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संचारी रोग नियंत्रण के लिए बनी रणनीति
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गोंडा। स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शुक्रवार को अधीक्षक डॉ. आशुतोष शुक्ल की अध्यक्षता में आशा कार्यकर्ताओं की एक बैठक हुई। इसमें पहली मार्च से प्रारंभ होने वाले प्रदेश शासन की प्राथमिकता में शामिल संचारी रोग नियंत्रण अभियान पर चर्चा हुई।
मच्छर जनित बीमारियों यथा-मलेरिया, चिकुनगुनिया, डेंगू, दिमागी बुखार, फाइलेरिया से मुक्ति पाने के लिए ग्राम स्तर पर जमा कूड़ा के ढेर का समुचित निस्तारण व साफ-सफाई पर जोर दिया गया।
रुके हुए पानी में एंटीलार्वा का छिड़काव, स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय का उपयोग करने, स्वच्छ पेयजल के लिए इंडिया मार्का हैण्डपम्प का पानी पीने आदि विषयों पर चर्चा की गई।
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10 मार्च से शुरू हो रहे दस्तक अभियान के दौरान आशा कार्यकर्त्रियों द्वारा अपने कार्य क्षेत्र के सभी घरों का भ्रमण करना है। परिवार को जे.ई./ए.ई.एस व बुखार आने पर एंबुलेंस सेवा 108 से नजदीकी सरकारी अस्पताल पर पहुंचकर जाँच/उपचार कराने की काउंसिल करना है।
आशा कार्यकर्त्री को बुखार के रोगियों, क्षय रोग के लक्षण युक्त व्यक्तियों, कुपोषित बच्चों, जेई एईएस से विकलांग हुए व्यक्तियों, कार्य क्षेत्र में घटित जन्म-मृत्यु के पंजीकरण की सूची बनानी है। जेई टीकाकरण से छूटे 01-15 वर्ष के बच्चों को दस्तक अभियान के दौरान टीका लगवाना है।
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मच्छर जनित बीमारियों यथा-मलेरिया, चिकुनगुनिया, डेंगू, दिमागी बुखार, फाइलेरिया से मुक्ति पाने के लिए ग्राम स्तर पर जमा कूड़ा के ढेर का समुचित निस्तारण व साफ-सफाई पर जोर दिया गया।
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रुके हुए पानी में एंटीलार्वा का छिड़काव, स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय का उपयोग करने, स्वच्छ पेयजल के लिए इंडिया मार्का हैण्डपम्प का पानी पीने आदि विषयों पर चर्चा की गई।
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10 मार्च से शुरू हो रहे दस्तक अभियान के दौरान आशा कार्यकर्त्रियों द्वारा अपने कार्य क्षेत्र के सभी घरों का भ्रमण करना है। परिवार को जे.ई./ए.ई.एस व बुखार आने पर एंबुलेंस सेवा 108 से नजदीकी सरकारी अस्पताल पर पहुंचकर जाँच/उपचार कराने की काउंसिल करना है।
आशा कार्यकर्त्री को बुखार के रोगियों, क्षय रोग के लक्षण युक्त व्यक्तियों, कुपोषित बच्चों, जेई एईएस से विकलांग हुए व्यक्तियों, कार्य क्षेत्र में घटित जन्म-मृत्यु के पंजीकरण की सूची बनानी है। जेई टीकाकरण से छूटे 01-15 वर्ष के बच्चों को दस्तक अभियान के दौरान टीका लगवाना है।