{"_id":"69613ae336e051ca0205de26","slug":"girls-will-join-ai-and-ict-labs-gonda-news-c-100-1-gon1001-150084-2026-01-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gonda News: एआई व आईसीटी लैब से जुड़ेंगी छात्राएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gonda News: एआई व आईसीटी लैब से जुड़ेंगी छात्राएं
Fri, 09 Jan 2026 10:59 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Fri, 09 Jan 2026 10:59 PM IST
विज्ञापन
गोंडा। जिले के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की छात्राओं के लिए तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में नई शुरुआत होने जा रही है। डिजिटल युग की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जिले के 16 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में आईसीटी (सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी) व एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) लैब का संचालन किया जाएगा।
यह पहल ग्रामीण और वंचित वर्ग की छात्राओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। इन आधुनिक लैब में छात्राओं को कोडिंग, डिजिटल टूल्स, एआई आधारित सॉफ्टवेयर, समस्या समाधान व रचनात्मक सोच से जुड़ा व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलेगा। इससे पढ़ाई केवल किताबों तक सीमित न रहकर तकनीक आधारित अनुभवात्मक शिक्षा में बदल जाएगी। छात्राओं की समझ के साथ-साथ आत्मविश्वास व नवाचार क्षमता भी बढ़ेगी।
जिले में संचालित 17 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में से झंझरी स्थित विद्यालय में आईसीटी-एआई लैब का संचालन इस सत्र से शुरू कर दिया गया है। शेष 16 विद्यालयों में आठ मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर लैब का शुभारंभ किया जाएगा। यह दिन बालिकाओं के तकनीकी सशक्तीकरण का प्रतीक बनेगा।
विज्ञापन
रोजगार के रास्ते खुलेंगे
आईसीटी व एआई जैसी आधुनिक तकनीकों से परिचय छात्राओं को उच्च शिक्षा व भविष्य के रोजगार के बेहतर अवसरों के लिए तैयार करेगा। तकनीकी दक्षता के साथ वे नवाचार आधारित प्रोजेक्ट्स, डिजिटल प्रतियोगिताओं व रचनात्मक गतिविधियों में भी अपनी पहचान बना सकेंगी। लैब के माध्यम से छात्राएं तकनीकी उपकरणों का सुरक्षित व प्रभावी उपयोग भी सीखेंगी।
बालिकाओं को मिलेगी नई उड़ान
बालिकाओं को सशक्त, आत्मनिर्भर व तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए यह पहल की जा रही है। आईसीटी और एआई लैब न केवल शिक्षा को रोचक बनाएंगी, बल्कि छात्राओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए भी तैयार करेंगी। आठ मार्च से सभी कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में आईसीटी-एआई लैब का संचालन शुरू हो जाएगा।
अमित कुमार सिंह, बीएसए
विज्ञापन
यह पहल ग्रामीण और वंचित वर्ग की छात्राओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। इन आधुनिक लैब में छात्राओं को कोडिंग, डिजिटल टूल्स, एआई आधारित सॉफ्टवेयर, समस्या समाधान व रचनात्मक सोच से जुड़ा व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलेगा। इससे पढ़ाई केवल किताबों तक सीमित न रहकर तकनीक आधारित अनुभवात्मक शिक्षा में बदल जाएगी। छात्राओं की समझ के साथ-साथ आत्मविश्वास व नवाचार क्षमता भी बढ़ेगी।
विज्ञापन
जिले में संचालित 17 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में से झंझरी स्थित विद्यालय में आईसीटी-एआई लैब का संचालन इस सत्र से शुरू कर दिया गया है। शेष 16 विद्यालयों में आठ मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर लैब का शुभारंभ किया जाएगा। यह दिन बालिकाओं के तकनीकी सशक्तीकरण का प्रतीक बनेगा।
विज्ञापन
रोजगार के रास्ते खुलेंगे
आईसीटी व एआई जैसी आधुनिक तकनीकों से परिचय छात्राओं को उच्च शिक्षा व भविष्य के रोजगार के बेहतर अवसरों के लिए तैयार करेगा। तकनीकी दक्षता के साथ वे नवाचार आधारित प्रोजेक्ट्स, डिजिटल प्रतियोगिताओं व रचनात्मक गतिविधियों में भी अपनी पहचान बना सकेंगी। लैब के माध्यम से छात्राएं तकनीकी उपकरणों का सुरक्षित व प्रभावी उपयोग भी सीखेंगी।
बालिकाओं को मिलेगी नई उड़ान
बालिकाओं को सशक्त, आत्मनिर्भर व तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए यह पहल की जा रही है। आईसीटी और एआई लैब न केवल शिक्षा को रोचक बनाएंगी, बल्कि छात्राओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए भी तैयार करेंगी। आठ मार्च से सभी कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में आईसीटी-एआई लैब का संचालन शुरू हो जाएगा।
अमित कुमार सिंह, बीएसए