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आफरीन ने कहा, आइएएस बन हुक्म चलाना पसंद नहीं, डाक्टर बनना है
ब्यूरो, अमर उजाला/हमीरपुर
Updated Mon, 18 May 2015 12:07 AM IST
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मुख्यालय के सैय्यदबाड़ा मोहल्ले में रहने वाले प्राथमिक विद्यालय के
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टीचर/स्काउट मास्टर अकबर अली की बेटी आफरीन ने प्रदेश में चौथा स्थान पाकर
परचम लहराया है। इंटरमीडिएट की इस छात्रा की सफलता से परिवार और इष्टमित्र
बेहद खुश हैं।
आफरीन की मां सस्कीन अख्तर समाजशास्त्र से एमए हैं। कहती हैं कि बच्चों की अच्छी पढ़ाई के चलते उन्होंने नौकरी से तौबा कर ली। वह बेटी की पढ़ाई को लेकर हमेशा चौकन्ना रहती हैं।
इस मौके पर आफरीन ने कहा कि उसके माता-पिता तथा गुरुजनों का विशेष सहयोग है। गरीबों की सेवा करना उसकी आदत में है। वह सीपीएमटी की पढ़ाई करेंगी। डॉक्टर बनने के बाद गांव में रहकर गरीबों का इलाज करना चाहती हैं।
कहतीं है कि आईएएस बनकर हुक्म चलाना उन्हें पसंद नहीं है। पिता अकबर अली ने कहा कि अभी बेटी की उम्र साढे़ सोलह साल है। सीपीएमटी में एडमिशन के लिए उम्र 17 वर्ष होनी चाहिए। फिलहाल एक साल बाद डॉक्टरी के लिए प्रयास करेगी।
आफरीन की मां सस्कीन अख्तर समाजशास्त्र से एमए हैं। कहती हैं कि बच्चों की अच्छी पढ़ाई के चलते उन्होंने नौकरी से तौबा कर ली। वह बेटी की पढ़ाई को लेकर हमेशा चौकन्ना रहती हैं।
इस मौके पर आफरीन ने कहा कि उसके माता-पिता तथा गुरुजनों का विशेष सहयोग है। गरीबों की सेवा करना उसकी आदत में है। वह सीपीएमटी की पढ़ाई करेंगी। डॉक्टर बनने के बाद गांव में रहकर गरीबों का इलाज करना चाहती हैं।
कहतीं है कि आईएएस बनकर हुक्म चलाना उन्हें पसंद नहीं है। पिता अकबर अली ने कहा कि अभी बेटी की उम्र साढे़ सोलह साल है। सीपीएमटी में एडमिशन के लिए उम्र 17 वर्ष होनी चाहिए। फिलहाल एक साल बाद डॉक्टरी के लिए प्रयास करेगी।