, 30 Sep 2018 11:41 PM IST
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अब गंगा में कचरा नहीं डाल पाएंगे हाइवे पर सफर करने वाले राहगीर
गढ़मुक्तेश्वर। नेशनल हाइवे पर सफर करने वाले अब मोक्षदायिनी गंगा में ठोस कचरा नहीं डाल पाएंगे। ब्रजघाट पुल के दोनों तरफ एनएचएआई जाल लगवाने के साथ ही सेंचुरी एरिया में रहने वाले दुर्लभ जीवों जंतुओं का संरक्षण भी करेगा।
केंद्र की मोदी और प्रदेश की योगी सरकार मोक्ष दायिनी गंगा की जलधारा को फिर से निर्मल और अविरल बनाने के लिए बड़े स्तर पर प्रयास कर रही है। इसके तहत हर साल हजारों करोड़ की रकम खर्च की जा रही है। इसके बाद भी नेशनल हाइवे से होकर गुजरने वाले राहगीर धर्म लाभ अर्जित करने की कुप्रथा के चलते नदी में पूजन सामग्री और हवन की राख आदि फेंक देते हैं, जो गंगा की जलधारा को दूषित करते हैं। लेकिन अब हाइवे से होकर सफर करने वाले राहगीर गंगा में ठोस कचरा नहीं फेंक पाएंगे। सामाजिक संगठन लोक भारती के सह राष्ट्रीय नदी प्रभारी भारत भूषण गर्ग की मांग को नेशनल हाइवे अथार्टी ऑफ इंडिया ने मंजूर कर लिया है। इसके चलते बहुत जल्द ब्रजघाट गंगा पुल की दोनों साइडों में लोहे का जाल लगवाया जाएगा। इसके अलावा हस्तिनापुर सेंचुरी एरिया से जुड़े दुर्लभ प्रजाति के जंगली जीव जंतुओं के संरक्षण में भी एनएचएआई अपना पूरा सहयोग करेगी। एनएचएआई के पीडी वीके बंसल का कहना है कि गंगा में डलने वाले ठोस कचरे को रोकने के लिए ब्रजघाट पुल की दोनों साइडों में लोहे का जाल लगवाने के साथ ही हस्तिनापुर सेंचुरी एरिया से जुड़े दुर्लभ जंगली जीव जंतुओं के संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए विभागीय स्तर से 40 लाख की रकम मंजूर कर ली गई है। जल्द ब्रजघाट ही काम शुरू हो जाएगा।
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गढ़मुक्तेश्वर। नेशनल हाइवे पर सफर करने वाले अब मोक्षदायिनी गंगा में ठोस कचरा नहीं डाल पाएंगे। ब्रजघाट पुल के दोनों तरफ एनएचएआई जाल लगवाने के साथ ही सेंचुरी एरिया में रहने वाले दुर्लभ जीवों जंतुओं का संरक्षण भी करेगा।
केंद्र की मोदी और प्रदेश की योगी सरकार मोक्ष दायिनी गंगा की जलधारा को फिर से निर्मल और अविरल बनाने के लिए बड़े स्तर पर प्रयास कर रही है। इसके तहत हर साल हजारों करोड़ की रकम खर्च की जा रही है। इसके बाद भी नेशनल हाइवे से होकर गुजरने वाले राहगीर धर्म लाभ अर्जित करने की कुप्रथा के चलते नदी में पूजन सामग्री और हवन की राख आदि फेंक देते हैं, जो गंगा की जलधारा को दूषित करते हैं। लेकिन अब हाइवे से होकर सफर करने वाले राहगीर गंगा में ठोस कचरा नहीं फेंक पाएंगे। सामाजिक संगठन लोक भारती के सह राष्ट्रीय नदी प्रभारी भारत भूषण गर्ग की मांग को नेशनल हाइवे अथार्टी ऑफ इंडिया ने मंजूर कर लिया है। इसके चलते बहुत जल्द ब्रजघाट गंगा पुल की दोनों साइडों में लोहे का जाल लगवाया जाएगा। इसके अलावा हस्तिनापुर सेंचुरी एरिया से जुड़े दुर्लभ प्रजाति के जंगली जीव जंतुओं के संरक्षण में भी एनएचएआई अपना पूरा सहयोग करेगी। एनएचएआई के पीडी वीके बंसल का कहना है कि गंगा में डलने वाले ठोस कचरे को रोकने के लिए ब्रजघाट पुल की दोनों साइडों में लोहे का जाल लगवाने के साथ ही हस्तिनापुर सेंचुरी एरिया से जुड़े दुर्लभ जंगली जीव जंतुओं के संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए विभागीय स्तर से 40 लाख की रकम मंजूर कर ली गई है। जल्द ब्रजघाट ही काम शुरू हो जाएगा।
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