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मंडल में बिजली चोरी रोकेंगी विजलेंस की 10 टीमें
Updated Tue, 21 Nov 2017 10:46 PM IST
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मंडल में बिजली चोरी रोकेंगी विजलेंस की 10 टीमें
गोंडा। आने वाले दिनों में कोई भी व्यक्ति कटिया डालकर बिजली की चोरी नहीं कर पाएगा। बिजली चोरी पर नकेल कसने के लिए पावर कॉर्पोरेशन ने सभी जिलों के वितरण खंड पर अलग से विजलेंस टीम बनाए जाने का निर्णय लिया है जो सीधे प्रवर्तन निदेशालय से गवर्न होगी और जरूरत पड़ने पर उसे रेड तक की छूट होगी।
इस टीम के पास न सिर्फ खुद के अपने मुखबिर होंगे, बल्कि जेई से लेकर लाइनमैन और टीजी टू भी इस टीम का हिस्सा होंगे। देवीपाटन मंडल के चार जिलों में मौजूदा वक्त छह डिवीजन संचालित हो रहे हैं। जबकि चार नए वितरण खंड (डिवीजन) और खुलने वाले हैं। जहां विजलेंस टीम का गठन किया जाना है।
इसमें गोंडा जिले में वितरण खंड प्रथम व द्वितीय के साथ ही नवसृजित वितरण खंड मनकापुर व करनैलगंज में विजलेंस आफिस खोला जाएगा। जबकि बहराइच में वितरण खंड बहराइच और नानपारा के अलावा नवसृजित वितरण खंड कैसरगंज में भी विजलेंस टीम की अलग से स्थापना होगी। वहीं बलरामपुर में बलरामपुर डिवीजन के अलावा नवसृजित वितरण खंड तुलसीपुर व श्रावस्ती डिवीजन में एक विजलेंस आफिस खुलेगा।
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प्रमुख सचिव ऊर्जा आलोक कुमार ने इसके लिए जोनवार मुख्य अभियंताओं को विजलेंस टीम गठित किए जाने के निर्देश देते हुए एक-एक टीम में एक जूनियर इंजीनियर, एक लाइन मैन व एक टीजी टू की तैनाती किए जाने को कहा है।
सीएमडी ने अपने निर्देश में मुख्य अभियंता को प्रत्येक टीम के लिए एक-एक वाहन भी मुहैया कराए जाने के निर्देश दिए हैं। ताकि टीम को अपना काम करने में किसी तरह की कोई दिक्कत न हो। यह टीम अपने-अपने इलाके में घर-घर जाकर बिजली के कनेक्शन चेक करेगी और जहां कहीं भी बिजली की चोरी पकड़ी जाएगी। ऐसे मामलों में मुकदमा दर्ज कराते हुए आगे की कार्रवाई करेगी।
इतना ही नहीं बिजली चोरी के बड़े मामलों को पकडने के लिए यह टीम प्रवर्तन निदेशालय में तैनात एसपी, एएसपी से परमीशन व आवश्यक पुलिस बल साथ में लेकर रेड मारने तक के लिए हर वक्त तैयार रहेंगे। इसमें अधिशाषी अभियंता (परीक्षण) भी उनके साथ रहेंगे।
टीम के कार्यों की समीक्षा हर महीने पावर कारपोरेशन के अधिकारी व प्रवर्तन विभाग के एसपी करेंगे और उसकी रिपोर्ट ऊपर तक देंगे। बिजली चोरी में एफआईआर दर्ज कराने में अगर टीम के आड़े कोई दिक्कत आ रही है तो इसमें एडीजी विजलेंस उनकी मदद के लिए हर वक्त तैयार रहेंगे। वहीं बिजली चोरी में विभाग के किसी कर्मचारी-अधिकारी की संलिप्तता पाए जाने पर टीम के पास अधिकार होगा कि वह उनके खिलाफ विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 150 में मुकदमा दर्ज कराए।
पहले एक विजलेंस टीम करती थी 10 जिलों की निगरानी
पावर कारपोरेशन के सीएमडी आलोक के इस निर्देश के बाद फैजाबाद में बैठने वाली विजलेंस टीम जो अभी तक 10 जिलों में होने वाली बिजली चोरी पर नजर रखती थी, उसका बोझ 100 फीसदी तक कम हो जाएगा। इस टीम के पास खुद के इंस्पेक्टर, दरोगा और पर्याप्त संख्या में आरक्षियों के अलावा जेई, लाइनमैन होते थे।
जो एक बार एक जिले में छापेमारी करने के बाद कई महीनों तक उस जिले में झांकने नहीं आते थे। लेकिन अब हर जिले के वितरण खंड पर विजलेंस टीम का गठन हो जाने के बाद यह टीम बड़े मामलों में इस टीम को हर संभव सहयोग देने के लिए यहां मौजूद रह सकेगी।
हर जिले के विद्युत वितरण खंड पर विजलेंस टीम गठित करने का अधिकार सीएमडी ने जोनवाइज मुख्य अभियंताओं को दिया है। जिसके तहत प्रत्येक जिले के प्रत्येक वितरण खंड पर विजलेंस टीमें गठित की जानी हैं। इन टीमों का गठन मुख्यतौर पर बिजली चोरी पर नकेस कसने और बिजली के राजस्व में इजाफे के लिए किया गया है। यह टीम विभागीय मुख्य अभियंता व प्रवर्तन निदेशालय से मिलने वाले निर्देशों के अनुपालन में अपना काम करेंगी।-एपी सिंह, एमडी मध्यांचल विद्युत वितरण निगम
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गोंडा। आने वाले दिनों में कोई भी व्यक्ति कटिया डालकर बिजली की चोरी नहीं कर पाएगा। बिजली चोरी पर नकेल कसने के लिए पावर कॉर्पोरेशन ने सभी जिलों के वितरण खंड पर अलग से विजलेंस टीम बनाए जाने का निर्णय लिया है जो सीधे प्रवर्तन निदेशालय से गवर्न होगी और जरूरत पड़ने पर उसे रेड तक की छूट होगी।
इस टीम के पास न सिर्फ खुद के अपने मुखबिर होंगे, बल्कि जेई से लेकर लाइनमैन और टीजी टू भी इस टीम का हिस्सा होंगे। देवीपाटन मंडल के चार जिलों में मौजूदा वक्त छह डिवीजन संचालित हो रहे हैं। जबकि चार नए वितरण खंड (डिवीजन) और खुलने वाले हैं। जहां विजलेंस टीम का गठन किया जाना है।
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इसमें गोंडा जिले में वितरण खंड प्रथम व द्वितीय के साथ ही नवसृजित वितरण खंड मनकापुर व करनैलगंज में विजलेंस आफिस खोला जाएगा। जबकि बहराइच में वितरण खंड बहराइच और नानपारा के अलावा नवसृजित वितरण खंड कैसरगंज में भी विजलेंस टीम की अलग से स्थापना होगी। वहीं बलरामपुर में बलरामपुर डिवीजन के अलावा नवसृजित वितरण खंड तुलसीपुर व श्रावस्ती डिवीजन में एक विजलेंस आफिस खुलेगा।
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प्रमुख सचिव ऊर्जा आलोक कुमार ने इसके लिए जोनवार मुख्य अभियंताओं को विजलेंस टीम गठित किए जाने के निर्देश देते हुए एक-एक टीम में एक जूनियर इंजीनियर, एक लाइन मैन व एक टीजी टू की तैनाती किए जाने को कहा है।
सीएमडी ने अपने निर्देश में मुख्य अभियंता को प्रत्येक टीम के लिए एक-एक वाहन भी मुहैया कराए जाने के निर्देश दिए हैं। ताकि टीम को अपना काम करने में किसी तरह की कोई दिक्कत न हो। यह टीम अपने-अपने इलाके में घर-घर जाकर बिजली के कनेक्शन चेक करेगी और जहां कहीं भी बिजली की चोरी पकड़ी जाएगी। ऐसे मामलों में मुकदमा दर्ज कराते हुए आगे की कार्रवाई करेगी।
इतना ही नहीं बिजली चोरी के बड़े मामलों को पकडने के लिए यह टीम प्रवर्तन निदेशालय में तैनात एसपी, एएसपी से परमीशन व आवश्यक पुलिस बल साथ में लेकर रेड मारने तक के लिए हर वक्त तैयार रहेंगे। इसमें अधिशाषी अभियंता (परीक्षण) भी उनके साथ रहेंगे।
टीम के कार्यों की समीक्षा हर महीने पावर कारपोरेशन के अधिकारी व प्रवर्तन विभाग के एसपी करेंगे और उसकी रिपोर्ट ऊपर तक देंगे। बिजली चोरी में एफआईआर दर्ज कराने में अगर टीम के आड़े कोई दिक्कत आ रही है तो इसमें एडीजी विजलेंस उनकी मदद के लिए हर वक्त तैयार रहेंगे। वहीं बिजली चोरी में विभाग के किसी कर्मचारी-अधिकारी की संलिप्तता पाए जाने पर टीम के पास अधिकार होगा कि वह उनके खिलाफ विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 150 में मुकदमा दर्ज कराए।
पहले एक विजलेंस टीम करती थी 10 जिलों की निगरानी
पावर कारपोरेशन के सीएमडी आलोक के इस निर्देश के बाद फैजाबाद में बैठने वाली विजलेंस टीम जो अभी तक 10 जिलों में होने वाली बिजली चोरी पर नजर रखती थी, उसका बोझ 100 फीसदी तक कम हो जाएगा। इस टीम के पास खुद के इंस्पेक्टर, दरोगा और पर्याप्त संख्या में आरक्षियों के अलावा जेई, लाइनमैन होते थे।
जो एक बार एक जिले में छापेमारी करने के बाद कई महीनों तक उस जिले में झांकने नहीं आते थे। लेकिन अब हर जिले के वितरण खंड पर विजलेंस टीम का गठन हो जाने के बाद यह टीम बड़े मामलों में इस टीम को हर संभव सहयोग देने के लिए यहां मौजूद रह सकेगी।
हर जिले के विद्युत वितरण खंड पर विजलेंस टीम गठित करने का अधिकार सीएमडी ने जोनवाइज मुख्य अभियंताओं को दिया है। जिसके तहत प्रत्येक जिले के प्रत्येक वितरण खंड पर विजलेंस टीमें गठित की जानी हैं। इन टीमों का गठन मुख्यतौर पर बिजली चोरी पर नकेस कसने और बिजली के राजस्व में इजाफे के लिए किया गया है। यह टीम विभागीय मुख्य अभियंता व प्रवर्तन निदेशालय से मिलने वाले निर्देशों के अनुपालन में अपना काम करेंगी।-एपी सिंह, एमडी मध्यांचल विद्युत वितरण निगम