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Gonda News: दुबई में फंसे अमित की वतन वापसी की आस जगी, पीएमओ ने मांगी रिपोर्ट
Mon, 25 May 2026 11:09 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Mon, 25 May 2026 11:09 PM IST
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अमित कुमार।
करनैलगंज। रोजगार की तलाश में दुबई गए नगर के बजरंग नगर मेहंदी हाता निवासी अमित कुमार मौर्य की वतन वापसी की उम्मीद अब बढ़ गई है। चार वर्ष से दुबई में कानूनी मामले में फंसे अमित के प्रकरण पर प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने संज्ञान लिया है।
पीएमओ कार्यालय के संयुक्त सचिव डॉ. बिनय गोगोई ने मामले में विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। अमर उजाला ने 16 मई के अंक में दुबई में फंसे बेटे की वापसी की गुहार शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था।
परिजनों के अनुसार अमित कुमार मौर्य रोजगार और परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के उद्देश्य से दुबई गए थे। इसी दौरान वह एक कानूनी विवाद में फंस गए। दुबई की अदालत ने उन्हें छह माह की सजा और करीब 25 लाख रुपये जुर्माना देने का आदेश सुनाया था। अमित अपनी सजा पूरी कर चुके हैं लेकिन जुर्माने की पूरी राशि जमा न होने के कारण उनकी रिहाई और भारत वापसी अब तक नहीं हो सकी है।
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अमित के पिता राम अशोक मौर्य ने प्रधानमंत्री, विदेश राज्यमंत्री और मुख्यमंत्री को भेजे गए प्रार्थनापत्र में बताया कि उनका परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। बेटे को वापस लाने के लिए परिवार ने रिश्तेदारों और परिचितों से मदद मांगी। अपना घर तक बेच दिया लेकिन पूरी धनराशि का इंतजाम नहीं हो सका।
उन्होंने बताया कि बेटे की चिंता में उनकी पत्नी का कुछ महीने पहले निधन हो गया। वह स्वयं बीमार हैं। वृद्ध पिता ने सरकार से मानवीय आधार पर हस्तक्षेप कर बेटे की सुरक्षित वतन वापसी की गुहार लगाई है।
विश्व कल्याण सेवा संस्थान के अध्यक्ष विनय मौर्य ने बताया कि संस्था की ओर से भारत सरकार से दुबई सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर अमित की वापसी सुनिश्चित कराने की मांग की गई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए पीएमओ ने अब परिवार से पूरे प्रकरण की विस्तृत जानकारी मांगी है। पीएमओ की पहल के बाद परिजनों को उम्मीद है कि जल्द ही कोई सकारात्मक समाधान निकलेगा और अमित चार साल बाद अपने घर लौट सकेंगे।
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पीएमओ कार्यालय के संयुक्त सचिव डॉ. बिनय गोगोई ने मामले में विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। अमर उजाला ने 16 मई के अंक में दुबई में फंसे बेटे की वापसी की गुहार शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था।
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परिजनों के अनुसार अमित कुमार मौर्य रोजगार और परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के उद्देश्य से दुबई गए थे। इसी दौरान वह एक कानूनी विवाद में फंस गए। दुबई की अदालत ने उन्हें छह माह की सजा और करीब 25 लाख रुपये जुर्माना देने का आदेश सुनाया था। अमित अपनी सजा पूरी कर चुके हैं लेकिन जुर्माने की पूरी राशि जमा न होने के कारण उनकी रिहाई और भारत वापसी अब तक नहीं हो सकी है।
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अमित के पिता राम अशोक मौर्य ने प्रधानमंत्री, विदेश राज्यमंत्री और मुख्यमंत्री को भेजे गए प्रार्थनापत्र में बताया कि उनका परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। बेटे को वापस लाने के लिए परिवार ने रिश्तेदारों और परिचितों से मदद मांगी। अपना घर तक बेच दिया लेकिन पूरी धनराशि का इंतजाम नहीं हो सका।
उन्होंने बताया कि बेटे की चिंता में उनकी पत्नी का कुछ महीने पहले निधन हो गया। वह स्वयं बीमार हैं। वृद्ध पिता ने सरकार से मानवीय आधार पर हस्तक्षेप कर बेटे की सुरक्षित वतन वापसी की गुहार लगाई है।
विश्व कल्याण सेवा संस्थान के अध्यक्ष विनय मौर्य ने बताया कि संस्था की ओर से भारत सरकार से दुबई सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर अमित की वापसी सुनिश्चित कराने की मांग की गई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए पीएमओ ने अब परिवार से पूरे प्रकरण की विस्तृत जानकारी मांगी है। पीएमओ की पहल के बाद परिजनों को उम्मीद है कि जल्द ही कोई सकारात्मक समाधान निकलेगा और अमित चार साल बाद अपने घर लौट सकेंगे।