फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gonda News ›   The voters related to delimitation will decide the chairman

Gonda News: परिसीमन से जुड़े मतदाता तय करेंगे चेयरमैन

Fri, 05 May 2023 11:11 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा Updated Fri, 05 May 2023 11:11 PM IST
विज्ञापन
The voters related to delimitation will decide the chairman
गोंडा। इस बार करनैलगंज का चेयरमैन कौन होगा, यह परिसीमन में शामिल हुए नए मतदाता तय करेंगे। बृहस्पतिवार को हुए मतदान के बाद मतदान केंद्र व बूथ वार पड़े मतों में अंकों के जोड़तोड़ का दौर शुरू हो गया है। प्रत्याशी व उनके समर्थक मतों की अंकगणित अपने-अपने पक्ष में बैठाने की जुगत में लग गए हैं। नए विस्तार वाले गांवों के मतदाताओं के मतों पर भाजपा प्रत्याशी की किस्मत का फैसला होगा। सभी की निगाहें ग्रामीण मतदाताओं के मतों पर टिक गईं हैं। हालांकि भाजपा व सपा प्रत्याशी अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं।
विज्ञापन

करनैलगंज नगर पालिका परिषद के चुनाव में नए परिसीमन के बाद जो परिस्थितियां सामने आईं उसमें हिंदू-मुस्लिम अलग-अलग करके चुनाव लड़ने का प्रयास किया गया, मगर ऐसा नहीं हुआ। भाजपा प्रत्याशी रामलली मोदनवाल ने मुस्लिम परिवारों में भी सेंध लगाई है। वहीं, सपा प्रत्याशी रजिया खातून ने हिंदू परिवारों का भी वोट हासिल किया है। ऐसे में चुनावी गणित लगा पाना लोगों के लिए कठिन साबित हो रहा है क्योंकि इससे पहले करनैलगंज नगर पालिका की आबादी में 60 प्रतिशत मुस्लिम व 35 प्रतिशत हिंदू एवं 5 प्रतिशत सिख थे। नगर पालिका परिषद का विस्तार होने के बाद आंकड़ा लगभग 48 प्रतिशत और 52 प्रतिशत का हो गया। जिसमें 48 प्रतिशत हिंदू व सिख और 52 प्रतिशत मुस्लिम हैं। मतदान के दिन परिस्थितियां बिल्कुल अलग दिखाई दीं। मुस्लिम मोहल्लों के मत भी भाजपा को मिले और हिंदुओं की घनी आबादी से भी सपा की प्रत्याशी रजिया खातून को मत मिले।
विज्ञापन

नए परिसीमन वाले गांवों को देखा जाए तो भाजपा वहां से भारी पड़ रही है। जबकि नगर के पुराने हिस्से में सपा भारी पड़ रही है। भाजपा नए परिसीमन वाले गांवों के आधार पर अपनी जीत सुनिश्चित मान रही है। सपा पुराने नगर के मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों के मतों की संख्या के आधार पर अपनी जीत के दावे कर रही है। सिख समुदाय ने भाजपा का साथ दिया। हालांकि, सभी प्रत्याशियों की किस्मत बैलेट बॉक्स में बंद है। अब देखना यह है कि 13 मई को किसके गले में जीत का हार पड़ने वाला है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed