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गोंडा-बाराबंकी की सीमा पर बसे तीन गांव जलमग्न

Sat, 11 Jul 2020 10:18 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 11 Jul 2020 10:18 PM IST
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Three villages on the border of Gonda-Barabanki submerged
गोंडा में करनैलगंज के गोंडा-बाराबंकी सीमा पर बसे माझा रायपुर में बंधे पर मडही रखने की तैयारी करते - फोटो : GONDA
करनैलगंज (गोंडा)। लगातार हो बारिश ने सभी लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गोंडा और बाराबंकी की सीमा पर बसे गांव मांझा रायपुर, परसावल एवं नैपुरा पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। घर हो या खेत हर तरफ पानी ही पानी है। लोग गांव को छोड़कर बांध पर अपना आशियाना बनाने में जुट गए हैं। वहीं बेपरवाह प्रशासन बाढ़ से पीड़ितों की सुध लेने तक नहीं पहुंच रहा है। रविवार से सरयू में आने वाले सैलाब को लेकर भी प्रशासन सतर्क नहीं है और शनिवार से बढ़ना शुरू हुई सरयू रविवार को तबाही मचा सकती है।
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शुक्रवार को शारदा, गिरजा एवं सरयू बैराज से छोड़े गए करीब साढे़ तीन लाख क्यूसेक पानी का शनिवार दोपहर बाद पहुंचना शुरू हो गया। मगर रविवार की सुबह तक सरयू में जलप्रलय की स्थिति बन सकती है। जबकि बरसात और सरयू में बाढ़ का पानी गोंडा जिले के ग्राम नकहरा के तीन मजरों को घेर चुका है। इसके अलावा दोनों जिलों की सीमा पर बसी तीन ग्राम पंचायतों परसावल, नैपुरा एवं माझा रायपुर बाढ़ के पानी से पूरी तरह घिर गए हैं। लोगों के घरों में पानी घुस गया है। गांव के भीतर करीब 5 फीट पानी भरा हुआ है।
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गांव में नाव चल रही है और गांव के लोग अपने घर और आशियाने को छोड़कर सुरक्षित स्थानों की तरफ निकल पड़े हैं। अधिकांश लोग बांध पर बस गए हैं और अपने आशियाने को बनाने में जुटे हुए हैं। सरयू का जलस्तर शुक्रवार से लेकर शनिवार सुबह तक मात्र 33 सेंटीमीटर खतरे के निशान से ऊपर था। मगर दोपहर बाद अचानक नदी का जलस्तर प्रति घंटे 2 सेंटीमीटर के हिसाब से बढ़ना जारी है। शनिवार को छोड़े गए साढे़ तीन लाख क्यूसेक पानी के आने का सिलसिला भी शुरू हो गया है जो रविवार को गोंडा पहुंचेगा।
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ऐसी स्थिति में ग्राम बांसगांव के पास बांध से टकराकर बह रही नदी खतरे को अंजाम दे सकती है। मगर बाढ़ खंड विभाग के अधिकारी खतरे को भांप कर भी खामोश बैठे हैं। बरसात के कारण बांध पर रेन कटस, शाही होल, रेट होल को भी नहीं भरा गया है। जो बांध के लिए खतरा बन सकता है। शनिवार को सरयू खतरे के निशान 106.07 के सापेक्ष 106.496 पर जो 42 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई। लगातार डिस्चार्ज भी बढ़ रहा है। सिंचाई विभाग के अवर अभियंता एमके सिंह बताते हैं कि बांध पूरी तरह सुरक्षित है पानी आने की सूचना पूर्व से है जिसके मद्देनजर बांध पर सुरक्षा की दृष्टि से सारे इंतजाम किए जा चुके हैं।
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