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Hamirpur News: आंधी-पानी से टूटे 200 बिजली पोल, तीन लाख की आबादी परेशान
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फोटो 06 एचएएमपी 40- कस्बे के मलीकुंआ रोड़ पर बीच सड़क में टूटा पड़ा बिजली पोल। संवाद
मौदहा (हमीरपुर)। नगर में मंगलवार शाम आए चक्रवाती तूफान के बाद हालात अब तक सामान्य नहीं हो सके हैं। आंधी-पानी में करीब 200 बिजली पोल टूटकर जमींदोज हो गए। इसके चलते बीते 24 घंटे से विद्युत आपूर्ति बाधित है। नगर सहित आसपास के 40 गांवों में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। लोग हैंडपंपों और सबमर्सिबल पंपों के सहारे किसी तरह अपनी जरूरतें पूरी कर रहे हैं जबकि कई लोग जनरेटर के जरिए पानी भरने के लिए मजबूर हैं।
मंगलवार शाम आई तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के चलते जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। भीषण तूफान के कारण सैकड़ों पेड़ और 200 बिजली पोल क्षतिग्रस्त हो गए। इससे विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। विभाग की दो टीमें लगातार 24 घंटे से मरम्मत कार्य में जुटी हुई है। वहीं सुमेरपुर से आने वाली 33 केवीए लाइन को दुरुस्त कर पावर हाउस तक आपूर्ति बहाल कर दी गई है लेकिन नगर में पोल क्षतिग्रस्त होने के कारण आपूर्ति सुचारू नहीं हो सकी है। इससे नगर की करीब 70 हजार की आबादी को बीते 24 घंटे से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं क्षेत्र के 40 गांवों में अंधेरा छाया रहा। इससे करीब ढाई लाख की आबादी प्रभावित है। सुबह से ही हैंडपंपों में पेयजल के लिए लोगों की लंबी कतारें लगी रहीं।
तूफान का असर सड़कों पर भी देखने को मिला। बसवारी, बिंवार, कपसा और सिसोलर मार्ग पर पेड़ गिरने से देर रात तक आवागमन बाधित रहा। कई वाहन रास्ते में फंसे रहे। हालांकि प्रशासन की सक्रियता से देर रात तक पेड़ों को हटाकर यातायात बहाल कराया गया।
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इन गांवों में बढ़ी परेशानी
क्षेत्र के छिमौली, पढ़ोरी, अरतरा, भैंसमरी, इचौली, सिसोलर, टिकरी, नायकपुरवा, खंडेह, करहिया, गुसियारी, रीवन, गहबरा, सिजनौड़ा, भैंसता, उरदना, लेवा, पसुन, बिहरका, सिजवाही, फत्तेपुरवा, भभई, चांदी कला, कपसा आदि गांव प्रभावित हुए हैं।
तूफान में करीब 200 से अधिक विद्युत पोल क्षतिग्रस्त हुए हैं। इससे लगभग 40 गांव अब भी अंधेरे में डूबे हुए हैं। नगर में शाम तक बिजली आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में बृहस्पतिवार सुबह तक व्यवस्था दुरुस्त होने की उम्मीद है। इस आपदा में करीब 40 लाख रुपये से अधिक के नुकसान का अनुमान है। - आरके वर्मा, एसडीओ विद्युत मौदहा।
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मंगलवार शाम आई तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के चलते जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। भीषण तूफान के कारण सैकड़ों पेड़ और 200 बिजली पोल क्षतिग्रस्त हो गए। इससे विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। विभाग की दो टीमें लगातार 24 घंटे से मरम्मत कार्य में जुटी हुई है। वहीं सुमेरपुर से आने वाली 33 केवीए लाइन को दुरुस्त कर पावर हाउस तक आपूर्ति बहाल कर दी गई है लेकिन नगर में पोल क्षतिग्रस्त होने के कारण आपूर्ति सुचारू नहीं हो सकी है। इससे नगर की करीब 70 हजार की आबादी को बीते 24 घंटे से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं क्षेत्र के 40 गांवों में अंधेरा छाया रहा। इससे करीब ढाई लाख की आबादी प्रभावित है। सुबह से ही हैंडपंपों में पेयजल के लिए लोगों की लंबी कतारें लगी रहीं।
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तूफान का असर सड़कों पर भी देखने को मिला। बसवारी, बिंवार, कपसा और सिसोलर मार्ग पर पेड़ गिरने से देर रात तक आवागमन बाधित रहा। कई वाहन रास्ते में फंसे रहे। हालांकि प्रशासन की सक्रियता से देर रात तक पेड़ों को हटाकर यातायात बहाल कराया गया।
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इन गांवों में बढ़ी परेशानी
क्षेत्र के छिमौली, पढ़ोरी, अरतरा, भैंसमरी, इचौली, सिसोलर, टिकरी, नायकपुरवा, खंडेह, करहिया, गुसियारी, रीवन, गहबरा, सिजनौड़ा, भैंसता, उरदना, लेवा, पसुन, बिहरका, सिजवाही, फत्तेपुरवा, भभई, चांदी कला, कपसा आदि गांव प्रभावित हुए हैं।
तूफान में करीब 200 से अधिक विद्युत पोल क्षतिग्रस्त हुए हैं। इससे लगभग 40 गांव अब भी अंधेरे में डूबे हुए हैं। नगर में शाम तक बिजली आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में बृहस्पतिवार सुबह तक व्यवस्था दुरुस्त होने की उम्मीद है। इस आपदा में करीब 40 लाख रुपये से अधिक के नुकसान का अनुमान है। - आरके वर्मा, एसडीओ विद्युत मौदहा।