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Hamirpur News: आज से चिकासी-मोहाना पुल पर भरें फर्राटा
Tue, 17 Mar 2026 12:30 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
Updated Tue, 17 Mar 2026 12:30 AM IST
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फोटो16एचएएमपी 34- तैयार चिकासी-मोहाना पुल। संवाद
सरीला (हमीरपुर)। राठ-उरई मार्ग पर बेतवा नदी में बना चिकासी-मोहाना पुल मरम्मत के बाद आज मंगलवार सुबह करीब सात बजे से वाहनों के आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा। पुल पर वाहन पहले की तरह फर्राटा भर सकेंगे। यह तब हुआ जब अमर उजाला ने पुल की जर्जर हालत की खबरों को लगातार प्रमुखता से प्रकाशित किया, जिसे संज्ञान में लेकर लोक निर्माण विभाग ने मरम्मत कराकर कमियां दूर कीं।
चिकासी-मोहाना पुल हमीरपुर और जालौन जिले की सीमा पर स्थित है और दोनों जिलों को जोड़ने के लिए अहम है। पुल से प्रतिदिन करीब 20 हजार से अधिक वाहन गुजरते हैं। क्षेत्र की लगभग पांच लाख आबादी इस मार्ग पर निर्भर है। 699 मीटर लंबाई और चौड़ाई 7.5 मीटर चौड़ाई वाले पुल का निर्माण वर्ष 1973 में शुरू हुआ था और 1983 में तैयार हो पाया। समय के साथ पुल की सतह पूरी तरह खराब हो गई थी। कई जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए थे और लोहे की सरिया तक बाहर निकल आई थी। क्षेत्र की मौरंग खदानों से जुड़े भारी वाहनों के आवागमन से भी पुल की स्थिति खराब हो गई थी। इससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया था।
आसपास गांव के ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए अमर उजाला ने दो अक्टूबर 2025 के अंक में पुल की जर्जर की खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी। इसके बाद विभाग ने निरीक्षण कर शासन को प्रस्ताव भेजा। बजट स्वीकृत होने पर पुल की मरम्मत का कार्य शुरू कराया गया।
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करीब 42 दिन तक पुल बंद रहने से हमीरपुर और जालौन जिले के लगभग 50 गांवों के लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। उरई और आसपास के क्षेत्रों तक पहुंचने के लिए लोगों को 20 से 60 किलोमीटर तक अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही थी। पुल खुलने से अब लोगों को राहत मिलेगी।
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चिकासी-मोहाना पुल हमीरपुर और जालौन जिले की सीमा पर स्थित है और दोनों जिलों को जोड़ने के लिए अहम है। पुल से प्रतिदिन करीब 20 हजार से अधिक वाहन गुजरते हैं। क्षेत्र की लगभग पांच लाख आबादी इस मार्ग पर निर्भर है। 699 मीटर लंबाई और चौड़ाई 7.5 मीटर चौड़ाई वाले पुल का निर्माण वर्ष 1973 में शुरू हुआ था और 1983 में तैयार हो पाया। समय के साथ पुल की सतह पूरी तरह खराब हो गई थी। कई जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए थे और लोहे की सरिया तक बाहर निकल आई थी। क्षेत्र की मौरंग खदानों से जुड़े भारी वाहनों के आवागमन से भी पुल की स्थिति खराब हो गई थी। इससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया था।
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आसपास गांव के ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए अमर उजाला ने दो अक्टूबर 2025 के अंक में पुल की जर्जर की खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी। इसके बाद विभाग ने निरीक्षण कर शासन को प्रस्ताव भेजा। बजट स्वीकृत होने पर पुल की मरम्मत का कार्य शुरू कराया गया।
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करीब 42 दिन तक पुल बंद रहने से हमीरपुर और जालौन जिले के लगभग 50 गांवों के लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। उरई और आसपास के क्षेत्रों तक पहुंचने के लिए लोगों को 20 से 60 किलोमीटर तक अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही थी। पुल खुलने से अब लोगों को राहत मिलेगी।