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अब सच होती दिख रही ‘21वीं सदी नारी सदी’ होने की भविष्यवाणी
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गोंडा के इमलिया गुरदयाल बहराइच रोड पर गायत्री ज्ञान मंदिर में भजन करती महिलाएं।
- फोटो : GONDA
गोंडा। सदगुरूदेव ने 21वीं सदी नारी सदी का उद्घोष किया थाए जो आज सच होता दिख रहा है। हर क्षेत्र में नारियां शीर्ष की ओर पहुंचने को अग्रसर हैं। यह बात ब्रह्मवादिनी कौशल्या यादव ने सोमवार को स्थानीय इमिलिया गुरूदयाल बहराइच रोड पर स्थित गायत्री ज्ञान मंदिर में सोमवार को महिला कार्यकर्ता प्रशिक्षण को संबोधित करते हुए कही।
शांतिकुंज हरिद्वार से आयी ब्रह्मवादिनी टोली ने महिलाओं को सदगुरूदेव पं श्री राम आचार्य द्वारा संस्थापित गायत्री मिशन व विचार क्रांति अभियान के विस्तार से जानकारी। ब्रह्मवादिनी बीना त्रिवेदी ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि अपने जीवन में साधना, स्वाध्याय, संयम व सेवा का आचरण अपनाने पर ही जीवन में परिवर्तन संभव है। अपने जीवन व आचरण में परिवर्तन किये बिना दूसरों को सीख देना कतई उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि परम पूज्य गुरूदेव ने अपने जीवन में आदर्शों का समावेश कर देश ही नहीं विश्व भर में गायत्री परिवार व विचार क्रांति अभियान के मिशन को सफल बनाने का प्रयास किया। इसी सूत्र को अपनाकर ही हम दूसरे को भी प्रेरित करने में सफल हो सकते हैं। ब्रह्मवादिनी अर्चना केसरी ने कहा कि गुरूदेव ने नारा दिया था कि हम बदलेंगे, युग बदलेगा, हम सुधरेंगे, जग सुधरेगा। उन्होंने कहा कि यह नारा ही नहीं महामंत्र है। विचार क्रांति अभियान के मिशन को सफल बनाने के लिए हम सबको सर्वप्रथम इस आदर्श को अपने आचरण में उतारना होगा।
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गायत्री ज्ञान मंदिर के संचालन प्रमुख सुनील जायसवाल व उषा जायसवाल ने सभी आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त कर ब्रह्मवादिनी टोली का भाव भरा स्वागत किया। सभी महिलाओं ने गुरूदेव के आदर्शों को अपने स्तर से विस्तार देने का संकल्प लिया। महिलाओं ने गोष्ठी के दौरान लोगों को प्लास्टिक के न प्रयोग करने हेतु प्रेरित करने के लिए अभियान चलाने का निर्णय लिया। महिलाओं ने कपड़े का बैग भी मुफ्त में वितरित करने की बात कही। इस अवसर पर विद्या मिश्र, सरोज त्रिपाठी, सुनीता गुप्ता, डॉ. अर्पणा अग्रवाल, सोना देवी, विजय लक्ष्मी पांडेय समेत अन्य उपस्थित रहे।
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शांतिकुंज हरिद्वार से आयी ब्रह्मवादिनी टोली ने महिलाओं को सदगुरूदेव पं श्री राम आचार्य द्वारा संस्थापित गायत्री मिशन व विचार क्रांति अभियान के विस्तार से जानकारी। ब्रह्मवादिनी बीना त्रिवेदी ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि अपने जीवन में साधना, स्वाध्याय, संयम व सेवा का आचरण अपनाने पर ही जीवन में परिवर्तन संभव है। अपने जीवन व आचरण में परिवर्तन किये बिना दूसरों को सीख देना कतई उचित नहीं है।
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उन्होंने कहा कि परम पूज्य गुरूदेव ने अपने जीवन में आदर्शों का समावेश कर देश ही नहीं विश्व भर में गायत्री परिवार व विचार क्रांति अभियान के मिशन को सफल बनाने का प्रयास किया। इसी सूत्र को अपनाकर ही हम दूसरे को भी प्रेरित करने में सफल हो सकते हैं। ब्रह्मवादिनी अर्चना केसरी ने कहा कि गुरूदेव ने नारा दिया था कि हम बदलेंगे, युग बदलेगा, हम सुधरेंगे, जग सुधरेगा। उन्होंने कहा कि यह नारा ही नहीं महामंत्र है। विचार क्रांति अभियान के मिशन को सफल बनाने के लिए हम सबको सर्वप्रथम इस आदर्श को अपने आचरण में उतारना होगा।
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गायत्री ज्ञान मंदिर के संचालन प्रमुख सुनील जायसवाल व उषा जायसवाल ने सभी आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त कर ब्रह्मवादिनी टोली का भाव भरा स्वागत किया। सभी महिलाओं ने गुरूदेव के आदर्शों को अपने स्तर से विस्तार देने का संकल्प लिया। महिलाओं ने गोष्ठी के दौरान लोगों को प्लास्टिक के न प्रयोग करने हेतु प्रेरित करने के लिए अभियान चलाने का निर्णय लिया। महिलाओं ने कपड़े का बैग भी मुफ्त में वितरित करने की बात कही। इस अवसर पर विद्या मिश्र, सरोज त्रिपाठी, सुनीता गुप्ता, डॉ. अर्पणा अग्रवाल, सोना देवी, विजय लक्ष्मी पांडेय समेत अन्य उपस्थित रहे।