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Gonda News: तालाब में डूबकर बुआ-भतीजे की मौत
Tue, 28 Oct 2025 11:47 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Tue, 28 Oct 2025 11:47 PM IST
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माधोपुर/करनैलगंज। कटरा बाजार के सेल्हरी गांव निवासी भगौती प्रसाद की बेटी राधा (12) और उसके भतीजे रवि (10) की मंगलवार दोपहर डुड़ही गांव के पास स्थित भैंसहा तालाब में डूबने से मौत हो गई। बुआ और भतीजे की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने करनैलगंज सीएचसी के चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है।
गांव निवासी राधिका प्रसाद ने बताया कि उन्होंने घर से दो किलाेमीटर की दूरी पर डुड़ही गांव में बंटाई पर खेत लिया था। उसमें लगी धान की फसल काटने के लिए मंगलवार दोपहर छोटी बहन राधा और भतीजे रवि के साथ गए थे। वहां वह और राधा फसल काट रहे थे और रवि कटी फसल को एक जगह एकत्र कर रहा था। इसी दौरान रवि पास के भैंसहा तालाब से कमलगट्टा तोड़ने लगा। तभी पैर फिसलने से वह डूबने लगा। रवि की चीख सुनकर राधा बचाने दौड़ी तो वह भी डूब गई। दोनों बच्चों को डूबते देखकर राधिका प्रसाद भी तालाब में उतरे। गहराई अधिक होने के कारण वह भी डूबने लगे तो बाहर निकलकर शोर मचाया। ग्रामीणों ने आनन-फानन राधा व रवि को तालाब से निकाला। दोनों बेहोश हो गए थे। उन्हें सीएचसी करनैलगंज ले जाया गया। वहां राधा व रवि की मौत हो गई। राधिका प्रसाद का आरोप है कि सीएचसी में इलाज में लापरवाही बरती गई। इसी के चलते दोनों की मौत हुई है।
दो घंटे स्ट्रेचर पर पड़े रहे राधा और रवि
राधा के बड़े भाई और रवि के चाचा राधिका प्रसाद, कुमुदिनी मिश्रा व अमृतलाल मिश्र ने बताया कि जब वह बच्चों को लेकर सीएचसी पहुंचे तो दोनों की सांसें चल रही थीं। वहां इलाज के लिए कोई डाॅक्टर ही नहीं था। बाद में एक डाॅक्टर आए और देखकर अपने कमरे में चले गए। वहां बैठकर मोबाइल चला रहे थे। दो घंटे तक दोनों बच्चे स्ट्रेचर पर पड़े रहे। बाद में गोंडा के मेडिकल कॉलेज से ईसीजी करने के लिए अमित कुमार आए। उन्होंने ईसीजी के डॉ. रिमझिम को फोन करके बताया कि दोनों की मृत्यु हो चुकी है। परिजनों का आरोप है कि समय से इलाज नहीं मिलने के कारण दोनों की जान चली गई। उधर, डॉ. रिमझिम का कहना है कि बिना ईसीजी के मौत की पुष्टि नहीं की जा सकती। इसलिए मृत घोषित नहीं किया गया था।
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एसीएमओ डॉ. जयगोविंद का कहना है कि मामले की जानकारी नहीं है। पता करके बताएंगे। करनैलगंज सीएचसी की अधीक्षक डॉ. सौम्या श्रीवास्तव का कहना है कि जब दोनों बच्चों को लाया गया, उस समय डॉ. आलोक पांडेय की ड्यूटी थी। उनकी लापरवाही की शिकायत मिली है। स्पष्टीकरण तलब किया जा रहा है।
परिवार में मचा कोहराम
परिवार में एकसाथ दो मौतों से कोहराम मचा है। राधिका प्रसाद ने बताया कि भाई दिनेश के तीन बेटों में रवि बड़ा था। दिनेश के दो अन्य बेटे प्रिंस (4) व अरविंद (7) हैं। वहीं, राधा छह भाई-बहनों में सबसे छोटी थी। दिनेश पंजाब के अंबाला में कारखाने में नौकरी करते हैं। मौत की खबर मिलने पर वह घर आ रहे हैं। दोनों की मौत से राधा के पिता भगौती, मां भगवाना, रवि की मां पूजा व अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
राधा पांचवीं और रवि कक्षा दो का था छात्र
राधिका प्रसाद ने बताया कि उनकी बहन राधा प्राथमिक विद्यालय पलटन पुरवा डुड़ही में कक्षा पांच की छात्रा थी। रवि प्राथमिक विद्यालय चौधरी पुरवा गौरिया में कक्षा दो का छात्र था। हादसे की खबर के बाद कटरा बाजार थाने की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से जानकारी हासिल की है।
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गांव निवासी राधिका प्रसाद ने बताया कि उन्होंने घर से दो किलाेमीटर की दूरी पर डुड़ही गांव में बंटाई पर खेत लिया था। उसमें लगी धान की फसल काटने के लिए मंगलवार दोपहर छोटी बहन राधा और भतीजे रवि के साथ गए थे। वहां वह और राधा फसल काट रहे थे और रवि कटी फसल को एक जगह एकत्र कर रहा था। इसी दौरान रवि पास के भैंसहा तालाब से कमलगट्टा तोड़ने लगा। तभी पैर फिसलने से वह डूबने लगा। रवि की चीख सुनकर राधा बचाने दौड़ी तो वह भी डूब गई। दोनों बच्चों को डूबते देखकर राधिका प्रसाद भी तालाब में उतरे। गहराई अधिक होने के कारण वह भी डूबने लगे तो बाहर निकलकर शोर मचाया। ग्रामीणों ने आनन-फानन राधा व रवि को तालाब से निकाला। दोनों बेहोश हो गए थे। उन्हें सीएचसी करनैलगंज ले जाया गया। वहां राधा व रवि की मौत हो गई। राधिका प्रसाद का आरोप है कि सीएचसी में इलाज में लापरवाही बरती गई। इसी के चलते दोनों की मौत हुई है।
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दो घंटे स्ट्रेचर पर पड़े रहे राधा और रवि
राधा के बड़े भाई और रवि के चाचा राधिका प्रसाद, कुमुदिनी मिश्रा व अमृतलाल मिश्र ने बताया कि जब वह बच्चों को लेकर सीएचसी पहुंचे तो दोनों की सांसें चल रही थीं। वहां इलाज के लिए कोई डाॅक्टर ही नहीं था। बाद में एक डाॅक्टर आए और देखकर अपने कमरे में चले गए। वहां बैठकर मोबाइल चला रहे थे। दो घंटे तक दोनों बच्चे स्ट्रेचर पर पड़े रहे। बाद में गोंडा के मेडिकल कॉलेज से ईसीजी करने के लिए अमित कुमार आए। उन्होंने ईसीजी के डॉ. रिमझिम को फोन करके बताया कि दोनों की मृत्यु हो चुकी है। परिजनों का आरोप है कि समय से इलाज नहीं मिलने के कारण दोनों की जान चली गई। उधर, डॉ. रिमझिम का कहना है कि बिना ईसीजी के मौत की पुष्टि नहीं की जा सकती। इसलिए मृत घोषित नहीं किया गया था।
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एसीएमओ डॉ. जयगोविंद का कहना है कि मामले की जानकारी नहीं है। पता करके बताएंगे। करनैलगंज सीएचसी की अधीक्षक डॉ. सौम्या श्रीवास्तव का कहना है कि जब दोनों बच्चों को लाया गया, उस समय डॉ. आलोक पांडेय की ड्यूटी थी। उनकी लापरवाही की शिकायत मिली है। स्पष्टीकरण तलब किया जा रहा है।
परिवार में मचा कोहराम
परिवार में एकसाथ दो मौतों से कोहराम मचा है। राधिका प्रसाद ने बताया कि भाई दिनेश के तीन बेटों में रवि बड़ा था। दिनेश के दो अन्य बेटे प्रिंस (4) व अरविंद (7) हैं। वहीं, राधा छह भाई-बहनों में सबसे छोटी थी। दिनेश पंजाब के अंबाला में कारखाने में नौकरी करते हैं। मौत की खबर मिलने पर वह घर आ रहे हैं। दोनों की मौत से राधा के पिता भगौती, मां भगवाना, रवि की मां पूजा व अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
राधा पांचवीं और रवि कक्षा दो का था छात्र
राधिका प्रसाद ने बताया कि उनकी बहन राधा प्राथमिक विद्यालय पलटन पुरवा डुड़ही में कक्षा पांच की छात्रा थी। रवि प्राथमिक विद्यालय चौधरी पुरवा गौरिया में कक्षा दो का छात्र था। हादसे की खबर के बाद कटरा बाजार थाने की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से जानकारी हासिल की है।