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आठ हजार किसानों को 17 लाख की चपत

Mon, 07 Sep 2015 12:08 AM IST
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 07 Sep 2015 12:08 AM IST
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संकर धान बीज खरीदने वाले जिले के आठ हजार किसानों से अधिक मूल्य लेकर कृषि विभाग व बीज कंपनी ने बड़ा खेल किया है। बाजार रेट से 40 रुपये प्रति किलो अधिक मूल्य चुका कर काश्तकारों ने बीज खरीदा।
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बाजार में 255 रुपये तो विभाग में 295 रुपये प्रति किलो की दर से बीज की बिक्री की गई। इससे किसानों की जेब से 17 लाख रुपये लेकर उन्हें ठग लिया गया।

खरीफ सीजन में इस बार डायरेक्ट बेनीफिट ट्रासंफर योजना के तहत कृषि विभाग में पंजीकृत किसानों को अनुदानित बीज वितरित किया गया। समझौते के तहत जिस कंपनी ने किसानों को धान बीज उपलब्ध कराया, उसका मूल्य 295 रुपये प्रति किलो था।
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इस पर काश्तकारों को 165 रुपये प्रति किलो की दर से अनुदान अनुमन्य था। कंपनी द्वारा कृषि विभाग के बीज केंद्रों पर जिले के आठ हजार किसानों को करीब 420 क्विंटल बीज उपलब्ध कराया गया। अनुदान को काटकर किसानों को यह बीज 130 रुपये प्रति किलो पड़ा।
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 वहीं, इसी बीज को कंपनी ने खुुले मार्केट में 255 रुपये प्रति किलो की दर से बेचा। हालांकि इसमें कंपनी ने कितनी ठगी की यह तो नहीं पता, लेकिन विभाग में बैठे अधिकारियों ने कंपनी से अधिक मूल्य पर बीज वितरण कराने का समझौता कर लिया।

यदि कृषि विभाग को 255 रुपये प्रति किलो की दर से बीज उपलब्ध कराया जाता तो अनुदान की राशि काटकर किसानों को एक किलो बीज पर मात्र 90 रुपये का ही भुगतान करना पड़ता। विभाग व कंपनी के समझौते में जेब किसानों की कट गई।

इससे करीब आठ हजार किसानों से 40 रुपये प्रति किलो की दर से लगभग 16 लाख 80 हजार रुपये अधिक राशि ले ली गई। इससे किसानों को ठगी का शिकार होना पड़ा।

हैदराबाद की बायर बीज कंपनी ने जिले में सरकार की डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर (डीबीटी) योजना के तहत बीज का वितरण किया। कृषि केंद्रों पर बीज महंगा होने के कारण जिले के एक हजार किसानों ने निजी दुकानों या खुशहाली जैसे केंद्रों से बीज लिया।

इससे उन्हें सस्ते के चक्कर में सरकारी अनुदान से हाथ धोना पड़ा। हैदराबाद की नामी बीज कंपनी बायर क्रॉप साइंस ने जिले के कृषि विभाग को एराइज -6444 गोल्ड व प्राईमा -6444 प्रजाति का 420 क्विंटल बीज की आपूर्ति की थी। इस धान को जिले के कृषि बीज गोदामों पर डीबीटी योजना के तहत किसानों को बेचा गया।


जानकारी मिली है कि बाजार में कम मूल्य पर धान बीज की बिक्री की गई। लेकिन विभाग में बीज का मूल्य शासन स्तर पर तय होता है। बाजार व विभाग के मूल्य में अंतर नहीं होना चाहिए। इसकी जांच चार सदस्यीय टीम से करायी जा रही है। जांच रिपोर्ट मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। -विनय सिंह, जिला कृषि अधिकारी गोंडा
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