फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   नीर निकुंज वाटर पार्क के मालिकों पर धोखाधड़ी और साजिश का केस

नीर निकुंज वाटर पार्क के मालिकों पर धोखाधड़ी और साजिश का केस

Wed, 19 Jun 2019 01:18 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर। Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Wed, 19 Jun 2019 01:18 AM IST
विज्ञापन
नीर निकुंज वाटर पार्क के मालिकों पर धोखाधड़ी और साजिश का केस
water park - फोटो : अमर उजाला
गोरखपुर। चंपा देवी पार्क में बने नीर निकुंज के पट्टेदार रोहित अग्रवाल समेत आठ लोगों पर जीडीए ने धोखाधड़ी और साजिश रचने के आरोप में केस दर्ज कराया है। रोहित पर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर सात अन्य लोेगों को अपने साथ अवैध रूप से साझेदार बनाने का आरोप है।
विज्ञापन

कैंट थाने में जीडीए के जेई रामगति वर्मा की तरफ से दर्ज कराए केस के मुताबिक चंपा देवी पार्क को जीडीए द्वारा मेसर्स कुक रेस्टोरेंट जरिए 28 अक्तूबर 2005 को रोहित अग्रवाल को पार्क के रखरखाव, सौंदर्यीकरण तथा वाटर पार्क को विकसित करने के लिए बीस साल के लिए लीज पर दिया गया था। पट्टाधारक ने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर सात अन्य लोेगों को अपने साथ अवैध रूप से साझेदार बना लिया। नई फर्म में रोहित अग्रवाल ने मूल फर्म के मुख्य कर्मचारियों को बिना जीडीए की अनुमति से हटा दिया। इतना ही नहीं पट्टे की शर्ताें का उल्लंघन करते हुए वाटर पार्क की जमीन पर विवाह घर चलाने लगे। जीडीए की तरफ से नोटिस देने के बावजूद आरोपी पक्ष ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इस पर इसी साल 26 फरवरी को विवाह घर सील कर दिया गया।
विज्ञापन

दो समारोह की अनुमति बाद खुद ही तोड़ दिए सील

सील की कार्रवाई के बाद पट्टाधारकों ने 7,8 और 9 मार्च को बुकिंग का हवाला देते हुए मानवीय आधार पर कमिश्नर से सशर्त विवाह घर खोलने की अनुमति दे दी। इसके तहत प्रत्येक कार्यक्रम के 25 हजार रुपये जीडीए में जमा कराने थे। कार्यक्रम बीतने के बाद विवाह घर फिर सील किया गया लेकिन पट्टेदारों ने सील तोड़कर 15 और 17 मार्च को भी समारोह का आयोजन करा दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

इनके खिलाफ दर्ज हुआ केस

बहार सहारा इस्टेट निवासी रोहित अग्रवाल वालानी, घोष कंपाउंड निवासी अर्जुन कुमार वालानी, दिनेश कुमार वालानी, पादरी बाजार निवासी आरती अग्रवाल, बेतियाहाता निवासी दीपक अग्रवाल, श्याम विहारी अग्रवाल, अनुज अग्रवाल, अभिषेक अग्रवाल पर धोखाधड़ी, गैर कानूनी समूह का सदस्य होना, सरकारी संपत्ति पर खुद से फैसला करने, करार का उल्लंघन करने, आपराधिक साजिश की धाराओं में केस दर्ज किया गया है।

नीर निकुंज के लिए दी गई जमीन के लीज नियमों का उल्लंघन कर कई अनियमितताएं बरती गईं। मामले की विस्तृत जांच के बाद जेई की तरफ से संबंधित पर मुकदमा दर्ज कराया गया है।

- राम सिंह गौतम, सचिव जीडीए

जीडीए द्वारा दबाव बनाकर उगाही की कोशिश की जा रही है। कारोबारियों से अपराधियों जैसा व्यवहार कर रहे हैं। इसी मामले में एक पुरानी तहरीर दी गई थी लेकिन कानूनी सलाह के बाद जीडीए ने वापस ले लिया था। 17 को नई तहरीर देकर केस दर्ज कराया है। पार्क रहे ना रहे यह प्रतिष्ठा का विषय है। हम लोग कानूनी कार्रवाई लड़ेंगे। तमाम अवैध निर्माण अफसरों की देखरेख में चल रहे हैं।
अर्जुन वालानी, साझेदार, नीर निकुंज

नोट: आपको हमारी यह स्टोरी कैसी लगी इस पर अपना फीडबैक नीचे बने कमेंट बॉक्स में जरूर दें।  
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed