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बस्ती जिले में तीन माह में 60 लोगों को लगा डेंगू का डंक, अब तक बीमारी से बीमार सौ के पार
Mon, 09 Dec 2019 10:47 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी बस्ती
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 09 Dec 2019 10:47 AM IST
सार
- डेंगू के डंक से तीन माह में 60 लोग हलाकान
- - बेहतर जांच प्रक्रिया से चिन्हित हुए बीमार
- -अप्रैल से अब तक 106 पीड़ित, बची जिंदगी
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dengue
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जिले में डेंगू की चपेट में तीन माह में 60 से अधिक लोग आए है। अप्रैल 2019 से नवंबर तक कुल 106 लोग बीमार हुए, मगर समय से इलाज के चलते इनकी जिंदगी सुरक्षित है। कुछ तो ठीक हो गए हैं, मगर कुछ का इलाज चल रहा है। अब तक डेंगू के बीमार सौ के पार हो चुके हैं।
मच्छर जनित रोग डेंगू का प्रभाव जिले में है। ग्रामीण इलाके में यह रोग तेजी से फैला है। हालांकि शहरी क्षेत्र भी इससे अछूता नहीं है। यहां भी दस लोग इसकी चपेट में हैं। स्वास्थ्य विभाग का तर्क है कि बेहतर जांच के चलते समय से रोग की पहचान कर इलाज किया गया, जिससे अपने जिले में इस बीमारी से एक भी मौत नहीं हुई है।
स्वास्थ्य विभाग के आला अफसर कहते हैं कि पहले जिला अस्पताल अथवा प्राइवेट अस्पतालों में ऐसे मरीजों को चिन्हित करने के बाद भी डॉक्टर बाहरी जिलों को भेज देते थे, मगर अब जब चिकित्सालयों में इसके जांच की सुविधा व भर्ती की व्यवस्था है तो आसानी से मरीजों का इलाज यही हो जाती है।
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जिला मलेरिया अधिकारी आइए अंसारी कहते हैं कि आम आदमी में जागरूकता की कमी के चलते डेंगू मच्छर पनप रहे हैं। चूंकि यह मच्छर साफ पानी में पैदा होते हैं ऐसे में सभी को चाहिए कि वह अपने आसपास पानी एकत्रित न होने दें। इसके लिए अभियान भी चलाया जा रहा है। सभी संभावित स्थलों पर छिड़काव व फागिंग भी कराया जा रहा है।
सीएमओ डा. एके गुप्ता ने कहा कि डेंगू की चपेट में आने वाले मरीजों की जांच जिला अस्पताल होती है। इसके नाते कोई मौत नहीं हुई। समय से इलाज किया गया है। तेज बुखार के लिए जिले में सीएचसी पर ईटीसी स्थापित कर वहां दवा आदि की समुचित व्यवस्था की गई है। लोगों को जागरूक करने का भी काम स्वास्थ्य विभाग कर रहा है।
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मच्छर जनित रोग डेंगू का प्रभाव जिले में है। ग्रामीण इलाके में यह रोग तेजी से फैला है। हालांकि शहरी क्षेत्र भी इससे अछूता नहीं है। यहां भी दस लोग इसकी चपेट में हैं। स्वास्थ्य विभाग का तर्क है कि बेहतर जांच के चलते समय से रोग की पहचान कर इलाज किया गया, जिससे अपने जिले में इस बीमारी से एक भी मौत नहीं हुई है।
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स्वास्थ्य विभाग के आला अफसर कहते हैं कि पहले जिला अस्पताल अथवा प्राइवेट अस्पतालों में ऐसे मरीजों को चिन्हित करने के बाद भी डॉक्टर बाहरी जिलों को भेज देते थे, मगर अब जब चिकित्सालयों में इसके जांच की सुविधा व भर्ती की व्यवस्था है तो आसानी से मरीजों का इलाज यही हो जाती है।
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जिला मलेरिया अधिकारी आइए अंसारी कहते हैं कि आम आदमी में जागरूकता की कमी के चलते डेंगू मच्छर पनप रहे हैं। चूंकि यह मच्छर साफ पानी में पैदा होते हैं ऐसे में सभी को चाहिए कि वह अपने आसपास पानी एकत्रित न होने दें। इसके लिए अभियान भी चलाया जा रहा है। सभी संभावित स्थलों पर छिड़काव व फागिंग भी कराया जा रहा है।
सीएमओ डा. एके गुप्ता ने कहा कि डेंगू की चपेट में आने वाले मरीजों की जांच जिला अस्पताल होती है। इसके नाते कोई मौत नहीं हुई। समय से इलाज किया गया है। तेज बुखार के लिए जिले में सीएचसी पर ईटीसी स्थापित कर वहां दवा आदि की समुचित व्यवस्था की गई है। लोगों को जागरूक करने का भी काम स्वास्थ्य विभाग कर रहा है।