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डीजी होमगार्ड ने जिले के कानून व्यवस्था की परखी हकीकत
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गोंडा में गुरुवार को महानिदेशक होमगार्ड जीएल मीना ने सुनी फरियाद।
- फोटो : GONDA
गोंडा। डीजी होमगार्ड जीएल मीना ने जिले के दूसरे दिन भी भ्रमण कर कानून व्यवस्था परखी। उन्होंने अफसरों के साथ बैठक कर उनसे जिले के हालात की जानकारी लेने के साथ हर हाल में कानून व्यवस्था कायम रखने के लिए कड़े निर्देश दिये। उन्होंने जिला कारागार व पुलिस कार्यालय का जायजा लेने के साथ फरियादियों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनीं।
डीजी जीएल मीना जिले के अधिकारियों के साथ जिला कारागार पहुंचे। वहां पर बाहर बंदियों से मिलाई करने वाले परिजनों के लिए पर्ची काटने वाला भाग निकला। बताया जाता है कि वह लोगों से पैसे वसूल कर उनकी पर्ची बनाता था। डीजी ने जेल की बैरकों के अलावा वहां के अस्पताल का जायजा लिया। चिकित्सक के न मिलने पर नाराजगी जतायी। इसके बाद डीजी पुलिस कार्यालय पहुंचे वहां पर उन्होंने डीसीआरबी, सम्मन सेल, एलआईयू कार्यालय, प्रधान लिपिक कार्यालय आदि का जायजा लिया।
इसके बाद वह पुलिस अधीक्षक कक्ष में एसपी राज करन नय्यर के साथ फरियादियों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने फरियादियों की समस्याओं को संबंधित अधिकारियों को मौके पर भेज कर उसका निस्तारण कराने का निर्देश दिया। डीजी के रात में प्रवास करने की वजह से गोंडा पुलिस रात भर जागती रही। रात में कई क्षेत्र में पुलिस की टीमों की ओर से छानबीन व चेकिंग अभियान चलता रहा।
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अगले माह थानों की पुलिसिंग का होगा टेस्ट
गोंडा। जिले के थानों की पुलिसिंग का अगले माह कड़ा टेस्ट होगा। थाने की पुलिस ने किस किस मामले में कितना कैसा काम किया है डीजी इसकी बारीकी से पड़ताल करने के साथ उसका मौके पर जाकर सत्यापन करेंगे। डीजी होमगार्ड जीएल मीना ने अगले माह फिर गोंडा आने की बात कही है। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि अगले माह तक दोबारा जिले में आना होगा।
उन्होंने कहा कि अगली बार सभी थानों के हालात व उसकी कार्यप्रणाली का जायजा लिया जाएगा। थाने की पुलिस क्या कर रही है क्या किया और क्या किया जाना चाहिए इसकी गहराई से पड़ताल करेंगे। उनकी बात से साफ जाहिर है कि वह कागजी रिपोर्ट के बजाये सही काम पर विश्वास करते हैं और सही पुलिसिंग के तहत क्या क्या किया गया है वह उसकी सच्चाई को टटोलने के लिए मौके पर जाकर लोगों से मिलकर उसका सत्यापन करेंगे।
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डीजी जीएल मीना जिले के अधिकारियों के साथ जिला कारागार पहुंचे। वहां पर बाहर बंदियों से मिलाई करने वाले परिजनों के लिए पर्ची काटने वाला भाग निकला। बताया जाता है कि वह लोगों से पैसे वसूल कर उनकी पर्ची बनाता था। डीजी ने जेल की बैरकों के अलावा वहां के अस्पताल का जायजा लिया। चिकित्सक के न मिलने पर नाराजगी जतायी। इसके बाद डीजी पुलिस कार्यालय पहुंचे वहां पर उन्होंने डीसीआरबी, सम्मन सेल, एलआईयू कार्यालय, प्रधान लिपिक कार्यालय आदि का जायजा लिया।
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इसके बाद वह पुलिस अधीक्षक कक्ष में एसपी राज करन नय्यर के साथ फरियादियों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने फरियादियों की समस्याओं को संबंधित अधिकारियों को मौके पर भेज कर उसका निस्तारण कराने का निर्देश दिया। डीजी के रात में प्रवास करने की वजह से गोंडा पुलिस रात भर जागती रही। रात में कई क्षेत्र में पुलिस की टीमों की ओर से छानबीन व चेकिंग अभियान चलता रहा।
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अगले माह थानों की पुलिसिंग का होगा टेस्ट
गोंडा। जिले के थानों की पुलिसिंग का अगले माह कड़ा टेस्ट होगा। थाने की पुलिस ने किस किस मामले में कितना कैसा काम किया है डीजी इसकी बारीकी से पड़ताल करने के साथ उसका मौके पर जाकर सत्यापन करेंगे। डीजी होमगार्ड जीएल मीना ने अगले माह फिर गोंडा आने की बात कही है। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि अगले माह तक दोबारा जिले में आना होगा।
उन्होंने कहा कि अगली बार सभी थानों के हालात व उसकी कार्यप्रणाली का जायजा लिया जाएगा। थाने की पुलिस क्या कर रही है क्या किया और क्या किया जाना चाहिए इसकी गहराई से पड़ताल करेंगे। उनकी बात से साफ जाहिर है कि वह कागजी रिपोर्ट के बजाये सही काम पर विश्वास करते हैं और सही पुलिसिंग के तहत क्या क्या किया गया है वह उसकी सच्चाई को टटोलने के लिए मौके पर जाकर लोगों से मिलकर उसका सत्यापन करेंगे।