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एच-1बी वीजा पर सख्ती: वेंस बोले- अमेरिकियों की नौकरियां नहीं छिनेंगी; काम के लिए देने होंगे एक करोड़ रुपये
Wed, 16 Sep 2026 07:57 AM IST
अस्मिता त्रिपाठी
एएनआई, वाशिंगटन डी.सी.
एएनआई, वाशिंगटन डी.सी.
Published by: अस्मिता त्रिपाठी
Updated Wed, 16 Sep 2026 07:57 AM IST
सार
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने एच-1बी वीजा कार्यक्रम में सुधार की बात कही। उन्होंने कहा कि इसका इस्तेमाल अमेरिकी कर्मचारियों की जगह कम वेतन वाले विदेशी कर्मचारियों को रखने के लिए नहीं होना चाहिए। आईए जानते हैं उन्होंने और क्या कहा?
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जेडी वेंस, उपराष्ट्रपति, अमेरिका
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
संयुक्त राज्य अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने एच-1बी वीजा प्रोग्राम में सुधार के लिए किए जा रहे प्रशासनिक प्रयासों पर बात की है। इन प्रयासों का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि यह प्रोग्राम घरेलू पेशेवरों की जगह लेने के बजाय बेहतरीन काबिलियत वाले लोगों (टॉप-टियर टैलेंट) पर केंद्रित हो।
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उपराष्ट्रपति वेंस ने क्या कहा?
लोकप्रिय बिजनेस और टेक्नोलॉजी शो 'ऑल-इन पॉडकास्ट' में बोलते हुए, वेंस ने राजनीतिक गतिरोध के कारण विधायी प्रक्रियाओं को दरकिनार करने के पीछे की वजह बताई। उन्होंने कहा, ‘देखिए, हमने सिस्टम में हो रही धोखाधड़ी पर गौर किया और सोचा कि एक तो कांग्रेस इसे बदलने वाला कोई कानून पास नहीं करने वाली है। ऐसा करने के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति ही नहीं है। तो हम प्रशासनिक तौर पर क्या कर सकते हैं ताकि यह पक्का किया जा सके कि अगर कोई टेक कंपनी एच-1बी वीजा हासिल करने की कोशिश करे, तो वह व्यक्ति सच में जीनियस हो।'
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इस पहल के मकसद को लेकर क्या बोले?
इस पहल के मुख्य मकसद के बारे में विस्तार से बताते हुए उन्होंने कहा, 'यह ऐसा व्यक्ति होगा, जो टेक इकोसिस्टम या अमेरिकी अर्थव्यवस्था को काफी बेहतर बनाएगा। आप जानते हैं, आप सिर्फ 60,000 डॉलर कमाने वाले एक अकाउंटेंट की जगह 45,000 डॉलर सालाना कमाने वाले कम वेतन वाले विदेशी अकाउंटेंट को नहीं रख रहे हैं। यह प्रोग्राम इस मकसद के लिए नहीं है।'
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सुरक्षा उपायों पर क्या कहा?
शुरू किए जा रहे खास वित्तीय और सुरक्षा उपायों पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, 'इसलिए हमने 100,000 डॉलर का जुर्माना लगाने का विचार किया है। हम ऐसे तरीकों पर भी विचार कर रहे हैं जिनसे एच-1 बी वीजा का इस्तेमाल करने वाली कंपनियों को बड़ी संख्या में अमेरिकी कर्मचारियों की छंटनी करने से रोका जा सके। तो आप जानते हैं, मुझे इस बारे में एक बात बहुत हैरान करने वाली लगती है कि कोई कंपनी एच-1बी के लिए अप्लाई करती है और कहती है, 'अरे, हमें कर्मचारियों की बहुत जरूरत है।'
कंपनियों की भर्ती प्रक्रियाओं में मौजूद विरोधाभासों को उजागर करते हुए वेंस ने कहा, 'हमें कर्मचारी नहीं मिल रहे हैं। और फिर आप उनके इतिहास पर नजर डालें तो पता चलता है कि उन्होंने 5,000 लोगों को नौकरी से निकाल दिया है। यह तो अजीब बात है।'
'विदेशी कर्मचारियों की तलाश में बाजार नहीं जाना चाहिए'
प्रशासन के कार्यबल विस्थापन पर रुख स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा, 'अगर आप अमेरिकी कर्मचारियों को निकाल रहे हैं, तो आपको उनकी जगह विदेशी कर्मचारियों की तलाश में बाजार नहीं जाना चाहिए। इसलिए हम कानूनी रूप से अनुमत सीमाओं के भीतर ही काम कर रहे हैं। इनमें से कुछ मामलों में हम पर मुकदमे भी हुए हैं, लेकिन मुझे लगता है कि मूल रूप से हम कानून और नीति दोनों के मामले में सही हैं।'
वीजा ढांचे के मूल उद्देश्य को दोहराते हुए उन्होंने कहा, 'एच-1बी वीजा का उद्देश्य अमेरिकी कामगारों को कम वेतन वाले विदेशी कामगारों से बदलना नहीं होना चाहिए। इसका उद्देश्य अमेरिकी अर्थव्यवस्था को समृद्ध करना होना चाहिए। और हम यही सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं।'