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राष्ट्रीय खिलौना मेला में शिक्षक कर सकेंगे प्रतिभाग
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गोंडा। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद में 27 फरवरी से 2 मार्च के बीच में पहला राष्ट्रीय खिलौना मेला (नेशनल टॉय फेयर) आयोजित होगा। मेले के माध्यम से शिक्षकों की प्रतिभा का पता लगाने के लिए उनके द्वारा तैयार किए गए खिलौने की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इसके लिए परिषदीय से लेकर माध्यमिक तक के शिक्षकों को आवेदन करना होगा।
यह जानकारी डायट के प्रवक्ता अमित कुमार मिश्र ने दी है। उन्होंने बताया कि जिले के परिषदीय व माध्यमिक के साथ-साथ विभिन्न बोर्ड के निजी व मान्यता प्राप्त विद्यालयों में बड़ी संख्या में प्रतिभाशाली शिक्षक हैं, जो कि सामग्रियों के सहारे खिलौने आदि को बनाने का जुनून रखते हैं।
ऐसी प्रतिभाओं को उभारकर बाहर निकालने व उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने को लेकर कदम उठाए जा रहे हैं। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद उत्तर प्रदेश ने बेसिक व माध्यमिक के साथ-साथ अन्य शिक्षकों की प्रतिभागिता सुनिश्चित कराने को लेकर विभागीय जिम्मेदारों को पत्र भेजा है।
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इसी क्रम में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान दर्जीकुआं के प्राचार्य/ उप शिक्षा निदेशक /मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक विनय मोहन वन द्वारा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी गोंडा एवं जिला विद्यालय निरीक्षक को पत्र भेजा गया है तथा उन्हें अपने स्तर से शिक्षकों की प्रतिभागिता सुनिश्चित कराने को कहा गया है।
शिक्षक किसी भी विषय जैसे हिंदी/अंग्रेजी /विज्ञान /गणित/ इतिहास की समझ विकसित करने के लिए कोई भी खिलौना बनाएंगे खिलौना किसी भी विषय व किसी भी कक्षा के लिए बनाया जा सकता है खिलौना बनाने के दौरान शिक्षक को उसका वीडियो अपनी आवाज सहित रिकॉर्ड करना है। शिक्षक को तैयार किए गए खिलौने की रिपोर्ट भी बनानी है जिसमें वह खिलौना किस विषय, कक्षा, आयु एवं वर्ग के लिए तैयार किया गया है? इसका उल्लेख भी करना है तथा वीडियो बनाकर जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान को भेजना है।
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यह जानकारी डायट के प्रवक्ता अमित कुमार मिश्र ने दी है। उन्होंने बताया कि जिले के परिषदीय व माध्यमिक के साथ-साथ विभिन्न बोर्ड के निजी व मान्यता प्राप्त विद्यालयों में बड़ी संख्या में प्रतिभाशाली शिक्षक हैं, जो कि सामग्रियों के सहारे खिलौने आदि को बनाने का जुनून रखते हैं।
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ऐसी प्रतिभाओं को उभारकर बाहर निकालने व उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने को लेकर कदम उठाए जा रहे हैं। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद उत्तर प्रदेश ने बेसिक व माध्यमिक के साथ-साथ अन्य शिक्षकों की प्रतिभागिता सुनिश्चित कराने को लेकर विभागीय जिम्मेदारों को पत्र भेजा है।
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इसी क्रम में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान दर्जीकुआं के प्राचार्य/ उप शिक्षा निदेशक /मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक विनय मोहन वन द्वारा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी गोंडा एवं जिला विद्यालय निरीक्षक को पत्र भेजा गया है तथा उन्हें अपने स्तर से शिक्षकों की प्रतिभागिता सुनिश्चित कराने को कहा गया है।
शिक्षक किसी भी विषय जैसे हिंदी/अंग्रेजी /विज्ञान /गणित/ इतिहास की समझ विकसित करने के लिए कोई भी खिलौना बनाएंगे खिलौना किसी भी विषय व किसी भी कक्षा के लिए बनाया जा सकता है खिलौना बनाने के दौरान शिक्षक को उसका वीडियो अपनी आवाज सहित रिकॉर्ड करना है। शिक्षक को तैयार किए गए खिलौने की रिपोर्ट भी बनानी है जिसमें वह खिलौना किस विषय, कक्षा, आयु एवं वर्ग के लिए तैयार किया गया है? इसका उल्लेख भी करना है तथा वीडियो बनाकर जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान को भेजना है।