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जल्द अमीर बनने के सपना ले डूबा डॉ. प्रीती को
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गोंडा। एससीपीएम मेडिकल कॉलेज के छात्र गौरव हालदार का हनी ट्रैप के जरिए अपने साथियों संग अपहरण करने की आरोपी डॉ. प्रीति मेहरा का जन्म हरियाणा के छोटे से जिले झज्जर के थाना दुजाना क्षेत्र के धौर गांव में हुआ था।
बचपन से ही चंचल प्रीति ने जब पढ़ाई शुरू की तो सपने भी बड़े देखना शुरू कर दिया। उसका सपना था चिकित्सक बनना। जिसको उसने पूरा किया और दिल्ली के एक निजी अस्पताल में नौकरी करने लगी। मगर हाईफाई जिंदगी जीने का सपना निजी अस्पताल की नौकरी में मिल रही सैलरी से पूरा होता नहीं दिख रहा था।
इसी बीच इसी अस्पताल में कार्यरत गोंडा के वजीरगंज के अचलपुर के रहने वाले डॉ. अभिषेक सिंह से प्रीति की मुलाकात हुई और दोनों में दोस्ती हो गई। दोनों ही छोटे शहर थे। इसलिए दोनों ने अमीर बनने का सपना एक साथ बुनना शुरू किया। इसी सपने को पूरा करने के लिए डॉ. प्रीति ने गौरव को अपने प्रेमजाल में फंसाकर उसका अपहरण कर लिया।
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डॉ. प्रीति की तलाश में पिछले 13 दिनों से भटक रही गोंडा पुलिस की टीम दिल्ली में डॉ. प्रीति के जानने वालों से संपर्क में थी। मगर पुलिस टीम को कोई प्रीति के बारे में कोई खास जानकारी नहीं मिल पा रही थी। डॉ. प्रीति दिल्ली के जिस फ्लैट में रहती थी।
वहां उसके पिता और चाचा भी कभी कभार उससे मिलने आया करते थे। पुलिस टीम ने फ्लैट के पास के लोगों को खंगालना शुरू किया तो उसे पास के एक व्यक्ति ने डॉ. प्रीति के पिता व चाचा का नंबर मुहैय्या करा दिया।
पिता व चाचा का नंबर पुलिस के लिए अंधेरे में जलते हुए चिराग की रोशनी से कम नहीं था। इसके बाद पुलिस ने जब दोनों के नंबरों को सर्विलांस पर लिया तो हरियाणा के झज्जर जिले का लोकेशन मिला। इसके बाद गोंडा पुलिस हरियाणा उसके गांव पहुंच गई। जहां से आरोपी डॉ. प्रीति को गिरफ्तार कर लिया गया।
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बचपन से ही चंचल प्रीति ने जब पढ़ाई शुरू की तो सपने भी बड़े देखना शुरू कर दिया। उसका सपना था चिकित्सक बनना। जिसको उसने पूरा किया और दिल्ली के एक निजी अस्पताल में नौकरी करने लगी। मगर हाईफाई जिंदगी जीने का सपना निजी अस्पताल की नौकरी में मिल रही सैलरी से पूरा होता नहीं दिख रहा था।
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इसी बीच इसी अस्पताल में कार्यरत गोंडा के वजीरगंज के अचलपुर के रहने वाले डॉ. अभिषेक सिंह से प्रीति की मुलाकात हुई और दोनों में दोस्ती हो गई। दोनों ही छोटे शहर थे। इसलिए दोनों ने अमीर बनने का सपना एक साथ बुनना शुरू किया। इसी सपने को पूरा करने के लिए डॉ. प्रीति ने गौरव को अपने प्रेमजाल में फंसाकर उसका अपहरण कर लिया।
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डॉ. प्रीति की तलाश में पिछले 13 दिनों से भटक रही गोंडा पुलिस की टीम दिल्ली में डॉ. प्रीति के जानने वालों से संपर्क में थी। मगर पुलिस टीम को कोई प्रीति के बारे में कोई खास जानकारी नहीं मिल पा रही थी। डॉ. प्रीति दिल्ली के जिस फ्लैट में रहती थी।
वहां उसके पिता और चाचा भी कभी कभार उससे मिलने आया करते थे। पुलिस टीम ने फ्लैट के पास के लोगों को खंगालना शुरू किया तो उसे पास के एक व्यक्ति ने डॉ. प्रीति के पिता व चाचा का नंबर मुहैय्या करा दिया।
पिता व चाचा का नंबर पुलिस के लिए अंधेरे में जलते हुए चिराग की रोशनी से कम नहीं था। इसके बाद पुलिस ने जब दोनों के नंबरों को सर्विलांस पर लिया तो हरियाणा के झज्जर जिले का लोकेशन मिला। इसके बाद गोंडा पुलिस हरियाणा उसके गांव पहुंच गई। जहां से आरोपी डॉ. प्रीति को गिरफ्तार कर लिया गया।