{"_id":"5a70bf974f1c1bb3208b668f","slug":"201517338519-gorakhpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"छात्र की मौत से गुस्साए लोग, हाईवे जाम किया","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
छात्र की मौत से गुस्साए लोग, हाईवे जाम किया
siddharthnagar
Updated Wed, 31 Jan 2018 12:53 AM IST
विज्ञापन
पुलिस कार्यालय के सामने लाोगाों से वार्ता करते एसपी।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिद्धार्थनगर। शिवपति पीजी कॉलेज के बीएससी द्वितीय वर्ष के छात्र मनीष शुक्ला की मौत को हत्या बताते हुए परिजन और ब्राह्मण महासभा के कार्यकर्ता ने मंगलवार को सड़क पर उतर आए। पोस्टमार्टम के बाद गुस्साए लोगों ने शव को एनएच-730 पर रखकर पुलिस ऑफिस के सामने जाम लगा दिया। पूरे मामले में पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए एसओ पर कार्रवाई की मांग की। मौके पर पहुंचे एसपी डॉ.धर्मबीर सिंह ने शोहरतगढ़ की बजाए ढेबरुआ एसओ से मामले की जांच कराने व दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन दिया, तक जाकर लोग माने। इससे करीब एक घंटे तक मार्ग पर आवागमन बाधित रहा।
शिवपति पीजी कॉलेज के हॉस्टल से 21 जनवरी की दोपहर में लापता हुए मनीष शुक्ला की नौ दिन बाद सोमवार को बानगंगा बैराज में शव मिला था। बैराज के दूसरे हिस्से से शव मिलना पुलिस द्वारा गहन छानबीन करने के दावे पर सवाल खड़े कर रहा है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अगर शव नदी में ही था तो गोताखोरों व पुलिस को क्यों नहीं मिला। इससे जाहिर है कि लापता होने के कई दिनों बाद मनीष की हत्या की गई और फिर शव लाकर वहां फेंका दिया गया। शव की हालत से भी ऐसा लग रहा है कि जैसे इसे तीन-चार दिन पहले ही नदी में फेंका गया हो।
पुलिस ने अगर सही ढंग से जांच की होती तो मनीष की मौत नहीं हुई होती। पूरे मामले में शोहरतगढ़ एसओ की भूमिका संदिग्ध है। लिहाजा एसओ पर कार्रवाई करते हुए हत्यारों को कड़ी सजा दी जाए। जाम लगाने वालों में राष्ट्रीय ब्राह्मण महासभा के महासचिव श्यामनारायण चौबे, दीपेंद्र मणि त्रिपाठी, राजेश तिवारी, सुनील वत्स, मनीष, कमलेश दुबे, आशीष शुक्ला, धीरज गुप्ता, पवन उपाध्याय, पवन मिश्र, सचिन गुप्ता, रमाकांत शुक्ल, शशांक सिंह, सनी पांडेय, विनोद चौधरी, विनीत श्रीनेत आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
पांच संदिग्ध हिरासत में, हो रही पूछताछ
मनीष की मौत के मामले में पुलिस ने शक के आधार पर पांच लोगों को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। हॉस्टल व कॉलेज में मनीष के साथियों से भी पुलिस जानकारी जुटा रही है। घटना को रंजिश से भी जोड़कर देखा जा रहा है। कई पहलुओं पर छानबीन में जुटी पुलिस का दावा है कि जल्द ही गुत्थी सुलझा ली जाएगी। एसपी ने जांच में ढेबरुआ एसओ अखिलानंद उपाध्याय की टीम के अलावा एलआईयू की भी टीम लगाया है।
चोट लगने से गई मनीष की जान
सिद्धार्थनगर। मनीष शुक्ला की मौत नदी में डूबने से नहीं, बल्कि सिर पर गहरे चोट के कारण हुई है। पोस्टमार्टम में यह तथ्य सामने आया है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक मौत का मुख्य का कारण सिर में गंभीर चोट रहा है। गहरे घाव के कारण ही मनीष की जान गई। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि चोट कैसे लगी। किसी ने प्रहार किया या नदी में पत्थरों के कारण चोट आई है। फिलहाल इस नए तथ्य ने पुलिस की चुनौती बढ़ा दी है। अभी तक डूबना बताकर पुलिस पल्ला झाड़ती रही है।
विज्ञापन
शिवपति पीजी कॉलेज के हॉस्टल से 21 जनवरी की दोपहर में लापता हुए मनीष शुक्ला की नौ दिन बाद सोमवार को बानगंगा बैराज में शव मिला था। बैराज के दूसरे हिस्से से शव मिलना पुलिस द्वारा गहन छानबीन करने के दावे पर सवाल खड़े कर रहा है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अगर शव नदी में ही था तो गोताखोरों व पुलिस को क्यों नहीं मिला। इससे जाहिर है कि लापता होने के कई दिनों बाद मनीष की हत्या की गई और फिर शव लाकर वहां फेंका दिया गया। शव की हालत से भी ऐसा लग रहा है कि जैसे इसे तीन-चार दिन पहले ही नदी में फेंका गया हो।
विज्ञापन
पुलिस ने अगर सही ढंग से जांच की होती तो मनीष की मौत नहीं हुई होती। पूरे मामले में शोहरतगढ़ एसओ की भूमिका संदिग्ध है। लिहाजा एसओ पर कार्रवाई करते हुए हत्यारों को कड़ी सजा दी जाए। जाम लगाने वालों में राष्ट्रीय ब्राह्मण महासभा के महासचिव श्यामनारायण चौबे, दीपेंद्र मणि त्रिपाठी, राजेश तिवारी, सुनील वत्स, मनीष, कमलेश दुबे, आशीष शुक्ला, धीरज गुप्ता, पवन उपाध्याय, पवन मिश्र, सचिन गुप्ता, रमाकांत शुक्ल, शशांक सिंह, सनी पांडेय, विनोद चौधरी, विनीत श्रीनेत आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
पांच संदिग्ध हिरासत में, हो रही पूछताछ
मनीष की मौत के मामले में पुलिस ने शक के आधार पर पांच लोगों को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। हॉस्टल व कॉलेज में मनीष के साथियों से भी पुलिस जानकारी जुटा रही है। घटना को रंजिश से भी जोड़कर देखा जा रहा है। कई पहलुओं पर छानबीन में जुटी पुलिस का दावा है कि जल्द ही गुत्थी सुलझा ली जाएगी। एसपी ने जांच में ढेबरुआ एसओ अखिलानंद उपाध्याय की टीम के अलावा एलआईयू की भी टीम लगाया है।
चोट लगने से गई मनीष की जान
सिद्धार्थनगर। मनीष शुक्ला की मौत नदी में डूबने से नहीं, बल्कि सिर पर गहरे चोट के कारण हुई है। पोस्टमार्टम में यह तथ्य सामने आया है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक मौत का मुख्य का कारण सिर में गंभीर चोट रहा है। गहरे घाव के कारण ही मनीष की जान गई। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि चोट कैसे लगी। किसी ने प्रहार किया या नदी में पत्थरों के कारण चोट आई है। फिलहाल इस नए तथ्य ने पुलिस की चुनौती बढ़ा दी है। अभी तक डूबना बताकर पुलिस पल्ला झाड़ती रही है।