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Gonda News: रामायण सर्किट में संवरेगा अष्टावक्र ऋषि आश्रम

Mon, 13 Jul 2026 11:07 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा Updated Mon, 13 Jul 2026 11:07 PM IST
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Ashtavakra Rishi Ashram to be developed under the Ramayana Circuit
गोंडा के अमदही ग्राम पंचायत स्थित श्री अष्टावक्र ऋषि आश्रम।
गोंडा। रामायणकालीन आस्था और विरासत से जुड़े जिले के त्रेतायुगीन श्री अष्टावक्र ऋषि आश्रम रामघाट को अब नई पहचान मिलने जा रही है। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने रामायण सर्किट के तहत इस पौराणिक तीर्थ स्थल के विकास के लिए 66.86 लाख रुपये की परियोजना स्वीकृत की है। मुख्यमंत्री पर्यटन स्थल विकास योजना के अंतर्गत प्रथम चरण के लिए 50 लाख रुपये जारी कर दिए गए हैं, जबकि निर्माण कार्य की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (यूपीएसटीडीसी) को सौंपी गई है।
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पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि रामघाट धार्मिक और पौराणिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है। यहां हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। वर्ष 2026 की पहली तिमाही में गोंडा जिले में 3.41 लाख से अधिक पर्यटकों का आगमन दर्ज किया गया। उन्होंने कहा कि परियोजना पूरी होने के बाद धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
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परियोजना के तहत श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बहुउद्देशीय हॉल, सुगम भ्रमण पथ, आकर्षक लाइटिंग, बैठने की विशेष व्यवस्था तथा अन्य मूलभूत पर्यटन सुविधाएं विकसित की जाएंगी। नई पीढ़ी को इस पौराणिक धरोहर से जोड़ने के लिए क्यूआर कोड आधारित आधुनिक साइनेज लगाए जाएंगे। क्यूआर कोड स्कैन करते ही श्रद्धालु अपने मोबाइल पर रामघाट का इतिहास, धार्मिक महत्व और अन्य जानकारियां प्राप्त कर सकेंगे।
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सहायक पर्यटन अधिकारी वंदना पांडेय ने बताया कि मुख्यमंत्री पर्यटन स्थल विकास योजना के तहत रामघाट के विकास कार्यों को स्वीकृति मिल चुकी है। आधुनिक सुविधाओं के विकास के साथ इस ऐतिहासिक और पौराणिक धरोहर का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जाएगा।

रामायण सर्किट को मिलेगा विस्तार
डीएम प्रियंका निरंजन ने बताया कि अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं के लिए रामघाट अब रामायण सर्किट का महत्वपूर्ण पड़ाव बनेगा। अयोध्या से लगभग एक घंटे की दूरी पर स्थित तरबगंज क्षेत्र की अमदही ग्राम पंचायत में स्थित यह प्राचीन आश्रम श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक और प्राकृतिक दोनों प्रकार का अनुभव प्रदान करेगा। लखनऊ से सड़क मार्ग के जरिए भी यहां ढाई से तीन घंटे में पहुंचा जा सकता है।




श्रीराम के बाण से जुड़ी है मान्यता
तरबगंज तहसील की अमदही ग्राम पंचायत स्थित श्री अष्टावक्र ऋषि आश्रम रामघाट का उल्लेख रामायणकालीन जनश्रुतियों में मिलता है। मान्यता है कि वनवास से लौटने के बाद अश्वमेध यज्ञ के दौरान भगवान श्रीराम स्वयं अष्टावक्र ऋषि के आश्रम पहुंचे थे। ऋषि ने अनुष्ठान के लिए सरयू नदी से दूर से जल लाने की कठिनाई बताई, जिस पर भगवान श्रीराम ने बाण चलाकर सरयू की जलधारा आश्रम तक पहुंचा दी। यही धारा आगे चलकर बरसोत नाम से प्रसिद्ध हुई। तभी से यह स्थान श्रद्धालुओं की विशेष आस्था का केंद्र माना जाता है।
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