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Gonda News: बारिश में गड्ढों ने बढ़ाई हादसों की आशंका
Sat, 19 Sep 2026 11:58 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sat, 19 Sep 2026 11:58 PM IST
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गोंडा में सोनी गुमटी ओवरब्रिज का गड्ढायुक्त एप्रोच मार्ग।
गोंडा। बारिश के बाद सड़कों पर बने गड्ढे अब राहगीरों के लिए मुसीबत के साथ वाहनों की सेहत और लोगों की जेब पर भी भारी पड़ रहे हैं। गोंडा-उतरौला, गोंडा-इटियाथोक-बलरामपुर, आर्यनगर-खरगूपुर और बहलोलपुर नहर पटरी से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बने मार्गों समेत कई सड़कों पर गड्ढों के साथ पत्थर भी उखड़ गए हैं। हल्की बारिश में गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता। इससे हादसों का खतरा बढ़ गया है।
इटियाथोक से गोपालबाग जाने वाला करीब 10 किलोमीटर मार्ग पूरी तरह जर्जर है। जगह-जगह बड़े गड्ढे हैं। इस मार्ग से इटियाथोक और रुपईडीह ब्लॉक के करीब 40 गांवों के लोग और सैकड़ों स्कूली बच्चे रोज गुजरते हैं। पानी भरे गड्ढों में दोपहिया वाहन फिसलने का खतरा बना रहता है। बच्चों और दोपहिया चालकों के लिए स्थिति ज्यादा जोखिम भरी है।
251 लोगों की जा चुकी जान
यातायात विभाग के आंकड़ों के अनुसार जनवरी से 15 सितंबर तक जिले में 482 सड़क हादसे हुए। इनमें 251 लोगों की मौत हुई, जबकि 299 से अधिक लोग घायल हुए हैं। विभागीय जानकारों के मुताबिक खराब सड़क और रोड इंजीनियरिंग भी हादसों के प्रमुख कारणों में शामिल हैं। यातायात प्रभारी जगदंबा गुप्ता ने बताया कि यातायात व्यवस्था बेहतर बनाए रखने के लिए जरूरी प्रयास किए जा रहे हैं।
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रोज आठ-दस वाहन पहुंच रहे मैकेनिक के पास
इटियाथोक में बाइक मैकेनिक सुरेश सोनी ने बताया कि गड्ढों वाली सड़क पर चलने से बाइक का सस्पेंशन, बॉल-बेयरिंग और रिम जल्दी खराब हो रहे हैं। रोजाना आठ से दस वाहन ऐसी ही खराबी लेकर पहुंच रहे हैं। शहीद आजम सरदार भगत सिंह इंटर कॉलेज के पास मैकेनिक रहमत अली ने बताया कि लगातार गड्ढों में चलने से शॉकर, कमानी, टायर, पहिया और सस्पेंशन प्रभावित होते हैं। ऑटो पार्ट्स विक्रेता नसीर मिस्त्री के अनुसार बाइक पर हर दो-तीन महीने में करीब 1,500 से 3,000 रुपये तक अतिरिक्त खर्च आ रहा है। कार और ई-रिक्शा में यह खर्च पांच से आठ हजार रुपये तक पहुंच रहा है।
कम फेरे, कमाई पर भी असर
सालपुर निवासी ई रिक्शा चालक सुनील कुमार ने बताया कि वह बग्गी रोड से मनकापुर बस अड्डे के बीच रोज ई-रिक्शा चलाते हैं। सड़क खराब होने के कारण कई ई रिक्शे पलट चुके हैं और सवारियों को चोटें भी आई हैं। गड्ढों से बचकर चलने में समय अधिक लगता है, जिससे फेरे कम हो गए हैं और रोज की कमाई प्रभावित हो रही है।
सिसऊर अंदूपुर निवासी बाइक चालक शिवपूजन वर्मा ने बताया कि गोंडा-उतरौला मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे और उखड़े पत्थर पड़े हैं। धानेपुर के गूंगीदेई गांव निवासी कार चालक विजय कुमार सिंह ने बताया कि धानेपुर से गोंडा तक जगह-जगह वाहन को तेज झटके लगते हैं। इससे वाहन अनियंत्रित होने का खतरा रहता है।
पत्थर भरकर सड़कों को मोटरेबल किया जा रहा है। गोंडा-उतरौला मार्ग का नवीनीकरण पहले से स्वीकृत है। बारिश और बिटुमिन की कमी के कारण काम प्रभावित हुआ था। जल्द ही गड्ढे भरकर राहगीरों की परेशानी दूर की जाएगी।
- योगेंद्र सिंह, अधीक्षण अभियंता
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इटियाथोक से गोपालबाग जाने वाला करीब 10 किलोमीटर मार्ग पूरी तरह जर्जर है। जगह-जगह बड़े गड्ढे हैं। इस मार्ग से इटियाथोक और रुपईडीह ब्लॉक के करीब 40 गांवों के लोग और सैकड़ों स्कूली बच्चे रोज गुजरते हैं। पानी भरे गड्ढों में दोपहिया वाहन फिसलने का खतरा बना रहता है। बच्चों और दोपहिया चालकों के लिए स्थिति ज्यादा जोखिम भरी है।
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251 लोगों की जा चुकी जान
यातायात विभाग के आंकड़ों के अनुसार जनवरी से 15 सितंबर तक जिले में 482 सड़क हादसे हुए। इनमें 251 लोगों की मौत हुई, जबकि 299 से अधिक लोग घायल हुए हैं। विभागीय जानकारों के मुताबिक खराब सड़क और रोड इंजीनियरिंग भी हादसों के प्रमुख कारणों में शामिल हैं। यातायात प्रभारी जगदंबा गुप्ता ने बताया कि यातायात व्यवस्था बेहतर बनाए रखने के लिए जरूरी प्रयास किए जा रहे हैं।
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रोज आठ-दस वाहन पहुंच रहे मैकेनिक के पास
इटियाथोक में बाइक मैकेनिक सुरेश सोनी ने बताया कि गड्ढों वाली सड़क पर चलने से बाइक का सस्पेंशन, बॉल-बेयरिंग और रिम जल्दी खराब हो रहे हैं। रोजाना आठ से दस वाहन ऐसी ही खराबी लेकर पहुंच रहे हैं। शहीद आजम सरदार भगत सिंह इंटर कॉलेज के पास मैकेनिक रहमत अली ने बताया कि लगातार गड्ढों में चलने से शॉकर, कमानी, टायर, पहिया और सस्पेंशन प्रभावित होते हैं। ऑटो पार्ट्स विक्रेता नसीर मिस्त्री के अनुसार बाइक पर हर दो-तीन महीने में करीब 1,500 से 3,000 रुपये तक अतिरिक्त खर्च आ रहा है। कार और ई-रिक्शा में यह खर्च पांच से आठ हजार रुपये तक पहुंच रहा है।
कम फेरे, कमाई पर भी असर
सालपुर निवासी ई रिक्शा चालक सुनील कुमार ने बताया कि वह बग्गी रोड से मनकापुर बस अड्डे के बीच रोज ई-रिक्शा चलाते हैं। सड़क खराब होने के कारण कई ई रिक्शे पलट चुके हैं और सवारियों को चोटें भी आई हैं। गड्ढों से बचकर चलने में समय अधिक लगता है, जिससे फेरे कम हो गए हैं और रोज की कमाई प्रभावित हो रही है।
सिसऊर अंदूपुर निवासी बाइक चालक शिवपूजन वर्मा ने बताया कि गोंडा-उतरौला मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे और उखड़े पत्थर पड़े हैं। धानेपुर के गूंगीदेई गांव निवासी कार चालक विजय कुमार सिंह ने बताया कि धानेपुर से गोंडा तक जगह-जगह वाहन को तेज झटके लगते हैं। इससे वाहन अनियंत्रित होने का खतरा रहता है।
पत्थर भरकर सड़कों को मोटरेबल किया जा रहा है। गोंडा-उतरौला मार्ग का नवीनीकरण पहले से स्वीकृत है। बारिश और बिटुमिन की कमी के कारण काम प्रभावित हुआ था। जल्द ही गड्ढे भरकर राहगीरों की परेशानी दूर की जाएगी।
- योगेंद्र सिंह, अधीक्षण अभियंता

गोंडा में सोनी गुमटी ओवरब्रिज का गड्ढायुक्त एप्रोच मार्ग।