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Gonda News: एमबीबीएस डॉक्टरों की कमी, आयुष चिकित्सकों के सहारे इलाज
Sun, 20 Sep 2026 11:11 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sun, 20 Sep 2026 11:11 PM IST
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परसपुर के त्योरासी पीएचसी में इलाज करतीं डॉ. शानू सिंह। - संवाद
परसपुर/मसकनवा/वजीरगंज/गोंडा। जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में रविवार को मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। परसपुर क्षेत्र के चार पीएचसी में से तीन में आरबीएसके के डॉक्टरों ने मरीजों का उपचार किया। सिर्फ भौरीगंज सीएचसी में एमबीबीएस चिकित्सक ने मरीज देखे। विभिन्न केंद्रों में बदलते मौसम के कारण सर्दी-जुकाम, खांसी और बुखार के मरीज अधिक पहुंचे।
पीएचसी त्योरासी में आरबीएसके की डॉ. शानू सिंह ने 60 मरीजों की जांच कर उपचार किया। उन्होंने बताया कि ओपीडी में फंगल इंफेक्शन, सांस बढ़ने, गैस-कब्ज, मुंह में छाले और स्किन एलर्जी की शिकायत वाले मरीज पहुंचे। 11 वर्ष का एक बालक पैर में ब्लेड का तार लगने से जख्मी हो गया था। उसकी ड्रेसिंग की गई। केंद्र में हीमोग्लोबिन, टाइफाइड, डेंगू, मलेरिया और शुगर की जांच की सुविधा रही।
पीएचसी मंगुरा बाजार में आरबीएसके के डॉ. रवींद्र नाथ ने 30 और पीएचसी पूरे तिवारी में आरबीएसके के डॉ. दीपक ने 18 मरीजों का उपचार किया। पूरे तिवारी में जांच की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। सीएचसी भौरीगंज में एमबीबीएस डॉ. मुकेश गुप्ता ने 20 मरीजों का इलाज किया।
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वजीरगंज क्षेत्र के पीएचसी पिपरी में 75 और डुमरियाडीह में 68 मरीजों का उपचार हुआ। पिपरी में डॉ. नेहा तिवारी और डुमरियाडीह में डॉ. रागिनी पांडेय ने मरीज देखे। मसकनवा पीएचसी में डॉ. डीसी वर्मा ने 62 मरीजों का उपचार किया। यहां गर्भवती महिलाओं की जांच कर आयरन, कैल्शियम और फोलिक एसिड की दवाएं दी गईं। लैब टेक्नीशियन ने रक्त की जांच और फार्मासिस्टों ने दवाओं का वितरण किया।
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पीएचसी त्योरासी में आरबीएसके की डॉ. शानू सिंह ने 60 मरीजों की जांच कर उपचार किया। उन्होंने बताया कि ओपीडी में फंगल इंफेक्शन, सांस बढ़ने, गैस-कब्ज, मुंह में छाले और स्किन एलर्जी की शिकायत वाले मरीज पहुंचे। 11 वर्ष का एक बालक पैर में ब्लेड का तार लगने से जख्मी हो गया था। उसकी ड्रेसिंग की गई। केंद्र में हीमोग्लोबिन, टाइफाइड, डेंगू, मलेरिया और शुगर की जांच की सुविधा रही।
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पीएचसी मंगुरा बाजार में आरबीएसके के डॉ. रवींद्र नाथ ने 30 और पीएचसी पूरे तिवारी में आरबीएसके के डॉ. दीपक ने 18 मरीजों का उपचार किया। पूरे तिवारी में जांच की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। सीएचसी भौरीगंज में एमबीबीएस डॉ. मुकेश गुप्ता ने 20 मरीजों का इलाज किया।
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वजीरगंज क्षेत्र के पीएचसी पिपरी में 75 और डुमरियाडीह में 68 मरीजों का उपचार हुआ। पिपरी में डॉ. नेहा तिवारी और डुमरियाडीह में डॉ. रागिनी पांडेय ने मरीज देखे। मसकनवा पीएचसी में डॉ. डीसी वर्मा ने 62 मरीजों का उपचार किया। यहां गर्भवती महिलाओं की जांच कर आयरन, कैल्शियम और फोलिक एसिड की दवाएं दी गईं। लैब टेक्नीशियन ने रक्त की जांच और फार्मासिस्टों ने दवाओं का वितरण किया।