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डाक्टर पर कार्रवाई की मांग को लेकर वकीलों का हंगामा
Updated Sat, 16 Sep 2017 12:16 AM IST
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डाक्टर पर कार्रवाई की मांग को लेकर वकीलों का हंगामा
-मामले में एफआर लगने की सूचना पर अधिवक्ताओं ने किया हंगामा
-सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस रही अलर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
हापुड़। अधिवक्ता के पुत्र की टूटी हड्डी को गलत जोड़ने वाले चिकित्सक के खिलाफ दर्ज की गई रिपोर्ट में एफआर लगने की जानकारी मिलने पर अधिवक्ता भड़क गए। बार एसोसिएशन के नेतृत्व में उन्होंने सीओ कार्यालय में पहुंचकर हंगामा करना शुरू कर दिया। इस दौरान सुरक्षा की दृष्टि से भारी पुलिस बल तैनात रहा।
6 मई 2017 को अधिवक्ता ऋषिपाल वरूण के पुत्र की खेलते समय गिर जाने से हड्डी टूट गई थी। उसका इलाज फ्रीगंज रोड स्थित एक हड्डी रोग विशेषज्ञ के अस्पताल में कराया गया। आरोप है कि चिकित्सक ने लापरवाही से हड्डी गलत जोड़ दी गई। इसकी जानकारी प्लास्टर कटने के बाद भी दर्द होने पर हुई। कोर्ट के आदेश पर चिकित्सक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस ने रिपोर्ट तो दर्ज कर ली, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
शुक्रवार को अधिवक्ताओं को जानकारी मिली की पुलिस की ओर से इस मामले में दर्ज की गई रिपोर्ट में एफआर लगा दी गई। इस पर अधिवक्ताओं में आक्रोश फैल गया। अधिवक्ताओं ने सीओ कार्यालय पहुंचकर हंगामा करना शुरू कर दिया। अधिवक्ताओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया। हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस में हड़कंप मच गया। आसपास के थानों की पुलिस बुलाकर सुरक्षा में लगा दी गई। फ्री गंज रोड स्थित चिकित्सक के यहां भी पुलिस तैनात कर दी गई। उसके बाद अधिवक्ताओं की एक आपातकालीन बैठक बार एसोसिएशन के अध्यक्ष युसूफ कुरैशी व सचिव भोपाल सिंह सिसौदिया के नेतृत्व में की गई। सीओ पवन कुमार ने एफआर को निरस्त कर दरोगा के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। साथ ही चिकित्सक के खिलाफ भी उचित कार्रवाई की जाएगी। उसके बाद अधिवक्ता शांत हुए।
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इस अवसर पर गजेंद्र चौहान, अनिल सिसौदिया, सुशील चंद शर्मा, ऋषिपाल वरूण, जगदीश प्रसाद, संजय कंसल, अनिल आजाद, अभिषेक सिंह, नवनीत सहलोत, मुकुल त्यागी, रविंद्र निमेष सहित अन्य अधिवक्ता शामिल रहे।
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-मामले में एफआर लगने की सूचना पर अधिवक्ताओं ने किया हंगामा
-सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस रही अलर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
हापुड़। अधिवक्ता के पुत्र की टूटी हड्डी को गलत जोड़ने वाले चिकित्सक के खिलाफ दर्ज की गई रिपोर्ट में एफआर लगने की जानकारी मिलने पर अधिवक्ता भड़क गए। बार एसोसिएशन के नेतृत्व में उन्होंने सीओ कार्यालय में पहुंचकर हंगामा करना शुरू कर दिया। इस दौरान सुरक्षा की दृष्टि से भारी पुलिस बल तैनात रहा।
6 मई 2017 को अधिवक्ता ऋषिपाल वरूण के पुत्र की खेलते समय गिर जाने से हड्डी टूट गई थी। उसका इलाज फ्रीगंज रोड स्थित एक हड्डी रोग विशेषज्ञ के अस्पताल में कराया गया। आरोप है कि चिकित्सक ने लापरवाही से हड्डी गलत जोड़ दी गई। इसकी जानकारी प्लास्टर कटने के बाद भी दर्द होने पर हुई। कोर्ट के आदेश पर चिकित्सक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस ने रिपोर्ट तो दर्ज कर ली, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
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शुक्रवार को अधिवक्ताओं को जानकारी मिली की पुलिस की ओर से इस मामले में दर्ज की गई रिपोर्ट में एफआर लगा दी गई। इस पर अधिवक्ताओं में आक्रोश फैल गया। अधिवक्ताओं ने सीओ कार्यालय पहुंचकर हंगामा करना शुरू कर दिया। अधिवक्ताओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया। हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस में हड़कंप मच गया। आसपास के थानों की पुलिस बुलाकर सुरक्षा में लगा दी गई। फ्री गंज रोड स्थित चिकित्सक के यहां भी पुलिस तैनात कर दी गई। उसके बाद अधिवक्ताओं की एक आपातकालीन बैठक बार एसोसिएशन के अध्यक्ष युसूफ कुरैशी व सचिव भोपाल सिंह सिसौदिया के नेतृत्व में की गई। सीओ पवन कुमार ने एफआर को निरस्त कर दरोगा के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। साथ ही चिकित्सक के खिलाफ भी उचित कार्रवाई की जाएगी। उसके बाद अधिवक्ता शांत हुए।
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इस अवसर पर गजेंद्र चौहान, अनिल सिसौदिया, सुशील चंद शर्मा, ऋषिपाल वरूण, जगदीश प्रसाद, संजय कंसल, अनिल आजाद, अभिषेक सिंह, नवनीत सहलोत, मुकुल त्यागी, रविंद्र निमेष सहित अन्य अधिवक्ता शामिल रहे।