{"_id":"6a25b9589fa4b3afc30e67ad","slug":"dongle-becomes-inactive-as-soon-as-pradhans-tenure-ends-gonda-news-c-100-1-gon1041-159901-2026-06-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gonda News: प्रधानों का कार्यकाल खत्म होते ही डोंगल निष्क्रिय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gonda News: प्रधानों का कार्यकाल खत्म होते ही डोंगल निष्क्रिय
Mon, 08 Jun 2026 12:02 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Mon, 08 Jun 2026 12:02 AM IST
विज्ञापन
बेलसर। विकास खंड के सभी 48 ग्राम पंचायतों के प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त होते ही डोंगल (डिजिटल सिग्नेचर) निष्क्रिय हो गए हैं। अब गांवों में विकास कार्यों की कमान प्रशासकों के हाथ में होगी, किंतु उनके अधिकार सीमित कर दिए गए हैं। प्रशासकों के डोंगल बनने की प्रक्रिया जारी है। इसके बाद पंचायतों के विकास कार्यों में तेजी आने की संभावना है।
डीएम ने दो जून 2026 को पत्र जारी कर प्रशासक नामित किए गए निवर्तमान ग्राम प्रधानों के नीतिगत फैसले लेने पर रोक लगा दी है। अब कोई भी नया काम स्वत: शुरू नहीं कराया जा सकेगा। अत्यंत जरूरी परिस्थितियों में डीपीआरओ के माध्यम से डीएम से पूर्व अनुमति लेनी होगी। प्रशासक मनोनयन से पूर्व स्वीकृत या संचालित कार्य प्रभावित नहीं होंगे।
बीडीओ रवि गुप्त ने बताया कि जुलाई माह से यह योजना वीबी-जी रामजी नाम से संचालित होगी। इसके तहत पुराने मनरेगा जॉब कार्ड बदलकर नए जारी किए जाएंगे। योजना को पारदर्शी बनाने के लिए कार्ड धारकों की ई-केवाईसी कराई जा रही है। एडीओ पंचायत रवि प्रकाश मिश्र ने बताया कि जुलाई खेती-किसानी का महीना होने के कारण इस दौरान कोई सरकारी विकास कार्य नहीं कराया जाएगा।
विज्ञापन
आधे रह गए जॉब कार्ड धारक
ई-केवाईसी की सख्ती के कारण ब्लॉक में जॉब कार्ड धारकों की संख्या में भारी गिरावट आई है। पहले ब्लॉक में लगभग 12 हजार जॉबकार्ड धारक थे। अब केवल 5845 सक्रिय कार्ड धारक बचे हैं। योजना में बदलाव की चर्चा और चुनावी सुगबुगाहट के कारण पिछले छह महीनों में मनरेगा के काम बेहद धीमे रहे। पांच जून को ब्लॉक की 48 ग्राम पंचायतों में मात्र 52 मजदूर ही काम पर तैनात थे।
दिन बढ़े लेकिन नहीं बढ़ी दिहाड़ी
बीडीओ ने बताया कि नई योजना में मजदूरों को साल में 100 के बजाय 125 दिन के रोजगार की गारंटी मिलेगी। सरकार ने योजना का नाम बदलकर कार्य दिवस तो बढ़ा दिए हैं, लेकिन मजदूरी की दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। दरों में संशोधन न होने से धरातल पर योजनाओं के संचालन में दुश्वारियां आ सकती हैं।
विज्ञापन
डीएम ने दो जून 2026 को पत्र जारी कर प्रशासक नामित किए गए निवर्तमान ग्राम प्रधानों के नीतिगत फैसले लेने पर रोक लगा दी है। अब कोई भी नया काम स्वत: शुरू नहीं कराया जा सकेगा। अत्यंत जरूरी परिस्थितियों में डीपीआरओ के माध्यम से डीएम से पूर्व अनुमति लेनी होगी। प्रशासक मनोनयन से पूर्व स्वीकृत या संचालित कार्य प्रभावित नहीं होंगे।
विज्ञापन
बीडीओ रवि गुप्त ने बताया कि जुलाई माह से यह योजना वीबी-जी रामजी नाम से संचालित होगी। इसके तहत पुराने मनरेगा जॉब कार्ड बदलकर नए जारी किए जाएंगे। योजना को पारदर्शी बनाने के लिए कार्ड धारकों की ई-केवाईसी कराई जा रही है। एडीओ पंचायत रवि प्रकाश मिश्र ने बताया कि जुलाई खेती-किसानी का महीना होने के कारण इस दौरान कोई सरकारी विकास कार्य नहीं कराया जाएगा।
विज्ञापन
आधे रह गए जॉब कार्ड धारक
ई-केवाईसी की सख्ती के कारण ब्लॉक में जॉब कार्ड धारकों की संख्या में भारी गिरावट आई है। पहले ब्लॉक में लगभग 12 हजार जॉबकार्ड धारक थे। अब केवल 5845 सक्रिय कार्ड धारक बचे हैं। योजना में बदलाव की चर्चा और चुनावी सुगबुगाहट के कारण पिछले छह महीनों में मनरेगा के काम बेहद धीमे रहे। पांच जून को ब्लॉक की 48 ग्राम पंचायतों में मात्र 52 मजदूर ही काम पर तैनात थे।
दिन बढ़े लेकिन नहीं बढ़ी दिहाड़ी
बीडीओ ने बताया कि नई योजना में मजदूरों को साल में 100 के बजाय 125 दिन के रोजगार की गारंटी मिलेगी। सरकार ने योजना का नाम बदलकर कार्य दिवस तो बढ़ा दिए हैं, लेकिन मजदूरी की दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। दरों में संशोधन न होने से धरातल पर योजनाओं के संचालन में दुश्वारियां आ सकती हैं।