{"_id":"5faac2d18ebc3e9b85057ea4","slug":"case-will-be-filed-on-three-including-bdo-gonda-news-lko5496116147","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीडीओ समेत तीन पर दर्ज होगा केस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीडीओ समेत तीन पर दर्ज होगा केस
विज्ञापन
गोंडा। तरबगंज के विशुनपुर गांव में बनी सड़क के नाम पर 12.57 लाख रुपये निकाल लिए गए। अधिकारियों ने भी बिना जांच के भुगतान करा दिया। मामले का खुलासा होने पर तत्कालीन बीडीओ राजाराम समेत तीन कर्मियों की मिलीभगत उजागर हुई। सीडीओ की रिपोर्ट पर जिलाधिकारी ने तत्कालीन बीडीओ समेत तीन कर्मियों के विरुद्ध एफआईआर के आदेश दिए हैं। इस मामले में ब्लाक प्रमुख की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
तरबगंज ब्लाक में मनरेगा योजना में भ्रष्टाचार के कई मामले सामने आ चुके हैं। बीते दिनों 72 लाख रुपये से अधिक का बजट मनरेगा से निकलने के लिए हुई फर्जी फीडिंग के मामले में अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी गिरजेश पांडेय की सेवा समाप्त की गई है। इसी बीच तरबगंज ब्लॉक के ही विशुनपुर गांव में चार परियोजना में फर्जीवाड़े की शिकायत सामने आई। जांच शुरू हुई तो चौंकाने वाली बात सामने आई।
सीएंडडीएस (कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज) कार्यदायी संस्था की ओर से चारों परियोजना पर कार्य पहले ही दूसरी परियोजना से कराया जा चुका था। उन्हीं परियोजनाओं को मनरेगा से दिखाकर 12.57 लाख रुपये का बजट मनरेगा से निकाल लिया। इसमें तत्कालीन खंड विकास अधिकारी राजाराम, अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी गिरजेश पांडेय व लेखाकार दोषी पाए गए। इन लोगों की मिलीभगत से भुगतान लिया गया। जिलाधिकारी ने इस मामले में एफआईआर के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन
वहीं, ब्लॉक प्रमुख मायावती भी कार्रवाई के दायरे में हैं। यहां प्रमुख का काम दूसरे लोग देखते हैं लेकिन प्रमुख की मुश्किलें बढ़ गई हैं। भुगतान के मामले में प्रमुख की भूमिका भी सवालों से घिरी है।
जिलाधिकारी डॉ. नितिन बंसल ने बताया कि अनियमित भुगतान के मामले में एफआईआर के आदेश दिए हैं। कार्रवाई की जा रही है।
विज्ञापन
तरबगंज ब्लाक में मनरेगा योजना में भ्रष्टाचार के कई मामले सामने आ चुके हैं। बीते दिनों 72 लाख रुपये से अधिक का बजट मनरेगा से निकलने के लिए हुई फर्जी फीडिंग के मामले में अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी गिरजेश पांडेय की सेवा समाप्त की गई है। इसी बीच तरबगंज ब्लॉक के ही विशुनपुर गांव में चार परियोजना में फर्जीवाड़े की शिकायत सामने आई। जांच शुरू हुई तो चौंकाने वाली बात सामने आई।
विज्ञापन
सीएंडडीएस (कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज) कार्यदायी संस्था की ओर से चारों परियोजना पर कार्य पहले ही दूसरी परियोजना से कराया जा चुका था। उन्हीं परियोजनाओं को मनरेगा से दिखाकर 12.57 लाख रुपये का बजट मनरेगा से निकाल लिया। इसमें तत्कालीन खंड विकास अधिकारी राजाराम, अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी गिरजेश पांडेय व लेखाकार दोषी पाए गए। इन लोगों की मिलीभगत से भुगतान लिया गया। जिलाधिकारी ने इस मामले में एफआईआर के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन
वहीं, ब्लॉक प्रमुख मायावती भी कार्रवाई के दायरे में हैं। यहां प्रमुख का काम दूसरे लोग देखते हैं लेकिन प्रमुख की मुश्किलें बढ़ गई हैं। भुगतान के मामले में प्रमुख की भूमिका भी सवालों से घिरी है।
जिलाधिकारी डॉ. नितिन बंसल ने बताया कि अनियमित भुगतान के मामले में एफआईआर के आदेश दिए हैं। कार्रवाई की जा रही है।