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शिक्षामित्र की हत्या कर फेंका था शव
अमर उजाला ब्यूरो/हमीरपुर
Updated Sat, 11 Nov 2017 11:09 PM IST
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रोती बिलखती मृतक की पत्नी।
- फोटो : अमर उजाला
हमीरपुर।
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छानीखुर्द गांव में शुक्रवार को मिले युवक के शव की शिनाख्त पचखुरा गांव निवासी शिक्षामित्र के रूप में हुई है। पिता ने पुत्र की हत्या कर साक्ष्य को छिपाने के लिए शव को पुलिया के नीचे फेंकने की बात कही है। शनिवार को पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गर्दन पर गहरी चोट से मौत होने की बात सामने आई है। शुक्रवार को छानीखुर्द गांव में बजेहटा मार्ग स्थित एक पुलिया से युवक का शव बरामद किया था। चेहरा व सिर क्षत-विक्षत होने से उसकी शिनाख्त नहीं हो पा रही थी जिस पर पुलिस ने शव को जिला अस्पताल के मुर्दाघर में रखवा दिया था। इधर सुमेरपुर थानाक्षेत्र के पचखुराबुजुर्ग गांव निवासी मुन्नीलाल कुटार भी पूरे परिवार के साथ शनिवार की भोर में ही मुख्यालय पहुंच गए। जहां मृतक के कपड़ों से मुन्नीलाल ने उसकी शिनाख्त अपने शिक्षामित्र पुत्र बृजकिशोर (30) के रूप में की। उसने बताया कि उसकी किसी से रंजिश नहीं है। थानाध्यक्ष सुनील शुक्ल ने बताया कि अभी किसी ने कोई तहरीर नहीं दी है। उनके पास पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आई है। तहरीर आने पर कार्रवाई की जाएगी। बृजकिशोर जलालपुर थानाक्षेत्र के कुपरा गांव स्थित प्राइमरी विद्यालय में बतौर शिक्षामित्र के पद तैनात था। पिता ने बताया कि अवकाश के दिन में वह बाइक से गांव आता जाता था। छानीखुर्द गांव निवासी जगदीश यादव के मकान में कमरा किराये पर लेकर रहता था। यही से बाइक से स्कूल आता जाता था। पत्नी गोमती के मुताबिक उसके पति ने मंगलवार की शाम उससे आखिरी बार मोबाइल पर बात की थी। उसके बाद उसका फोन नहीं आया। गुरुवार को विद्यालय का अवकाश होने पर शिक्षामित्र गांव नहीं गया, तब पत्नी ने विद्यालय के हेडमास्टर से फोन पर बात की और विद्यालय न आने की बात कही। इस पर उसकी पत्नी व परिजन हैरान हो गए। शनिवार को उसकी मौत की सूचना मिली जिस पर सभी रोने बिलखने लगे।
धारदार हथियार से की गई शिक्षामित्र की हत्या
युवक की सुनियोजित ढंग से हत्या की खबर को अमर उजाला ने शनिवार के अंक में प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया। इधर परिजनों ने भी हत्या की बात कह रहे हैं। पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक एके सिंह ने बताया कि युवक के गर्दन के पीछे गहरा चोट का निशान पाया गया है जिसका मांस भी गायब था। बताया कि शव चार से पांच दिन पुराना है।
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चार भाइयों में दूसरे नंबर का था शिक्षामित्र
पिता ने बताया कि उसके चार पुत्र थे जिसमें शिक्षामित्र पुत्र बृजकिशोर दूसरे नंबर का था। बड़ा पुत्र अतुल पंजाब में रहकर मजदूरी करता है। तीसरा पुत्र नंदकिशोर ड्राइवरी करता है। जबकि छोटा पुत्र रामकुमार गांव में रहकर पढ़ाई करता है। बताया कि वह खुद खेती किसानी के साथ-साथ मजदूरी करता है। बताया कि बृजकिशोर के एक पुत्र शिवम व पुत्री शिवांगी है।
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कहीं जुएं का विवाद तो नहीं बना हत्या का कारण
शिक्षामित्र अपनी हत्या के पीछे कई सवाल छोड़ गया है। जिसके लिए पुलिस को कई बिंदुओं पर जांच करनी होगी। पचखुराबुजुर्ग गांव से कुपरा गांव की करीब 45 किमी दूरी है। सवाल उठता है कि जब शिक्षामित्र अवकाश के दिनों में घर आता था और गांव से बाइक से स्कूल जाता था। शिक्षामित्र ने छानीखुर्द गांव में किराएं का कमरा क्यों लिया। जबकि 45 किमी की दूरी को बाइक से सफर किए जाने में कोई परेशानी नहीं है। बताते है कि शिक्षामित्र शराब भी पीता था और जुआ भी खेलता था। बताते है कि शिक्षामित्र जुएं में अक्सर रकम जीतता था। इसका गांव के ही एक व्यक्ति से विवाद भी हुआ था। शायद यही विवाद शिक्षामित्र की जान का दुश्मन तो नहीं बन गया।
शिक्षामित्र के कमरे की पुलिस ने ली तलाशी
छानी। बिवांर पुलिस ने शिक्षामित्र के किराये के कमरे का ताला तुड़वाकर कमरे की तलाशी ली। जहां पुलिस को कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। पुलिस ने यहां से शिक्षामित्र के आधारकार्ड, पैनकार्ड, पहचान पत्र आदि बरामद किए हैं। एसआई भोजराज अवस्थी ने यहां रह रहे लोगों से पूछतांछ की।