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Gonda News: कहीं 30 तो कहीं 50 किलोमीटर दूर भेजी गईं शिक्षिकाएं
Wed, 07 Jan 2026 11:42 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Wed, 07 Jan 2026 11:42 PM IST
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गोंडा। बेसिक शिक्षा विभाग में चल रही शिक्षकों की समायोजन प्रक्रिया एक बार फिर विवादों में घिर गई है। शिक्षक विहीन व एकल शिक्षक वाले विद्यालयों में कमी दूर करने के उद्देश्य से शुरू की गई इस कवायद में नियमों की अनदेखी व मनमानी के आरोप लग रहे हैं। कई शिक्षिकाओं को 30 से 50 किलोमीटर दूर के विद्यालयों में समायोजित कर दिए जाने से विरोध के सुर तेज हो गए हैं।
सरकार ने वर्ष 2025 में परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए समायोजन प्रक्रिया शुरू की थी। इसके तहत सरप्लस विद्यालयों से जूनियर शिक्षकों को हटाकर शिक्षकविहीन अथवा एकल शिक्षक वाले स्कूलों में तैनात किया जाना था। पहले दो चरणों में शिक्षकों से विकल्प लेकर ऑनलाइन माध्यम से समायोजन किया गया। हालांकि तीसरे चरण में प्रक्रिया जिला स्तरीय समिति को सौंपे जाने के बाद विवाद शुरू हो गया। खंड शिक्षा अधिकारियों पर मनमाने ढंग से सूची तैयार करने के आरोप लगे हैं। 31 दिसंबर को 54 शिक्षकों के समायोजन आदेश व्यक्तिगत रूप से जारी किए गए।
केस एक
30 किमी दूर भेजी गई शिक्षिका
-बेलसर के कंपोजिट विद्यालय माधवपुरवा में तैनात शिक्षिका नेहा श्रीवास्तव का समायोजन 30 किलोमीटर दूर जूनियर हाई स्कूल गंगरौली में कर दिया गया है। यह विद्यालय परसपुर के करीब है। वहीं कंपोजिट विद्यालय धनई पट्टी की शिक्षिका अंकिता का तबादला 31 किलोमीटर दूर जूनियर हाई स्कूल दानपुरवा में कर दिया गया। शिक्षिकाओं को समय पर विद्यालय पहुंचना बड़ी चुनौती बन गई है।
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केस दो
50 किमी दूर हुआ समायोजन
झंझरी ब्लॉक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय बनवरिया में तैनात शिक्षिका रिजवाना को समायोजन के तहत कटरा बाजार ब्लॉक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय मेहरबानाबाद भेजा गया है। यह विद्यालय बहराइच जिले की सीमा के पास स्थित है और जिला मुख्यालय से करीब 50 किमी दूर है। रिजवाना का कहना है कि वहां तक पहुंचने के लिए परिवहन की सुविधा भी पर्याप्त नहीं है और उनसे कोई विकल्प नहीं लिया गया। ऐसे में नियमित रूप से विद्यालय पहुंचना उनके लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
नियम विरुद्ध किए गए समायोजन
यह समायोजन बिल्कुल नियम विरुद्ध है। किसी शिक्षक से विकल्प नहीं लिया गया। मनमाने तरीके से समायोजन कर दिया गया। वहीं न तो समायोजन की पूरी सूची सार्वजनिक की गई और न ही यह स्पष्ट किया गया कि किस प्रक्रिया के तहत कितने शिक्षकों का स्थानांतरण किया गया।
अशोक पांडेय, जिलाध्यक्ष पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ
आपत्तियों की कराई जाएगी जांच
नियमों के अनुरूप ही समायोजन किया गया है। कुछ शिक्षक संगठनों की ओर से आपत्तियां प्राप्त हुई हैं, जिनकी जांच कराई जा रही है। यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी पाई जाती है तो उसे निश्चित रूप से दूर कराया जाएगा।
अमित कुमार सिंह, बीएसए
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सरकार ने वर्ष 2025 में परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए समायोजन प्रक्रिया शुरू की थी। इसके तहत सरप्लस विद्यालयों से जूनियर शिक्षकों को हटाकर शिक्षकविहीन अथवा एकल शिक्षक वाले स्कूलों में तैनात किया जाना था। पहले दो चरणों में शिक्षकों से विकल्प लेकर ऑनलाइन माध्यम से समायोजन किया गया। हालांकि तीसरे चरण में प्रक्रिया जिला स्तरीय समिति को सौंपे जाने के बाद विवाद शुरू हो गया। खंड शिक्षा अधिकारियों पर मनमाने ढंग से सूची तैयार करने के आरोप लगे हैं। 31 दिसंबर को 54 शिक्षकों के समायोजन आदेश व्यक्तिगत रूप से जारी किए गए।
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केस एक
30 किमी दूर भेजी गई शिक्षिका
-बेलसर के कंपोजिट विद्यालय माधवपुरवा में तैनात शिक्षिका नेहा श्रीवास्तव का समायोजन 30 किलोमीटर दूर जूनियर हाई स्कूल गंगरौली में कर दिया गया है। यह विद्यालय परसपुर के करीब है। वहीं कंपोजिट विद्यालय धनई पट्टी की शिक्षिका अंकिता का तबादला 31 किलोमीटर दूर जूनियर हाई स्कूल दानपुरवा में कर दिया गया। शिक्षिकाओं को समय पर विद्यालय पहुंचना बड़ी चुनौती बन गई है।
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केस दो
50 किमी दूर हुआ समायोजन
झंझरी ब्लॉक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय बनवरिया में तैनात शिक्षिका रिजवाना को समायोजन के तहत कटरा बाजार ब्लॉक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय मेहरबानाबाद भेजा गया है। यह विद्यालय बहराइच जिले की सीमा के पास स्थित है और जिला मुख्यालय से करीब 50 किमी दूर है। रिजवाना का कहना है कि वहां तक पहुंचने के लिए परिवहन की सुविधा भी पर्याप्त नहीं है और उनसे कोई विकल्प नहीं लिया गया। ऐसे में नियमित रूप से विद्यालय पहुंचना उनके लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
नियम विरुद्ध किए गए समायोजन
यह समायोजन बिल्कुल नियम विरुद्ध है। किसी शिक्षक से विकल्प नहीं लिया गया। मनमाने तरीके से समायोजन कर दिया गया। वहीं न तो समायोजन की पूरी सूची सार्वजनिक की गई और न ही यह स्पष्ट किया गया कि किस प्रक्रिया के तहत कितने शिक्षकों का स्थानांतरण किया गया।
अशोक पांडेय, जिलाध्यक्ष पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ
आपत्तियों की कराई जाएगी जांच
नियमों के अनुरूप ही समायोजन किया गया है। कुछ शिक्षक संगठनों की ओर से आपत्तियां प्राप्त हुई हैं, जिनकी जांच कराई जा रही है। यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी पाई जाती है तो उसे निश्चित रूप से दूर कराया जाएगा।
अमित कुमार सिंह, बीएसए