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लाखों रुपये लेकर एजेंसी और अभिकर्ता फरार, हंगामा
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Fri, 19 Jan 2018 08:43 PM IST
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पुलिस चौकी के सामने प्रदर्शन करते ठगी के शिकार लोग।
- फोटो : Amar Ujala
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लोगों का खाता खुलवाकर लाभ देने का झांसा देकर एक करोड़ रुपये से अधिक की रकम लेकर एजेंसी और उसकी अभिकर्ता फरार हो गई। शुक्रवार को एजेंसी के दफ्तर और फिर अभिकर्ता के घर पर ताला बंद देखकर उपभोक्ता पुलिस चौकी पर पहुंचे और जमकर हंगामा किया। सूचना पर पहुंचे इंस्पेक्टर ने तहरीर ली और फिर कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को लौटाया। पुलिस अभिकर्ता की तलाश में लगी है।
पादरी बाजार में विश्वामित्र लिमिटेड नाम से एक चिटफंड कंपनी खुली थी। पास की ही पिंकी सिंह पत्नी कमलेश सिंह अभिकर्ता के रूप में काम शुरू की और गुलरिया, शाहपुर इलाके के कई गांवों के लोगों का खाता खुलवाया गया। बकायदा पासबुक भी जारी कर दिया गया। तीन साल से लोग रोजाना, महीने और फिक्स रकम अभिकर्ता के माध्यम से जमा करते रहे। समय सीमा पूरा होने के बाद लोग अभिकर्ता के पास पहुंचे। अभिकर्ता की ओर से नए-नए बहाने बनाने से आजिज लोग कंपनी का पता लगाए और फिर दफ्तर पर पहुंचे। वहां पर ताला बंद मिला।
पास में पूछने पर पता चला कि एक साल पहले ही कंपनी वाले जा चुके हैं। इसके बाद लाग अभिकर्ता के यहां पर पहुंचे तो वहां पर भी ताला बंद मिला। फिर खाताधारक चौकी पर पहुंचकर प्रदर्शन करने लगे। हरसेवकपुर नंबर दो निवासी शिवधर चौहान ने बताया कि तीन साल से वह कंपनी में रकम जमा कर रहे थे, जिसकी रसीद भी मिली। एक लाख से अधिक रुपये जमा कर चुके हैं।
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पादरी बाजार के रहने वाले शिवबालक सिंह इस कंपनी में 2015 से रकम जमा कर रहे हैं। लगभग 72000 रुपये जमा कर चुके थे, जिसकी अदायगी लगभग डेढ़ लाख रुपये होनी थी। सोनबरसी देवी बैंक में लगभग एक लाख रुपये जमा की थी। इस बारे में शाहपुर के इंस्पेक्टर घनश्याम तिवारी ने बताया कि घटना की जानकारी हुई है। जांच की जा रही है। केस दर्ज कर आरोपियों पर कार्रवाई की जाएगी।
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पादरी बाजार में विश्वामित्र लिमिटेड नाम से एक चिटफंड कंपनी खुली थी। पास की ही पिंकी सिंह पत्नी कमलेश सिंह अभिकर्ता के रूप में काम शुरू की और गुलरिया, शाहपुर इलाके के कई गांवों के लोगों का खाता खुलवाया गया। बकायदा पासबुक भी जारी कर दिया गया। तीन साल से लोग रोजाना, महीने और फिक्स रकम अभिकर्ता के माध्यम से जमा करते रहे। समय सीमा पूरा होने के बाद लोग अभिकर्ता के पास पहुंचे। अभिकर्ता की ओर से नए-नए बहाने बनाने से आजिज लोग कंपनी का पता लगाए और फिर दफ्तर पर पहुंचे। वहां पर ताला बंद मिला।
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पास में पूछने पर पता चला कि एक साल पहले ही कंपनी वाले जा चुके हैं। इसके बाद लाग अभिकर्ता के यहां पर पहुंचे तो वहां पर भी ताला बंद मिला। फिर खाताधारक चौकी पर पहुंचकर प्रदर्शन करने लगे। हरसेवकपुर नंबर दो निवासी शिवधर चौहान ने बताया कि तीन साल से वह कंपनी में रकम जमा कर रहे थे, जिसकी रसीद भी मिली। एक लाख से अधिक रुपये जमा कर चुके हैं।
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पादरी बाजार के रहने वाले शिवबालक सिंह इस कंपनी में 2015 से रकम जमा कर रहे हैं। लगभग 72000 रुपये जमा कर चुके थे, जिसकी अदायगी लगभग डेढ़ लाख रुपये होनी थी। सोनबरसी देवी बैंक में लगभग एक लाख रुपये जमा की थी। इस बारे में शाहपुर के इंस्पेक्टर घनश्याम तिवारी ने बताया कि घटना की जानकारी हुई है। जांच की जा रही है। केस दर्ज कर आरोपियों पर कार्रवाई की जाएगी।