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फर्जी प्रमाण पत्रों पर लिया रायफल का लाइसेंस
Gonda
Updated Mon, 19 Nov 2012 12:00 PM IST
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करनैलगंज/गोंडा। सुरक्षा के नाम पर खिलवाड़ हो रहा है, ऐसा ही एक मामला प्रकाश में आया है। फर्जी प्रमाण पत्रों के सहारे एक व्यक्ति ने रायफल का लाइसेंस हासिल कर लिया। सबसे चौंकाने वाला तो ये है कि तहसीलकर्मियों और पुलिस ने बिना जांच किए लाइसेंस देने की संस्तुति कर रिपोर्ट आलाधिकारियों को भेज दी। जिस पर तत्कालीन लाइसेंसिंग अथाॅरिटी जिलाधिकारी ने लाइसेंस भी जारी कर दिया। फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर जारी इस लाइसेंस की शिकायत गांव के एक व्यक्ति ने डीएम व एसपी से की। इसका खुलासा होने पर जांच अधिकारी ने लाइसेंस निरस्तीकरण की रिपोर्ट एसपी के जरिए जिलाधिकारी को भेजी है। एसपी ने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर लाइसेंस निरस्तीकरण के साथ ही लाइसेंसी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। थाना परसपुर क्षेत्र के शाहपुर गांव निवासी मुन्ना कुरैशी ने 6 नवंबर को करनैलगंज के तहसील दिवस में डीएम डॉ. रोशन जैकब एवं पुलिस अधीक्षक नवनीत कुमार राणा को प्रार्थना पत्र देकर उनके गांव के पते पर फर्जी तरीके से धनंजय सिंह पुत्र पुरुषोत्तम सिंह पर रायफल का लाइसेंस लेने का आरोप लगाया था। जिसमें मुन्ना ने आरोप मढ़ा था कि धनंजय सिंह गांव के ही विन्देश्वरी सिंह के रिश्तेदार हैं, इसलिए विन्देश्वरी सिंह के मकान का पता दिखाकर फर्जी तरीके से धनंजय के नाम से निवास प्रमाण पत्र बनवाया गया। जिसका लाइसेंस नम्बर ‘222 के 1155’ है।
पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच सीओ करनैलगंज सुखवीर सिंह को सौंपी थी। सीओ ने बताया कि जांच में पाया गया कि रायफल का लाइसेंस धनंजय सिंह पुत्र पुरुषोत्तम सिंह के नाम है, परन्तु धनंजय शाहपुर गांव का निवासी नहीं है। उन्होंने बताया कि वोटर लिस्ट में धनंजय के पिता का नाम बिन्देश्वरी सिंह दर्ज है। मगर धनंजय के स्थान पर फोटो किसी अन्य की लगी है। सीओ के मुताबिक परिवार रजिस्टर में छेड़छाड़ करके बिन्देश्वरी सिंह के परिवार के साथ धनंजय सिंह का नाम जोड़ा गया है। सीओ ने बताया कि लाइसेंस में कहीं भी धनंजय सिंह का स्थाई पता नहीं दर्ज किया गया है। इसलिए वह लाइसेंस का पात्र नहीं है। सीओ ने बताया कि लाईसेंस निरस्तीकरण की रिपोर्ट एसपी को भेजी जा रही है। एसपी नवनीत कुमार राणा ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर लाइसेंस निरस्तीकरण के साथ ही लाइसेंसी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
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पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच सीओ करनैलगंज सुखवीर सिंह को सौंपी थी। सीओ ने बताया कि जांच में पाया गया कि रायफल का लाइसेंस धनंजय सिंह पुत्र पुरुषोत्तम सिंह के नाम है, परन्तु धनंजय शाहपुर गांव का निवासी नहीं है। उन्होंने बताया कि वोटर लिस्ट में धनंजय के पिता का नाम बिन्देश्वरी सिंह दर्ज है। मगर धनंजय के स्थान पर फोटो किसी अन्य की लगी है। सीओ के मुताबिक परिवार रजिस्टर में छेड़छाड़ करके बिन्देश्वरी सिंह के परिवार के साथ धनंजय सिंह का नाम जोड़ा गया है। सीओ ने बताया कि लाइसेंस में कहीं भी धनंजय सिंह का स्थाई पता नहीं दर्ज किया गया है। इसलिए वह लाइसेंस का पात्र नहीं है। सीओ ने बताया कि लाईसेंस निरस्तीकरण की रिपोर्ट एसपी को भेजी जा रही है। एसपी नवनीत कुमार राणा ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर लाइसेंस निरस्तीकरण के साथ ही लाइसेंसी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
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