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Gonda News: गंभीर मरीजों की दूर होगी परेशानी मिलेगी इलाज की हाईटेक सुविधा
Sun, 22 Oct 2023 12:12 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sun, 22 Oct 2023 12:12 AM IST
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महिला अस्पताल में इस तरह का बनेगा नया वार्ड। -संवाद
महिला अस्पताल में दस लाख से बनेगी हाई डिपेंडेंसी यूनिट
संवाद न्यूज एजेंसी
गोंडा। जिला महिला अस्पताल में गंभीर मरीजों को इलाज की बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के लिए अब हाई डिपेंडेंसी यूनिट (एचडीयू) का निर्माण होगा। आठ बेड वाले इस वार्ड में भर्ती मरीजों को एक मल्टी स्पेशिएलिटी अस्पताल जैसी सुविधाएं मिल सकेगी। इस वार्ड का प्रत्येक बेड मॉनीटर सिस्टम व बाईपेप मशीन से जुड़ेगा। इतना ही नहीं भर्ती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड की सुविधा भी बेड पर ही उपलब्ध होगी।
जिला महिला अस्पताल में हर महीने 350 से अधिक महिलाओं का सिजेरियन प्रसव होता है। ऑपरेशन के दौरान हृदयरोग, सांस व धड़कन संबंधी दिक्कत होने पर हर महीने औसतन 10 से 12 प्रसूताओं को हाई रिस्क फेक्टर के चलते दूसरे उच्च चिकित्सा संस्थान में रेफर करना पड़ता है। जिला अस्पताल में एचडीयू वार्ज की व्यवस्था नहीं हैं। इस परेशानी को दूर करने के लिए अब दस लाख रुपये की लागत से अस्पताल में हाई डिपेंडेंसी यूनिट के निर्माण को मंजूरी मिली है।
आयुष्मान वार्ड की तरह द्वितीय तल पर बनने वाले इस वार्ड के लिए शासन ने बजट भी आवंटित कर दिया है। इससे वातानुकूलित आठ बेड वाले आधुनिक संसाधन युक्त मल्टी स्पेशिएलिटी वार्ड को तैयार किया जाएगा। यहां प्रसव के बाद हाई रिस्क फेक्टर से जुड़ी गंभीर महिलाओं को रखा जाएगा।
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वार्ड में भर्ती मरीजों की निगरानी के लिए नियमित तौर पर एक ईएमओ की ड्यूटी भी रहेगी। इस वार्ड के लिए पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन भी खरीदे जाने की तैयारी है ताकि मरीजों की जांच बेड पर ही होने से उन्हें परेशानी न उठानी पड़े। सीएमएस डॉ. रक्षारानी चतुर्वेदी ने बताया कि अस्पताल के द्वितीय अथवा तृतीय तल पर स्थित किसी एक वार्ड को चिह्नित कर इसे एचडीयू वार्ड के बतौर विकसित कराया जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गोंडा। जिला महिला अस्पताल में गंभीर मरीजों को इलाज की बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के लिए अब हाई डिपेंडेंसी यूनिट (एचडीयू) का निर्माण होगा। आठ बेड वाले इस वार्ड में भर्ती मरीजों को एक मल्टी स्पेशिएलिटी अस्पताल जैसी सुविधाएं मिल सकेगी। इस वार्ड का प्रत्येक बेड मॉनीटर सिस्टम व बाईपेप मशीन से जुड़ेगा। इतना ही नहीं भर्ती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड की सुविधा भी बेड पर ही उपलब्ध होगी।
जिला महिला अस्पताल में हर महीने 350 से अधिक महिलाओं का सिजेरियन प्रसव होता है। ऑपरेशन के दौरान हृदयरोग, सांस व धड़कन संबंधी दिक्कत होने पर हर महीने औसतन 10 से 12 प्रसूताओं को हाई रिस्क फेक्टर के चलते दूसरे उच्च चिकित्सा संस्थान में रेफर करना पड़ता है। जिला अस्पताल में एचडीयू वार्ज की व्यवस्था नहीं हैं। इस परेशानी को दूर करने के लिए अब दस लाख रुपये की लागत से अस्पताल में हाई डिपेंडेंसी यूनिट के निर्माण को मंजूरी मिली है।
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आयुष्मान वार्ड की तरह द्वितीय तल पर बनने वाले इस वार्ड के लिए शासन ने बजट भी आवंटित कर दिया है। इससे वातानुकूलित आठ बेड वाले आधुनिक संसाधन युक्त मल्टी स्पेशिएलिटी वार्ड को तैयार किया जाएगा। यहां प्रसव के बाद हाई रिस्क फेक्टर से जुड़ी गंभीर महिलाओं को रखा जाएगा।
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वार्ड में भर्ती मरीजों की निगरानी के लिए नियमित तौर पर एक ईएमओ की ड्यूटी भी रहेगी। इस वार्ड के लिए पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन भी खरीदे जाने की तैयारी है ताकि मरीजों की जांच बेड पर ही होने से उन्हें परेशानी न उठानी पड़े। सीएमएस डॉ. रक्षारानी चतुर्वेदी ने बताया कि अस्पताल के द्वितीय अथवा तृतीय तल पर स्थित किसी एक वार्ड को चिह्नित कर इसे एचडीयू वार्ड के बतौर विकसित कराया जाएगा।