फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gonda News ›   Alcohol being sold in Bihar from Haryana

हरियाणा से खरीद बिहार में बेच रहे शराब

Wed, 26 Jul 2017 11:13 PM IST
amar ujala
amar ujala Updated Wed, 26 Jul 2017 11:13 PM IST
विज्ञापन
वैशाली एक्सप्रेस एक्सप्रेस के एक कोच में रविवार की रात मिली एक पेटी शराब के पीछे किसी और का नहीं बल्कि बिहार में बैठे उन तस्करों का हाथ हैं, जिन्होंने ट्रेन के कोच अटेंडेंट को अपना मोहरा बना रखा था। जिसके जरिए वह हरियाणा से शराब की खरीददारी कर उसे बिहार के शराब तस्करों को दे देता था।
विज्ञापन


जहां से वह इसी शराब की ऊंचे दामों पर बिक्री करते थे। मामले में पांच लोगो के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद जीआरपी अब कोच अटेंडेट के माध्यम से इसकी तस्करी से जुड़े लोगों तक पहुंचने की फिराक में है। जिसके लिए सोमवार को कोच अटेंडेंट के बयान दर्ज किए गए। सूत्रों की मानें तो शराब तस्करी के इस खेल में अकेले कोच अटेंडेंट का ही नहीं है, बल्कि इसमें ट्रेन में तैनात सिपाहियों की भूमिका भी संदेहास्पद है।     
विज्ञापन


गौरतलब है कि रविवार की सुबह दिल्ली से होकर गोंडा आई वैशाली सुपरफास्ट एक्सप्रेस टे्रन में एक महिला का बैग गुम हो गया था। इसी ट्रेन पर सवार होकर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रचारक बालमुकुंद पाण्डेय गोंडा आ रहे थे। महिला और बालमुकुंद पाण्डेय एक ही कोच में थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस कारण वह महिला की मदद के लिए जब आगे आए तो उन्होंने देखा कि ट्रेन का कोच अटेंडेंट नशे में है। स्टेशन पर जब ट्रेन के कोच की तलाशी हुई तो उसमें एक पेटी शराब दिख गई। जो कि बिहार तस्करी के लिए ले जाई जा रही थी। रविवार को सुबह से लेकर रात तक चली जद्दोजहद के बाद इस मामले में कोच अटेंडेंट सहित पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया और बरामद शराब को जब्त कर लिया गया।

सोमवार को इसी मामले में जीआरपी ने कोच अटेेंडेंट से मिलकर उसके बयान दर्ज किए। वहीं अब जीआरपी की नजर बिहार में बैठकर तस्करी का धंधा चला रहे उन मास्टरमाइंड पर है। जो कोच अटेंडेंट को मोहरा बनाकर बिहार में शराब मंगवाते हैं और फिर इसे मंहगे दामों पर बेंचते है।  

   
जीआरपी के पुलिस अधीक्षक डा. धर्मवीर सिंह भी इस बात को मानते हैं कि वैशाली ट्रेन से शराब बिहार में तस्करी के लिए ले जाई जा रही थी। क्योंकि वहां शराब पर पूरी तरह से पाबंदी लगी हुई है। उनके मुताबिक वह इस मामले में हर किसी का बयान दर्ज कर इसकी तह तक जाने से नहीं चूकेंगे। क्योंकि अभी तक यह सिर्फ एक ट्रेन की बात है। पता नहीं ऐसे कितनी ट्रेनों से बिहार में शराब मंगवाई जाती होगी। हालांकि इस पूरे मामले में ट्रेन के स्कॉर्ट में लगे जवानों की भी भूूमिका संदेहास्पद है। इसलिए पूरे मामले को रफा-दफा करने में भी कुछ लोग जुट गए हैं।     
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed