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Gonda News: किसानों की मेहनत पर पानी फेर रही बाढ़

Fri, 11 Sep 2026 12:15 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा Updated Fri, 11 Sep 2026 12:15 AM IST
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Floods are undoing the farmers' hard work
गोंडा में बाढ़ के हातात बयां करतीं तस्वीरें। संवाद
विश्नोहरपुर/उमरी बेगमगंज। नवाबगंज क्षेत्र में बाढ़ अब किसानों की मेहनत पर पानी फेर रही है। जलमग्न खेतों में धान और गन्ने की फसलें गलने लगी हैं। दत्तनगर और साकीपुर में सैकड़ों बीघा फसल पानी में डूबी है। दुल्लापुर में करीब 70 फीसदी परिवारों की आय का सहारा सब्जी की खेती है, लेकिन जलभराव से लौकी, तोरिया, लोबिया, भिंडी और कुंदरू की फसल खराब होने लगी है।
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दत्तनगर के फूलचंद बताते हैं कि खेतों में लंबे समय से पानी भरा है। धान की फसल बचना अब मुश्किल है। गन्ने के पौधे पीले पड़ने लगे हैं और पानी नहीं निकला तो फसल गलने का खतरा है। ज्ञानचंद, ननके, संजय और भलरू समेत कई किसानों की करीब 150 बीघा धान की फसल डूब चुकी है। जगत नारायण सिंह, सुरेश सिंह, प्रदीप सिंह, कुनाऊ, लाले और चिथरू समेत सैकड़ों किसानों के गन्ने के खेत पानी में डूबे हैं। यही हाल साकीपुर, व्योन्दा, तुलसीपुर, चौखड़िया, महंगूपुर, गोकुला, जैतपुर, माझाराठ और दुर्गागंज में है। किसानों का कहना है कि पानी जल्द नहीं निकला तो लागत की भरपाई तो दूर, पूरी फसल हाथ से निकल जाएगी।
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दुल्लापुर में करीब 70 प्रतिशत लोग सब्जी की खेती पर निर्भर हैं। शिव बख्श निषाद के मुताबिक, करीब एक महीने से पानी का आना-जाना लगा है और पिछले 10 दिन से खेतों में पानी रुका है। जय सिंह निषाद ने बताया कि लौकी, तोरिया और लोबिया गलने लगी हैं। भिंडी के खेत भी जलमग्न हैं। रामफल निषाद, जयचंद, सुभाष, मुन्ना प्रसाद, विमल चंद और कर्मवीर समेत सैकड़ों किसानों की आमदनी पर संकट है।
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गांवों की मुश्किलें बरकरार
दत्तनगर के बाशिंदे पानी से घिरे छप्परों में रहने को मजबूर हैं। बैसिया के पास ढेमवा जाने वाला मार्ग कटने के बाद प्रशासन ने बोल्डर और मिट्टी डलवाकर दोपहिया वाहनों के लिए रास्ता बहाल किया है। साकीपुर के अट्ठाईसा, शुक्लापुरवा, टाड़ी और चहलवा मजरे पानी से घिरे हैं। अट्ठाईसा का प्राथमिक विद्यालय भी जलभराव के कारण बंद है। गोकुला के टेपरा में रिंकू यादव तीन दिन से भैंस के साथ रिंग रोड के पास बाढ़ में फंसे हैं।

पशुओं के इलाज के साथ चारे का इंतजाम
दत्तनगर, ऐली परसौली, साकीपुर, महेशपुर और चौखड़िया में पशुपालन विभाग ने चिकित्सा व टीकाकरण शिविर लगाए। पशुओं की जांच कर दवाएं दी गईं और टीकाकरण किया गया। पशुपालकों को सूखे स्थान पर पशु रखने, स्वच्छ पानी और पौष्टिक आहार देने की सलाह दी गई। विभाग की ओर से भूसा वितरित कराया गया। हालांकि ऐली परसौली बाढ़ चौकी पर भूसा वितरण के दौरान ग्रामीणों ने पक्षपात का आरोप लगाया।

खतरे के निशान से 39 सेंटीमीटर ऊपर है सरयू
करनैलगंज। सरयू का जलस्तर बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे 106.460 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान 106.070 मीटर से 39 सेंटीमीटर ऊपर है। 24 घंटे में करीब 10 सेंटीमीटर की गिरावट हुई है। बुधवार सुबह 3,47,864 क्यूसेक के मुकाबले बृहस्पतिवार को पानी का डिस्चार्ज 3,34,242 क्यूसेक रहा। जलस्तर घटने के साथ मैदानी इलाकों में मामूली कटान शुरू हुआ है। बाढ़ कार्य खंड के सहायक अभियंता पंकज कुमार आर्य ने बताया कि फिलहाल किसी तरह का खतरा नहीं है।

गोंडा में बाढ़ के हातात बयां करतीं तस्वीरें। संवाद

गोंडा में बाढ़ के हातात बयां करतीं तस्वीरें। संवाद

गोंडा में बाढ़ के हातात बयां करतीं तस्वीरें। संवाद

गोंडा में बाढ़ के हातात बयां करतीं तस्वीरें। संवाद

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