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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hamirpur News ›   Women now handled Front

अब महिलाओं ने मोर्चा संभाला

Sat, 01 Aug 2015 12:30 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/हमीरपुर
ब्यूरो, अमर उजाला/हमीरपुर Updated Sat, 01 Aug 2015 12:30 AM IST
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Women now handled Front

छात्रा आत्मदाह कांड और बवाल पर पुलिस फायरिंग में युवक की मौत के बाद से कस्बे के लोगों में गुस्से की आग शांत नहीं हो रही है। विभिन्न राजनैतिक दलों व सामाजिक संगठन के प्रयासों के बावजूद अभी तक रिपोर्ट वापस न लिए जाने पर शुक्रवार को कस्बे की महिलाओं ने पाथा देवी मंदिर परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। कांग्रेस की महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष भी धरने में शामिल होने पहुंची।

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25 जुलाई को हुई कस्बे की घटना की आग अभी शांत होती नजर नहीं आ रही है। रोज किसी न किसी राजनैतिक दल व अन्य सामाजिक संगठनों का सहयोग आग में घी का काम कर रहा है।
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बीते दिनों भाजपा, कांग्रेस व बसपा के नेताओं ने पीड़ित परिवाराें से मिलकर उन्हें संात्वना दी। वहीं शुक्रवार को कस्बे की महिलाओं ने मोर्चा संभालकर पाथादेवी मंदिर के पास अनिश्चित कालीन धरना शुरू कर दिया है।
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धरने की सूचना पाकर पुलिस के आला अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए और आननफानन में अपर जिलाधिकारी कुंज बिहारी अग्रवाल, सीओ मौदहा व थानाध्यक्ष अनशन स्थल पर महिलाआें को समझाने पहुंचे।

महिलाएं अपने हाथों में तख्तियां लिए थीं। जिसमें सपा तेरी सरकार में, गुंडे छोड़े रोज खुले आम बाजार में। अपराधियोंकी खातिरदारी, मार खाए पीड़ित नर नारी जैसे स्लोगन लिखे थे।

मान मनौव्वल के बाद जब बात न बनी को अधिकारी लौट गए। शाम करीब 4 बजे कांग्रेस महिला मोर्चा की अध्यक्ष प्रतिमा सिंह, प्रदेश सचिव डा.दीप्ति सिंह सहित करीब एक दर्जन महिला नेता धरने में शामिल हो र्गइं।

 प्रदेश अध्यक्ष प्रतिमा सिंह व प्रदेश सचिव डा.दीप्ति सिंह ने कहा कि कस्बे में घटित घटना दुर्भाग्यपूर्ण हैै। जो कस्बा बिवांर में हुआ है, उससे ब्रिटिश काल के जलियावाला कांड की याद ताजा हो जाती है। कहा वह गांव की महिलाओं के साथ हैं और आरपार की लड़ाई लड़ेंगे।

इस दौरान कांग्रेस नेता युगराज भदौरिया ने कहा कि गांव व क्षेत्र के सभी सपा नेताओं से हाथ जोड़कर अपील करते हैं दलगत राजनैतिक से ऊपर उठकर मुकदमा वापस कराने का प्रयास करें।

धरने में बैठी महिलाओं ने कहा कि गिरफ्तारी के डर से उनके घरों के सभी पुरुष पलायन कर गए हैं। जिससे दिक्कत हो रही है। धरने में 25 जुलाई को छेड़खानी शिकार होने के बाद आत्मदाह करने वाली छात्रा स्वीकृति की छोटी बहन व मां भी शामिल रही।


वहीं महोबा में 9 नवंबर 2014 घटना में शिकार पीड़िता मां व पिता के साथ धरने में शामिल हुई। कांग्रेस की महिला नेत्री से बताया कि रिपोर्ट तो दर्ज हो गई थी लेकिन घटना को अंजाम देने वाले सभी 6 आरोपी खुला धूम रहे हैं और उन्हें धमकियां दे रहे हैं।

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