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रंजिश में भतीजे ने हिस्ट्रीशीटर के संग मिलकर की थी रामबरन की हत्या
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गोंडा। मछरवा गांव के रहने वाले रामबरन मौर्य की हत्या उसके सगे भतीजे ने जमीन की रंजिश में एक हिस्ट्रीशीटर के संग मिलकर की थी। रामबरन की हत्या के लिए हिस्ट्रीशीटर ने उसके भतीजे एक लाख की सुपारी मांग थी। मगर भतीजे के पास रकम पूरी न होने के कारण हिस्ट्रीशीटर ने मात्र 20 हजार लेकर भतीजे संग मिलकर हत्या को अंजाम दिया था। इसका खुलासा करते हुए पुलिस ने आरोपी भतीजे व हिस्ट्रीशीटर को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों के पास से हत्या में प्रयुक्त सूजा भी बरामद हुआ है।
बता दें कि थाना छपिया क्षेत्र के मछमरवा गांव के रहने वाले रामबरन मौर्य 70 अपने घर के मड़हे में सो रहे थे। 7 जुलाई की देर रात सोते समय उनकी नुकीले हथियार से वारकर हत्या कर दी गई थी। मामले में रामबरन के बेटे विनय कुमार मौर्या ने थाना छपिया में अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। हत्या के बाद से ही पुलिस खुलासे का प्रयास कर रही थी। मगर उसके कामयाबी नहीं मिल पा रही थी। पुलिस अधीक्षक शैलेश पांडेय ने बताया कि रामबरन की जमीन को लेकर उसके भतीजे प्रदीप मौर्य से रंजिश थी।
इसी को लेकर प्रदीप ने रामबदरन को रास्ते से हटाने की ठान ली। पूछताछ में प्रदीप ने पुलिस को बताया कि उसने अपने साथी हिस्ट्रीशीटर मायाराम यादव निवासी ग्राम गोली धुसवा थप्पा हथिनी से मिला और पूरी योजना बताई। जिसपर मायाराम ने उससे हत्या के लिए एक लाख रूपए की मांग की। मगर प्रदीप ने मायाराम को बताया कि उसके पास इतने रुपये नहीं हैं, सिर्फ 20 हजार ही वह दे सकता है। जिसपर मायाराम 20 हजार रूपए में ही हत्या को अंजाम देने को तैयार हो गया और दोनों ने मिलकर 22 जुुलाई की राम मड़हे में घुसकर रामबरन की हत्या कर दी।
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बता दें कि थाना छपिया क्षेत्र के मछमरवा गांव के रहने वाले रामबरन मौर्य 70 अपने घर के मड़हे में सो रहे थे। 7 जुलाई की देर रात सोते समय उनकी नुकीले हथियार से वारकर हत्या कर दी गई थी। मामले में रामबरन के बेटे विनय कुमार मौर्या ने थाना छपिया में अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। हत्या के बाद से ही पुलिस खुलासे का प्रयास कर रही थी। मगर उसके कामयाबी नहीं मिल पा रही थी। पुलिस अधीक्षक शैलेश पांडेय ने बताया कि रामबरन की जमीन को लेकर उसके भतीजे प्रदीप मौर्य से रंजिश थी।
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इसी को लेकर प्रदीप ने रामबदरन को रास्ते से हटाने की ठान ली। पूछताछ में प्रदीप ने पुलिस को बताया कि उसने अपने साथी हिस्ट्रीशीटर मायाराम यादव निवासी ग्राम गोली धुसवा थप्पा हथिनी से मिला और पूरी योजना बताई। जिसपर मायाराम ने उससे हत्या के लिए एक लाख रूपए की मांग की। मगर प्रदीप ने मायाराम को बताया कि उसके पास इतने रुपये नहीं हैं, सिर्फ 20 हजार ही वह दे सकता है। जिसपर मायाराम 20 हजार रूपए में ही हत्या को अंजाम देने को तैयार हो गया और दोनों ने मिलकर 22 जुुलाई की राम मड़हे में घुसकर रामबरन की हत्या कर दी।
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