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मद्यनिषेध के प्रति जागरूक करने का दिया प्रशिक्षण
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गोंडा। जिला ग्राम्य विकास संस्थान झंझरी में गुरुवार को नेशनल एक्शन प्लान फार ड्रग डिमांड रिडक्शन योजना अंतर्गत एक दिवसीय मद्यनिषेध जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें सोशल आडिट, नेहरू युवा केन्द्र वा नर्सिंग छात्रों को प्रशिक्षण दिया गया।
शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर वा दीप प्रज्ज्वलित कर जिला प्रशिक्षण अधिकारी डाक्टर अनिल सिंह ने शुभारंभ किया। प्रशिक्षण के दौरान डाक्टर अनिल सिंह ने कहा कि लोगों को अपने घरों में नशा नहीं, खुशी अपनानी चाहिए। शराब समस्याओं का निदान नहीं समस्याओं की जड़ है।
अत्यधिक शराब के सेवन से लीवर में सूजन, अल्सर, पीलिया, नपुंसकता समेत कई प्रकार की बीमारी लोगों को घेर लेती है। इसलिए कभी भी मद्यपान नहीं करना चाहिए। प्रशिक्षक राजीव द्विवेदी ने कहा कि नशा मुक्ति अभियान चल रहा है।
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इसलिए जिंदगी चुने नशा ना चुनें और नशीले पदार्थों के सेवन से बचने का प्रयास करें। वही रोचक कहानियां भी बीच बीच में सुनाते रहे। प्रशिक्षक फरीद खान, महेश, एलपी मिश्रा ने कहा कि अभिभावक अपने बच्चों को ड्रग्स का शिकार होने से बचाएं, बच्चों के साथ कुछ समय अवश्य दें और उन्हें प्रोत्साहित करें।
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शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर वा दीप प्रज्ज्वलित कर जिला प्रशिक्षण अधिकारी डाक्टर अनिल सिंह ने शुभारंभ किया। प्रशिक्षण के दौरान डाक्टर अनिल सिंह ने कहा कि लोगों को अपने घरों में नशा नहीं, खुशी अपनानी चाहिए। शराब समस्याओं का निदान नहीं समस्याओं की जड़ है।
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अत्यधिक शराब के सेवन से लीवर में सूजन, अल्सर, पीलिया, नपुंसकता समेत कई प्रकार की बीमारी लोगों को घेर लेती है। इसलिए कभी भी मद्यपान नहीं करना चाहिए। प्रशिक्षक राजीव द्विवेदी ने कहा कि नशा मुक्ति अभियान चल रहा है।
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इसलिए जिंदगी चुने नशा ना चुनें और नशीले पदार्थों के सेवन से बचने का प्रयास करें। वही रोचक कहानियां भी बीच बीच में सुनाते रहे। प्रशिक्षक फरीद खान, महेश, एलपी मिश्रा ने कहा कि अभिभावक अपने बच्चों को ड्रग्स का शिकार होने से बचाएं, बच्चों के साथ कुछ समय अवश्य दें और उन्हें प्रोत्साहित करें।