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Gonda News: नौ साइबर ठग गिरफ्तार, खातों में 14.87 करोड़ रुपये कराए फ्रीज
Sat, 23 May 2026 11:20 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sat, 23 May 2026 11:20 PM IST
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गोंडा में पकड़े गए अमन, कुलदीप, सूरज, रंजीत, आलोक गुप्ता, मोहित, मो. समीर, मो. रफीक व रोहित। स्
गोंडा। पुलिस की साइबर सेल ने साइबर ठगों के अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करके नौ लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के 46 म्यूल खातों में जमा 14 करोड़ 87 लाख की धनराशि फ्रीज कराई गई है। इसके साथ ही भारी मात्रा में बैंक पासबुक, एटीएम किट, आधार कार्ड, मोबाइल फोन, 20,290 रुपये की नकदी व तमाम दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
एसपी विनीत जायसवाल ने बताया कि पकड़े गए साइबर ठग भोले-भाले लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने, बैंक खाता खुलवाने और पैसों का लालच देकर बैंक खाते, एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक और मोबाइल अपने कब्जे में ले लेते थे। कई लोगों के आधार और पैन कार्ड का दुरुपयोग कर फर्जी बैंक खाते भी खुलवाए जाते थे। इन खातों का इस्तेमाल ऑनलाइन गेमिंग, ऑनलाइन ट्रेडिंग और अन्य साइबर धोखाधड़ी की रकम वसूलने के लिए किया जाता था। ठगी की रकम गिरोह के लोग आपस में बांट लेते थे। गिरोह के हर अपराधी को 40 से 60 प्रतिशत तक कमीशन मिलता था।
एसपी ने बताया कि आरोपी विभिन्न जिलों से बैंक खाते और संबंधित दस्तावेज जुटाकर अपने साथियों को उपलब्ध कराते थे, जिनका इस्तेमाल साइबर अपराध में किया जाता था। जांच में कुल 46 बैंक खाते सामने आए। इनमें से 17 खातों के संबंध में एनसीआरपी पोर्टल पर विभिन्न राज्यों से साइबर ठगी की 212 शिकायतें दर्ज मिलीं। शिकायतें दिल्ली, ओडिशा, हरियाणा, बिहार, उत्तराखंड, झारखंड, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश से संबंधित हैं।
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आरोपियों के पास से 347 पासबुक, 177 एटीएम किट, 22 आधार कार्ड, 10 मोबाइल फोन, नौ पैन कार्ड, दो मुहर, एक वोटर आईडी, दो चेकबुक, तीन सिम कार्ड, तीन बाइक व 20,290 रुपये की नकदी बरामद हुई है। नेट बैंकिंग आईडी, पासवर्ड और आपसी चैटिंग से जुड़े डिजिटल साक्ष्य भी मिले हैं। खुलासा करने वाली टीम को एसपी ने 25 हजार रुपये नकद पुरस्कार दिया है।
तकनीकी जांच में खुला मामला
साइबर सेल और नगर कोतवाली पुलिस संदिग्ध बैंक खातों और साइबर ठगी से जुड़े लेनदेन की तकनीकी जांच कर रही थी। इसी दौरान कई ऐसे बैंक खातों की जानकारी मिली, जिनमें विभिन्न राज्यों से साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर की जा रही थी। मोबाइल नंबर, बैंक खातों, आईपी डिटेल्स और डिजिटल लेनदेन की जांच के आधार पर गिरोह के लोगों की पहचान कर उन पर निगरानी बढ़ाई गई। फिर सर्विलांस टीम की मदद से आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपी
अमन सिंह निवासी बगमरवा किंधौरा थाना तरबगंज, गोंडा
कुलदीप वर्मा निवासी लौवावीरपुर थाना नवाबगंज, गोंडा
रोहित सिंह निवासी नायबपुरवा पसका थाना परसपुर, गोंडा
सूरज कुमार सिंह निवासी भंभुवा चंगेरिया कोतवाली करनैलगंज, गोंडा
मोहित सिंह निवासी भदुवा सोमवंशी सालपुर कोतवाली देहात, गोंडा
रंजीत कुमार निवासी छावनी सरकार जेल रोड, कोतवाली नगर, गोंडा
आलोक गुप्ता निवासी पंतनगर कोतवाली नगर, गोंडा
मोहम्मद आरिफ निवासी जाजमऊ, थाना जाजमऊ, कानपुर नगर
मोहम्मद समीर निवासी किदवई नगर थाना बाबूपुरवा, कानपुर नगर
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एसपी विनीत जायसवाल ने बताया कि पकड़े गए साइबर ठग भोले-भाले लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने, बैंक खाता खुलवाने और पैसों का लालच देकर बैंक खाते, एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक और मोबाइल अपने कब्जे में ले लेते थे। कई लोगों के आधार और पैन कार्ड का दुरुपयोग कर फर्जी बैंक खाते भी खुलवाए जाते थे। इन खातों का इस्तेमाल ऑनलाइन गेमिंग, ऑनलाइन ट्रेडिंग और अन्य साइबर धोखाधड़ी की रकम वसूलने के लिए किया जाता था। ठगी की रकम गिरोह के लोग आपस में बांट लेते थे। गिरोह के हर अपराधी को 40 से 60 प्रतिशत तक कमीशन मिलता था।
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एसपी ने बताया कि आरोपी विभिन्न जिलों से बैंक खाते और संबंधित दस्तावेज जुटाकर अपने साथियों को उपलब्ध कराते थे, जिनका इस्तेमाल साइबर अपराध में किया जाता था। जांच में कुल 46 बैंक खाते सामने आए। इनमें से 17 खातों के संबंध में एनसीआरपी पोर्टल पर विभिन्न राज्यों से साइबर ठगी की 212 शिकायतें दर्ज मिलीं। शिकायतें दिल्ली, ओडिशा, हरियाणा, बिहार, उत्तराखंड, झारखंड, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश से संबंधित हैं।
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आरोपियों के पास से 347 पासबुक, 177 एटीएम किट, 22 आधार कार्ड, 10 मोबाइल फोन, नौ पैन कार्ड, दो मुहर, एक वोटर आईडी, दो चेकबुक, तीन सिम कार्ड, तीन बाइक व 20,290 रुपये की नकदी बरामद हुई है। नेट बैंकिंग आईडी, पासवर्ड और आपसी चैटिंग से जुड़े डिजिटल साक्ष्य भी मिले हैं। खुलासा करने वाली टीम को एसपी ने 25 हजार रुपये नकद पुरस्कार दिया है।
तकनीकी जांच में खुला मामला
साइबर सेल और नगर कोतवाली पुलिस संदिग्ध बैंक खातों और साइबर ठगी से जुड़े लेनदेन की तकनीकी जांच कर रही थी। इसी दौरान कई ऐसे बैंक खातों की जानकारी मिली, जिनमें विभिन्न राज्यों से साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर की जा रही थी। मोबाइल नंबर, बैंक खातों, आईपी डिटेल्स और डिजिटल लेनदेन की जांच के आधार पर गिरोह के लोगों की पहचान कर उन पर निगरानी बढ़ाई गई। फिर सर्विलांस टीम की मदद से आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपी
अमन सिंह निवासी बगमरवा किंधौरा थाना तरबगंज, गोंडा
कुलदीप वर्मा निवासी लौवावीरपुर थाना नवाबगंज, गोंडा
रोहित सिंह निवासी नायबपुरवा पसका थाना परसपुर, गोंडा
सूरज कुमार सिंह निवासी भंभुवा चंगेरिया कोतवाली करनैलगंज, गोंडा
मोहित सिंह निवासी भदुवा सोमवंशी सालपुर कोतवाली देहात, गोंडा
रंजीत कुमार निवासी छावनी सरकार जेल रोड, कोतवाली नगर, गोंडा
आलोक गुप्ता निवासी पंतनगर कोतवाली नगर, गोंडा
मोहम्मद आरिफ निवासी जाजमऊ, थाना जाजमऊ, कानपुर नगर
मोहम्मद समीर निवासी किदवई नगर थाना बाबूपुरवा, कानपुर नगर