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पांच हजार घूस लेते लेखपाल को पकड़ा
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 30 Jul 2015 11:10 PM IST
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पिता की मौत के बाद पैतृक संपत्ति की वरासत दर्ज कराने के लिए किसान के बेटे से पांच हजार रुपये घूस लेने वाले लेखपाल को गुरुवार दोपहर दौलतपुर बाजार में भ्रष्टाचार निवारण संगठन गोरखपुर एवं फैजाबाद की संयुक्त टीम ने रंगे हाथ दबोच लिया। एंटी करप्शन की टीम लेखपाल को छपिया थाने ले आई।
यहां एंटी करप्शन की टीम फैजाबाद के इंस्पेक्टर ने आरोपी लेखपाल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है। छपिया थाना क्षेत्र के दौलतपुर माफी गांव के रहने वाले अब्दुल कलाम ने बताया कि उसने अपने पिता आस मोहम्मद की मृत्यु के बाद पिता के नाम दर्ज भूमि की वरासत अपने नाम से दर्ज कराने के लिए तहसीलदार मनकापुर व राजस्व निरीक्षक को प्रार्थना पत्र दिया था।
तहसीलदार एवं राजस्व निरीक्षक ने हलका लेखपाल जंग बहादुर ओझा को वरासत दर्ज करने का आदेश भी कर दिया था। मगर हलका लेखपाल वरासत दर्ज कराने के लिए उसे दौड़ाते रहे और बाद में वरासत दर्ज करने को पांच हजार रुपये घूस की मांग की।
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भ्रष्टाचार निवारण संगठन के इंस्पेक्टर सुंदर सिंह सोलंकी ने बताया कि अब्दुल कलाम ने इसकी सूचना उन्हें व एंटी करप्शन गोरखपुर के इंस्पेक्टर अशोक कुमार तिवारी से संपर्क कर पूरी बात बताई। इसके बाद वह गोरखपुर व फैजाबाद की संयुक्त टीम गुरुवार को दौलतपुर बाजार पहुंची।
यहां पहले से बनाई रणनीति पर अब्दुल कलाम ने लेखपाल जंग बहादुर को फोन कर बाजार में ही एक पीपल के पेड़ के पास बुलाया और पांच हजार रुपये देने लगा। तभी लेखपाल को रुपये लेते हुए रंगे हाथ दबोच लिया गया। एंटी करप्शन के इंस्पेक्टर सुंदर सिंह सोलंकी ने थाना छपिया में आरोपी लेखपाल जंग बहादुर ओझा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम व अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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यहां एंटी करप्शन की टीम फैजाबाद के इंस्पेक्टर ने आरोपी लेखपाल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है। छपिया थाना क्षेत्र के दौलतपुर माफी गांव के रहने वाले अब्दुल कलाम ने बताया कि उसने अपने पिता आस मोहम्मद की मृत्यु के बाद पिता के नाम दर्ज भूमि की वरासत अपने नाम से दर्ज कराने के लिए तहसीलदार मनकापुर व राजस्व निरीक्षक को प्रार्थना पत्र दिया था।
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तहसीलदार एवं राजस्व निरीक्षक ने हलका लेखपाल जंग बहादुर ओझा को वरासत दर्ज करने का आदेश भी कर दिया था। मगर हलका लेखपाल वरासत दर्ज कराने के लिए उसे दौड़ाते रहे और बाद में वरासत दर्ज करने को पांच हजार रुपये घूस की मांग की।
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भ्रष्टाचार निवारण संगठन के इंस्पेक्टर सुंदर सिंह सोलंकी ने बताया कि अब्दुल कलाम ने इसकी सूचना उन्हें व एंटी करप्शन गोरखपुर के इंस्पेक्टर अशोक कुमार तिवारी से संपर्क कर पूरी बात बताई। इसके बाद वह गोरखपुर व फैजाबाद की संयुक्त टीम गुरुवार को दौलतपुर बाजार पहुंची।
यहां पहले से बनाई रणनीति पर अब्दुल कलाम ने लेखपाल जंग बहादुर को फोन कर बाजार में ही एक पीपल के पेड़ के पास बुलाया और पांच हजार रुपये देने लगा। तभी लेखपाल को रुपये लेते हुए रंगे हाथ दबोच लिया गया। एंटी करप्शन के इंस्पेक्टर सुंदर सिंह सोलंकी ने थाना छपिया में आरोपी लेखपाल जंग बहादुर ओझा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम व अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है।