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साबितगढ़ चीनी मिल को ही गन्ना देने पर अड़े 4 क्रय केन्द्रों से जुड़े किसान
Updated Sat, 10 Nov 2018 01:16 AM IST
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साबितगढ़ चीनी मिल को ही गन्ना देने पर अड़े चार क्रय केंद्रों से जुड़े किसान
हापुड़। कुचेसर रोड पर पड़ने वाले अनेक गांवों के चार गन्ना क्रय केन्द्रों के किसान साबितगढ़ चीनी मिल को ही गन्ना दिए जाने पर अड़े हैं। इसका कारण उक्त मिल प्रबंधन द्वारा खरीदे गन्ने का भुगतान समय पर कर देना बताया गया है। प्रशासन ने उक्त चारों केन्द्रों को इस बार सिंभावली चीनी मिल से जोड़ दिया है। इसके विरोध में किसान जनसंपर्क कर आंदोलन की रणनीति बनाने में जुटे हैं।
भारतीय किसान संघ का बैनर लेकर रसूलपुर के पूर्व प्रधान कर्मवीर सिंह, उदयपुर के अजयवीर सिंह, प्रेमवीर, सुरेश शर्मा और रवीन्द्र आदि को साथ लेकर किसानों ने कई गांवों में जनसंपर्क किया। इन लोगों का साफ कहना था कि वह लोग अपनी मांग को मनवाने के लिए आन्दोलन करेंगे। क्योंकि अगर उनकी मांग नहीं मानी गयी तो कई गांवों के किसान बर्बाद हो जाएंगे।
कर्मवीर सिंह ने बताया कि पिछले साल रसूलपुर बी, बनखण्डा बी, नगला कटक और लुखराड़ा बी चार गन्ना क्रय केन्द्र साबितगढ़ चीनी मिल से जुड़े थे। इस मिल ने खरीदे गन्ना का समय पर भुगतान किया था, लेकिन इस बार प्रशासन ने इन चारों केंद्रों को वहां से काटकर सिंभावली चीनी मिल से जोड़ दिया है जबकि वह इसका शुरू से ही विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आश्चर्य की बात यह है कि सांसद कंवर सिंह तंवर और विधायक विजयपाल आढ़ती ने भी उनके पक्ष में पत्र लिखकर दे रखे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही।
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उनका कहना है कि 27 अक्तूबर को जिला गन्ना अधिकारी ओम प्रकाश सिंह का किसान संघ के पदाधिकारियों ने घेराव किया था, तब उन्होंने गन्ना आयुक्त के यहां अपील करने की बात कही थी लेकिन पता नहीं किस दबाव में वह ऐसा नहीं कर रहे। जबकि वह लोग गन्ना मंत्री सुरेश राणा से भी मिल चुके हैं। फिर भी कोई सुनवाई नहीं हुई बल्कि लगता है कि उनके साथ धोखा किया जा रहा है। ऐसा नहीं होने देंगे बल्कि लड़ाई आरपार की होगी।
जनसपंर्क करने वालों में संघ के जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह, सत्येन्द्र सिंह, मनवीर सिंह, महेन्द्र त्यागी, दयाचंद त्यागी, तेजेन्द्र प्रधान, जन्म सिंह, धर्मपाल मास्टर, कृष्ण कुमार, मनोज प्रधान, रवि चौधरी, प्रमोद नागर आदि शामिल थे।
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हापुड़। कुचेसर रोड पर पड़ने वाले अनेक गांवों के चार गन्ना क्रय केन्द्रों के किसान साबितगढ़ चीनी मिल को ही गन्ना दिए जाने पर अड़े हैं। इसका कारण उक्त मिल प्रबंधन द्वारा खरीदे गन्ने का भुगतान समय पर कर देना बताया गया है। प्रशासन ने उक्त चारों केन्द्रों को इस बार सिंभावली चीनी मिल से जोड़ दिया है। इसके विरोध में किसान जनसंपर्क कर आंदोलन की रणनीति बनाने में जुटे हैं।
भारतीय किसान संघ का बैनर लेकर रसूलपुर के पूर्व प्रधान कर्मवीर सिंह, उदयपुर के अजयवीर सिंह, प्रेमवीर, सुरेश शर्मा और रवीन्द्र आदि को साथ लेकर किसानों ने कई गांवों में जनसंपर्क किया। इन लोगों का साफ कहना था कि वह लोग अपनी मांग को मनवाने के लिए आन्दोलन करेंगे। क्योंकि अगर उनकी मांग नहीं मानी गयी तो कई गांवों के किसान बर्बाद हो जाएंगे।
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कर्मवीर सिंह ने बताया कि पिछले साल रसूलपुर बी, बनखण्डा बी, नगला कटक और लुखराड़ा बी चार गन्ना क्रय केन्द्र साबितगढ़ चीनी मिल से जुड़े थे। इस मिल ने खरीदे गन्ना का समय पर भुगतान किया था, लेकिन इस बार प्रशासन ने इन चारों केंद्रों को वहां से काटकर सिंभावली चीनी मिल से जोड़ दिया है जबकि वह इसका शुरू से ही विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आश्चर्य की बात यह है कि सांसद कंवर सिंह तंवर और विधायक विजयपाल आढ़ती ने भी उनके पक्ष में पत्र लिखकर दे रखे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही।
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उनका कहना है कि 27 अक्तूबर को जिला गन्ना अधिकारी ओम प्रकाश सिंह का किसान संघ के पदाधिकारियों ने घेराव किया था, तब उन्होंने गन्ना आयुक्त के यहां अपील करने की बात कही थी लेकिन पता नहीं किस दबाव में वह ऐसा नहीं कर रहे। जबकि वह लोग गन्ना मंत्री सुरेश राणा से भी मिल चुके हैं। फिर भी कोई सुनवाई नहीं हुई बल्कि लगता है कि उनके साथ धोखा किया जा रहा है। ऐसा नहीं होने देंगे बल्कि लड़ाई आरपार की होगी।
जनसपंर्क करने वालों में संघ के जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह, सत्येन्द्र सिंह, मनवीर सिंह, महेन्द्र त्यागी, दयाचंद त्यागी, तेजेन्द्र प्रधान, जन्म सिंह, धर्मपाल मास्टर, कृष्ण कुमार, मनोज प्रधान, रवि चौधरी, प्रमोद नागर आदि शामिल थे।