{"_id":"5c5db625bdec22736436aab4","slug":"81549645349-gonda-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"5.18 लाख के घोटाले में तीन तकनीकी सहायक बर्खास्त","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
5.18 लाख के घोटाले में तीन तकनीकी सहायक बर्खास्त
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोंडा। जिले के दो विकास खंडों के तीन ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के नाम पर 5.18 लाख के घोटाले का खुलासा जिला स्तरीय अधिकारियों की जांच में हुआ है।
जिलाधिकारी कैप्टन प्रभांशु श्रीवास्तव ने तीनों ग्राम पंचायतों के तकनीकी सहायकों को बर्खास्त करने का आदेश दिया है। इसके अलावा तीनों ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों को निलंबित कर दिया है।
जिलाधिकारी ने इसके साथ ही घपले की धनराशि की वसूली तीनों ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों, ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों और तकनीकी सहायकों से किए जाने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
जिलाधिकारी ने जांच रिपोर्ट मिलने के बाद इंटियाथोक के बेलभरिया गांव में 4 लाख 58 हजार के घोटाले के मामले में वहां के ग्राम पंचायत अधिकारी संतोष कुमार को निलंबित कर दिया है।
इसके साथ ही तकनीकी सहायक दिनेश शुक्ल की सेवा समाप्त कर दिया है। उपायुक्त मनरेगा को कार्रवाई कराने का आदेश दिया है। इसके अलावा गांव की प्रधान रजकला समेत तीनों से बराबर धनराशि की वसूली करने का आदेश दिया है।
इस गांव पंचायत में विसुही नदी पुल के पास तालाब जीर्णोद्वार के नाम पर 5 लाख से अधिक की धनराशि निकाली गई और कार्य में दो लाख 20 हजार का अधिक भुगतान किया गया।
इसी तरह पौधरोपण में 12600 रुपये से अधिक का भुगतान निकाला गया। बच्चलाल के घर से जिलेदार के घर तक मिट्टी व खड़ंजा निर्माण कार्य में दो लाख 14 हजार का अधिक का भुगतान कर घपला किए जाने का खुलासा परियोजना निदेशक सेवाराम चौधरी व उपायुक्त हरिश्चंद्र राम प्रजापति की जांच में हुआ।
इसी तरह कटरा बाजार ब्लाक के जगतापुर व भैंसहा की जांच में घोटाले का मामला उजागर हुआ। ग्राम पंचायत भैंसहा में संदीप के घर से पुरुषोत्तम के खेत तक खड़ंजा निर्माण में 25 हजार 153 रुपए का अधिक भुगतान करके घोटाले का खुलासा हुआ।
जिलाधिकारी ने यहां के तकनीकी सहायक अजय कुमार पांडे को बर्खास्त किया और सचिव विष्णु कुमार प्रजापति को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही प्रधान नन्द किशोर चौबे व दोनों अधिकारियों से घपले की राशि की वसूली का आदेश भी दिया है।
वहीं जगतापुर गांव पंचायत में पक्की सड़क से ननकऊ के खेत तक खड़ंजा निर्माण में 23 हजार 628 रुपये के घोटाले का मामला उजागर हुआ। इस मामले में तकनीकी सहायक उमेश कुमार पांडे को बर्खास्त करने और सचिव बृजेश कुुमार तिवारी को निलंबित करने का आदेश जारी किया है।
साथ ही ग्राम प्रधान कृष्णावती व दोनो कर्मचारियों से घोटाले की राशि के वूसली का भी आदेश दिया है। जिलाधिकारी ने जिला विकास अधिकारी, जिला पंचायत अधिकारी व दोनो ब्लाकों के खंड विकास अधिकारियों को विधिक कार्यवाही करने का भी आदेश दिया है।
तीनों ग्राम पंचायतों की जांच में कूट रचित तरीके से शासकीय धन के दुरुपयोग का मामला सामने आया है। इस मामले में दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इसके साथ ही विधिक कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। कैप्टन प्रभांशु कुमार श्रीवास्तव, डीएम
विज्ञापन
जिलाधिकारी कैप्टन प्रभांशु श्रीवास्तव ने तीनों ग्राम पंचायतों के तकनीकी सहायकों को बर्खास्त करने का आदेश दिया है। इसके अलावा तीनों ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों को निलंबित कर दिया है।
विज्ञापन
जिलाधिकारी ने इसके साथ ही घपले की धनराशि की वसूली तीनों ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों, ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों और तकनीकी सहायकों से किए जाने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
जिलाधिकारी ने जांच रिपोर्ट मिलने के बाद इंटियाथोक के बेलभरिया गांव में 4 लाख 58 हजार के घोटाले के मामले में वहां के ग्राम पंचायत अधिकारी संतोष कुमार को निलंबित कर दिया है।
इसके साथ ही तकनीकी सहायक दिनेश शुक्ल की सेवा समाप्त कर दिया है। उपायुक्त मनरेगा को कार्रवाई कराने का आदेश दिया है। इसके अलावा गांव की प्रधान रजकला समेत तीनों से बराबर धनराशि की वसूली करने का आदेश दिया है।
इस गांव पंचायत में विसुही नदी पुल के पास तालाब जीर्णोद्वार के नाम पर 5 लाख से अधिक की धनराशि निकाली गई और कार्य में दो लाख 20 हजार का अधिक भुगतान किया गया।
इसी तरह पौधरोपण में 12600 रुपये से अधिक का भुगतान निकाला गया। बच्चलाल के घर से जिलेदार के घर तक मिट्टी व खड़ंजा निर्माण कार्य में दो लाख 14 हजार का अधिक का भुगतान कर घपला किए जाने का खुलासा परियोजना निदेशक सेवाराम चौधरी व उपायुक्त हरिश्चंद्र राम प्रजापति की जांच में हुआ।
इसी तरह कटरा बाजार ब्लाक के जगतापुर व भैंसहा की जांच में घोटाले का मामला उजागर हुआ। ग्राम पंचायत भैंसहा में संदीप के घर से पुरुषोत्तम के खेत तक खड़ंजा निर्माण में 25 हजार 153 रुपए का अधिक भुगतान करके घोटाले का खुलासा हुआ।
जिलाधिकारी ने यहां के तकनीकी सहायक अजय कुमार पांडे को बर्खास्त किया और सचिव विष्णु कुमार प्रजापति को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही प्रधान नन्द किशोर चौबे व दोनों अधिकारियों से घपले की राशि की वसूली का आदेश भी दिया है।
वहीं जगतापुर गांव पंचायत में पक्की सड़क से ननकऊ के खेत तक खड़ंजा निर्माण में 23 हजार 628 रुपये के घोटाले का मामला उजागर हुआ। इस मामले में तकनीकी सहायक उमेश कुमार पांडे को बर्खास्त करने और सचिव बृजेश कुुमार तिवारी को निलंबित करने का आदेश जारी किया है।
साथ ही ग्राम प्रधान कृष्णावती व दोनो कर्मचारियों से घोटाले की राशि के वूसली का भी आदेश दिया है। जिलाधिकारी ने जिला विकास अधिकारी, जिला पंचायत अधिकारी व दोनो ब्लाकों के खंड विकास अधिकारियों को विधिक कार्यवाही करने का भी आदेश दिया है।
तीनों ग्राम पंचायतों की जांच में कूट रचित तरीके से शासकीय धन के दुरुपयोग का मामला सामने आया है। इस मामले में दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इसके साथ ही विधिक कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। कैप्टन प्रभांशु कुमार श्रीवास्तव, डीएम