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नहीं आए जांच अधिकारी, ग्रामीणों में रोष
ब्यूरो, अमर उजाला/हमीरपुर
Updated Sun, 23 Aug 2015 11:05 PM IST
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भरुआसुमेरपुर विकासखंड के मुंडेरा गांव में विकास
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कार्यों में प्रधान पर अनियमितता का आरोप लगाने वाले ग्रामीण आक्रोशित हैं।
शिकायत के बाद जिलाधिकारी ने आदेश कर उपायुक्त मनरेगा को नामित किया था
लेकिन वह नहीं गए। फिलहाल गांव पहुंची तीन सदस्यीय टीम ने जांच की
औपचारिकताएं पूरी कर वापस चली गई।
गौरतलब हो कि मुंडेरा गांव निवासी महारजवा, दयाराम, रामजीवन, रामदयाल, बसारथ, भगवानदीन, जनक सिंह, परमात्मादीन, रामकिशोर, देवसिंह, राजकुमार व सोहनलाल ने शपथपत्र के साथ जिलाधिकारी से 10 जुलाई को शिकायत की थी।
जिस पर जिलाधिकारी संध्या तिवारी ने विकास कार्यों की जांच के लिए उपायुक्त मनरेगा को नामित किया। साथ ही तकनीकी मूल्यांकन के लिए विकासखंड कार्यालय में तैनात आरईएस के अवर अभियंता को भी संबद्ध किया।
विकास कार्यों की जांच के लिए शनिवार को एडीओ कोआपरेटिव ओपी चौरसिया, अवर अभियंता एमआई प्रकाश नारायण व आरईएस के अवर अभियंता हरदास वर्मा गांव पहुंचे।
गांव में नामित अधिकारी के न पहुंचने पर शिकायतकर्ताओं में खासा अंसतोष दिखा। वहीं पहुंची जांच टीम ने गांव के विकास कार्यों का स्थलीय सत्यापन के साथ नाप जोख की।
कई स्थानों पर अधूरा कार्य मिलने पर शिकायतकर्ताओं ने जांच टीम को अंकित कराया। जिसमें परहेटा के सिसोलर संपर्क मार्ग भी अधूरा मिला। शिकायतकर्ताओं ने गांव में पड़े अधूरे शौचालय भी दिखाए।
जांच अधिकारी मौके से जांच करके चले आए लेकिन शिकायतकर्ता इससे संतुष्ट नहीं दिखे। वहीं ग्राम प्रधान संतोष कुशवाहा अधिकारियों की जांच से संतुष्ट दिखे।
इस मामले में जांच करने पहुंचे एडीओ ओपी चौरसिया ने बताया कि विकास कार्यों में स्थलीय सत्यापन करने के साथ हर तरह से जांच की गई है। रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपी जाएगी।
गौरतलब हो कि मुंडेरा गांव निवासी महारजवा, दयाराम, रामजीवन, रामदयाल, बसारथ, भगवानदीन, जनक सिंह, परमात्मादीन, रामकिशोर, देवसिंह, राजकुमार व सोहनलाल ने शपथपत्र के साथ जिलाधिकारी से 10 जुलाई को शिकायत की थी।
जिस पर जिलाधिकारी संध्या तिवारी ने विकास कार्यों की जांच के लिए उपायुक्त मनरेगा को नामित किया। साथ ही तकनीकी मूल्यांकन के लिए विकासखंड कार्यालय में तैनात आरईएस के अवर अभियंता को भी संबद्ध किया।
विकास कार्यों की जांच के लिए शनिवार को एडीओ कोआपरेटिव ओपी चौरसिया, अवर अभियंता एमआई प्रकाश नारायण व आरईएस के अवर अभियंता हरदास वर्मा गांव पहुंचे।
गांव में नामित अधिकारी के न पहुंचने पर शिकायतकर्ताओं में खासा अंसतोष दिखा। वहीं पहुंची जांच टीम ने गांव के विकास कार्यों का स्थलीय सत्यापन के साथ नाप जोख की।
कई स्थानों पर अधूरा कार्य मिलने पर शिकायतकर्ताओं ने जांच टीम को अंकित कराया। जिसमें परहेटा के सिसोलर संपर्क मार्ग भी अधूरा मिला। शिकायतकर्ताओं ने गांव में पड़े अधूरे शौचालय भी दिखाए।
जांच अधिकारी मौके से जांच करके चले आए लेकिन शिकायतकर्ता इससे संतुष्ट नहीं दिखे। वहीं ग्राम प्रधान संतोष कुशवाहा अधिकारियों की जांच से संतुष्ट दिखे।
इस मामले में जांच करने पहुंचे एडीओ ओपी चौरसिया ने बताया कि विकास कार्यों में स्थलीय सत्यापन करने के साथ हर तरह से जांच की गई है। रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपी जाएगी।