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शशिकला, निशा और गुड़िया ब्लॉक प्रमुख निर्वाचित
siddharthnagar
Updated Fri, 09 Mar 2018 11:22 PM IST
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बढ़नी में ब्लॉक प्रमुख का चुनाव जीतने के बाद गुड़िया अपने समर्थकों के साथ।
- फोटो : अमर उजाला
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सिद्धार्थनगर। कड़ी सुरक्षा के बीच तीन ब्लॉकों में ब्लॉक प्रमुख पद के लिए शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान हुआ। बेहद कड़े मुकाबले के बीच बढ़नी में गुड़िय़ा, मिठवल में निशा और भनवापुर में सुनीता उर्फ शशिकला ने जीत दर्ज की। परिणाम आते ही समर्थक खुशी से झूम उठे। खेसरहा, डुमरियागंज व खुनियांव में पहले ही किरण पांडेय, मांती त्रिपाठी और मनोज मौर्य निर्विरोध प्रमुख चुने जा चुके हैं। देर शाम सभी विजेताओं को विकास भवन स्थित पंचायत चुनाव कार्यालय से नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों को प्रमाण पत्र दिया गया।
तीनों ब्लाक कार्यालयों पूर्वाह्न 11 बजे से मतदान की प्रक्रिया शुरू हुई और तीन बजे गिनती। भनवापुर ब्लाक में दोनों प्रत्याशी समर्थक व मतदाताओं के अलग-अलग समूह के साथ पहुंचे। यहां कुल 106 में से 105 बीडीसी सदस्यों ने वोट किया। इसमें हियुवा नेता लवकुश ओझा की पत्नी सुनीता उर्फ शशिकला को 54 मत प्राप्त हुए, जबकि पूर्व विधायक जिप्पी तिवारी की पत्नी संध्या तिवारी को महज 48 वोट की मिले। खास बात यह रही कि मतदान के दौरान कुल 58 सदस्यों के कंपेनियन (सहयोगी के जरिए) वोट पड़े।
वहीं, बढ़नी ब्लाक में कुल 73 में से 70 बीडीसी सदस्यों ने मताधिकार का प्रयोग किया। इसमें 46 वोट पाकर गुड़िया विजेता बनी। उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी शांति को महज 21 वोट मिले। तीन मत अवैध रहे। यहां 48 कंपेनियन वोट पड़े। ढेकहरी खुर्द के कृष्णमोहन व गोल्हौरा के सदस्य बबलू वोट देने नहीं पहुंचे, जबकि धनौरा बेदौली के बीडीसी सदस्य नूर मोहम्मद के हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा के चलते जेल में होने के कारण अनुपस्थित रहे।
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उधर, मिठवल ब्लाक में सहायक निर्वाचन अधिकारी ओमप्रकाश के निर्देशन में हुए चुनाव में निशा चौधरी 50 मत पाकर निर्वाचित हुईं। उनकी प्रतिद्वंद्वी सुुभावती को 43 वोट मिले। यहां 12 मत अवैध घोषित हो गए। कुल 106 में से अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित वार्ड संख्या 73 के रिक्त पद पर कोई सदस्य नहीं है। शेष 105 सदस्यों ने वोट किया।
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तीनों ब्लाक कार्यालयों पूर्वाह्न 11 बजे से मतदान की प्रक्रिया शुरू हुई और तीन बजे गिनती। भनवापुर ब्लाक में दोनों प्रत्याशी समर्थक व मतदाताओं के अलग-अलग समूह के साथ पहुंचे। यहां कुल 106 में से 105 बीडीसी सदस्यों ने वोट किया। इसमें हियुवा नेता लवकुश ओझा की पत्नी सुनीता उर्फ शशिकला को 54 मत प्राप्त हुए, जबकि पूर्व विधायक जिप्पी तिवारी की पत्नी संध्या तिवारी को महज 48 वोट की मिले। खास बात यह रही कि मतदान के दौरान कुल 58 सदस्यों के कंपेनियन (सहयोगी के जरिए) वोट पड़े।
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वहीं, बढ़नी ब्लाक में कुल 73 में से 70 बीडीसी सदस्यों ने मताधिकार का प्रयोग किया। इसमें 46 वोट पाकर गुड़िया विजेता बनी। उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी शांति को महज 21 वोट मिले। तीन मत अवैध रहे। यहां 48 कंपेनियन वोट पड़े। ढेकहरी खुर्द के कृष्णमोहन व गोल्हौरा के सदस्य बबलू वोट देने नहीं पहुंचे, जबकि धनौरा बेदौली के बीडीसी सदस्य नूर मोहम्मद के हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा के चलते जेल में होने के कारण अनुपस्थित रहे।
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उधर, मिठवल ब्लाक में सहायक निर्वाचन अधिकारी ओमप्रकाश के निर्देशन में हुए चुनाव में निशा चौधरी 50 मत पाकर निर्वाचित हुईं। उनकी प्रतिद्वंद्वी सुुभावती को 43 वोट मिले। यहां 12 मत अवैध घोषित हो गए। कुल 106 में से अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित वार्ड संख्या 73 के रिक्त पद पर कोई सदस्य नहीं है। शेष 105 सदस्यों ने वोट किया।