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फरार गोदाम प्रभारियों के खिलाफ गैर जमानती वारण्ट लेगी क्राइमब्रांच
Updated Thu, 09 Aug 2018 12:50 AM IST
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फरार गोदाम प्रभारियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट लेगी क्राइम ब्रांच
गोंडा। अनाज घोटाले में संलिप्त फरार ब्लाक गोदाम प्रभारियों पर क्राइम ब्रांच का शिकंजा कसता जा रहा है। एक पखवारे से गोदाम प्रभारियों का लुका छिपी का खेल चल रहा है।
कई गोदाम प्रभारी भूमिगत हो गये हैं। अब क्राइम ब्रांच सभी के खिलाफ कोर्ट से गैर जमानती वारंट लेने की अर्जी तैयार की है, जिसे टीम दो दिन के अंदर कोर्ट में दाखिल करेगी।
जिले के चर्चित एक करोड़ रुपये से अधिक के अनाज घोटाले में शामिल लोगों की जांच में अब घोटाले की परतें एक एक कर खुलने लगी हैं। घोटाले की जांच कर रही क्राइम ब्रांच की राडार खाद्य एवं रसद विभाग के चार ब्लाक गोदाम प्रभारी आये थे।
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एक पखवारा पहले जांच में लगी अलग अलग टीमों ने पांच ब्लाक गोदामों पर छापा मारा था। टीम ने तरबगंज के गोदाम प्रभारी मनोज शुक्ला को मौके पर ही दबोच लिया था।
उसे क्राइम ब्रांच गिरफ्तार कर जेल भेजवा दिया था, लेकिन बभनजोत ब्लाक के गोदाम प्रभारी संजय कुमार शुक्ला, इटियाथोक के जगदम्बिका सिंह, मुजेहना के शशि भूषण चतुर्वेदी फरार हो गये थे। फरार होने के बाद सभी ने अपने अपने मोबाइल नंबर को बंद कर लिया था।
क्राइम ब्रांच ने इनकी तलाश की लेकिन पता नही चल सका। जांच टीम के सूत्रों की माने तो सभी फरार गोदाम प्रभारियों ने अनाज घोटाले में जमकर खेल किया है। जिस पर विभाग के उच्चाधिकारी मानीटरिंग में गोदाम प्रभारियों के घोटाले के गुनाह पर पर्दा डालते रहे।
इस बात की विभाग से तलब किये अभिलेख भी गवाही दे रहे हैं। अनाज का घोटाला कर इन विपणन निरीक्षकों ने वजीरगंज के गोदाम के अलावा दूसरे निजी गोदामों में अनाज डायवर्ट कराने में अहम रोल निभाया।
इसी आरोप में क्राइम ब्रांच ने सभी को दबोचने के लिए एक साथ छापेमारी की कार्रवाई की थी, लेकिन सभी टीमों के एक साथ न पहुंचने पर गोदामों के बाहर गोदाम प्रभारी व अनाज माफियाओं के मददगारों ने सभी गोदामों पर इसकी सूचना मोबाइल से भेज दी जिससे सभी गोदामों का शटर गिराकर भाग निकलने में कामयाब हो गये थे।
कई प्रयास से हत्थे न चढने पर अब क्राइम ब्रांच इनके खिलाफ कोर्ट में गैर जमानती वारण्ट लेेने जा रही है। इसके बाद टीम इन पर भगोड़ा घोषित कराने के अलावा कुर्की की कार्रवाई का भी खाका खींच रखा है।
कार्रवाई के बजाए दागियों को बचा रहा विभाग
अनाज घोटाले में गिरफ्तारी की कार्रवाई से डर कर फरार हुए गोदाम प्रभारियों पर विभाग के अधिकारी कार्रवाई करने के बजाए उन्हें बचाने के लिए उनसे उनका मेडिकल पर जाने का अप्लीकेशन ले रहे हैं।
अभी तक केवल गिरफ्तार हुए तरबगंज के गोदाम प्रभारी मनोज शुक्ला पर ही निलंबन की कार्रवाई हुई है। जिन गोदामों के प्रभारी फरार है विभाग ने उस गोदाम का चार्ज उस ब्लाक के पास वाले ब्लाक के गोदाम प्रभारी को दे दिया है। इस बावत आरएमओ राजेश कुमार उपाध्याय से बात करने की कोशिश की गई लेकिन उनका मोबाइल नंबर बन्द मिला।
इनसेट
अनाज घोटाले में जांच सही दिशा में चल रही है। खाद्य रसद विभाग के जितने गोदाम प्रभारी फरार हैं उनके गिरफ्तारी का प्रयास चल रहा है, लेकिन अब इनके खिलाफ कोर्ट से गैर जमानती वारंट लेने की तैयारी की गई है। दो दिन में कोर्ट में गैर जमानती वारंट के लिए अर्जी दाखिल की जाएगी।
- इन्द्रजीत यादव, प्रभारी क्राइमब्रांच
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गोंडा। अनाज घोटाले में संलिप्त फरार ब्लाक गोदाम प्रभारियों पर क्राइम ब्रांच का शिकंजा कसता जा रहा है। एक पखवारे से गोदाम प्रभारियों का लुका छिपी का खेल चल रहा है।
कई गोदाम प्रभारी भूमिगत हो गये हैं। अब क्राइम ब्रांच सभी के खिलाफ कोर्ट से गैर जमानती वारंट लेने की अर्जी तैयार की है, जिसे टीम दो दिन के अंदर कोर्ट में दाखिल करेगी।
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जिले के चर्चित एक करोड़ रुपये से अधिक के अनाज घोटाले में शामिल लोगों की जांच में अब घोटाले की परतें एक एक कर खुलने लगी हैं। घोटाले की जांच कर रही क्राइम ब्रांच की राडार खाद्य एवं रसद विभाग के चार ब्लाक गोदाम प्रभारी आये थे।
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एक पखवारा पहले जांच में लगी अलग अलग टीमों ने पांच ब्लाक गोदामों पर छापा मारा था। टीम ने तरबगंज के गोदाम प्रभारी मनोज शुक्ला को मौके पर ही दबोच लिया था।
उसे क्राइम ब्रांच गिरफ्तार कर जेल भेजवा दिया था, लेकिन बभनजोत ब्लाक के गोदाम प्रभारी संजय कुमार शुक्ला, इटियाथोक के जगदम्बिका सिंह, मुजेहना के शशि भूषण चतुर्वेदी फरार हो गये थे। फरार होने के बाद सभी ने अपने अपने मोबाइल नंबर को बंद कर लिया था।
क्राइम ब्रांच ने इनकी तलाश की लेकिन पता नही चल सका। जांच टीम के सूत्रों की माने तो सभी फरार गोदाम प्रभारियों ने अनाज घोटाले में जमकर खेल किया है। जिस पर विभाग के उच्चाधिकारी मानीटरिंग में गोदाम प्रभारियों के घोटाले के गुनाह पर पर्दा डालते रहे।
इस बात की विभाग से तलब किये अभिलेख भी गवाही दे रहे हैं। अनाज का घोटाला कर इन विपणन निरीक्षकों ने वजीरगंज के गोदाम के अलावा दूसरे निजी गोदामों में अनाज डायवर्ट कराने में अहम रोल निभाया।
इसी आरोप में क्राइम ब्रांच ने सभी को दबोचने के लिए एक साथ छापेमारी की कार्रवाई की थी, लेकिन सभी टीमों के एक साथ न पहुंचने पर गोदामों के बाहर गोदाम प्रभारी व अनाज माफियाओं के मददगारों ने सभी गोदामों पर इसकी सूचना मोबाइल से भेज दी जिससे सभी गोदामों का शटर गिराकर भाग निकलने में कामयाब हो गये थे।
कई प्रयास से हत्थे न चढने पर अब क्राइम ब्रांच इनके खिलाफ कोर्ट में गैर जमानती वारण्ट लेेने जा रही है। इसके बाद टीम इन पर भगोड़ा घोषित कराने के अलावा कुर्की की कार्रवाई का भी खाका खींच रखा है।
कार्रवाई के बजाए दागियों को बचा रहा विभाग
अनाज घोटाले में गिरफ्तारी की कार्रवाई से डर कर फरार हुए गोदाम प्रभारियों पर विभाग के अधिकारी कार्रवाई करने के बजाए उन्हें बचाने के लिए उनसे उनका मेडिकल पर जाने का अप्लीकेशन ले रहे हैं।
अभी तक केवल गिरफ्तार हुए तरबगंज के गोदाम प्रभारी मनोज शुक्ला पर ही निलंबन की कार्रवाई हुई है। जिन गोदामों के प्रभारी फरार है विभाग ने उस गोदाम का चार्ज उस ब्लाक के पास वाले ब्लाक के गोदाम प्रभारी को दे दिया है। इस बावत आरएमओ राजेश कुमार उपाध्याय से बात करने की कोशिश की गई लेकिन उनका मोबाइल नंबर बन्द मिला।
इनसेट
अनाज घोटाले में जांच सही दिशा में चल रही है। खाद्य रसद विभाग के जितने गोदाम प्रभारी फरार हैं उनके गिरफ्तारी का प्रयास चल रहा है, लेकिन अब इनके खिलाफ कोर्ट से गैर जमानती वारंट लेने की तैयारी की गई है। दो दिन में कोर्ट में गैर जमानती वारंट के लिए अर्जी दाखिल की जाएगी।
- इन्द्रजीत यादव, प्रभारी क्राइमब्रांच