{"_id":"6a5bd0452fd5b9ff5b0bee47","slug":"cmo-conducts-raid-pathology-center-operator-flees-through-the-back-door-gonda-news-c-100-1-slko1028-162539-2026-07-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gonda News: सीएमओ का छापा, पीछे के दरवाजे से भागा पैथोलॉजी संचालक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gonda News: सीएमओ का छापा, पीछे के दरवाजे से भागा पैथोलॉजी संचालक
Sun, 19 Jul 2026 12:43 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sun, 19 Jul 2026 12:43 AM IST
विज्ञापन
तरबगंज/गोंडा। सीएमओ डॉ. संतलाल पटेल की अगुवाई में टीम ने शनिवार को बेलसर स्थित ऊषा डायग्नोस्टिक सेंटर में छापा मारा। यह सेंटर फरवरी में सील कर दिया गया था। इसके बावजूद संचालक सील तोड़कर सेंटर चला रहा था। टीम के पहुंचने पर आरोपी संचालक पीछे के दरवाजे से भाग निकला। तरबगंज क्षेत्र में एक अस्पताल समेत पांच क्लीनिक को बंद कराया गया।
एसीएमओ डॉ. आदित्य वर्मा ने बताया कि बेलसर स्थित ऊषा डायग्नोस्टिक सेंटर अवैध तरीके से चल रहा था। फरवरी में इसे सील करा दिया गया था। शनिवार को टीम ने छापा मारा तो सेंटर चलता मिला। टीम पहुंची तो आरोपी संचालक पीछे के रास्ते से भाग निकला। टीम ने यहां पर तालाबंदी करा दी है। संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उधर, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तरबगंज क्षेत्र में देव हॉस्पिटल, मौर्य क्लीनिक, सिद्दीकी क्लीनिक, उमेश प्रताप वर्मा क्लीनिक तथा शौर्य क्लीनिक का निरीक्षण किया। जांच के दौरान चिकित्सकों एवं क्लीनिकों के पंजीकरण से संबंधित आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करने को कहा गया।
विज्ञापन
हालांकि कई क्लीनिक संचालक मौके पर निर्धारित दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा सके। इस पर संस्थानों को बंद कर दिया गया। अभिलेखों के साथ स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए। सीएमओ ने कहा कि बिना वैध पंजीकरण अथवा नियमों के विपरीत किसी भी निजी क्लीनिक का संचालन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन
एसीएमओ डॉ. आदित्य वर्मा ने बताया कि बेलसर स्थित ऊषा डायग्नोस्टिक सेंटर अवैध तरीके से चल रहा था। फरवरी में इसे सील करा दिया गया था। शनिवार को टीम ने छापा मारा तो सेंटर चलता मिला। टीम पहुंची तो आरोपी संचालक पीछे के रास्ते से भाग निकला। टीम ने यहां पर तालाबंदी करा दी है। संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
उधर, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तरबगंज क्षेत्र में देव हॉस्पिटल, मौर्य क्लीनिक, सिद्दीकी क्लीनिक, उमेश प्रताप वर्मा क्लीनिक तथा शौर्य क्लीनिक का निरीक्षण किया। जांच के दौरान चिकित्सकों एवं क्लीनिकों के पंजीकरण से संबंधित आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करने को कहा गया।
विज्ञापन
हालांकि कई क्लीनिक संचालक मौके पर निर्धारित दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा सके। इस पर संस्थानों को बंद कर दिया गया। अभिलेखों के साथ स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए। सीएमओ ने कहा कि बिना वैध पंजीकरण अथवा नियमों के विपरीत किसी भी निजी क्लीनिक का संचालन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।