{"_id":"5f43f0008ebc3eaad44752ee","slug":"57-panchayats-will-be-open-defecation-free-with-8-61-crore-gonda-news-lko536655136","type":"story","status":"publish","title_hn":"8.61 करोड़ से 57 पंचायतें होंगी खुले में शौंच मुक्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
8.61 करोड़ से 57 पंचायतें होंगी खुले में शौंच मुक्त
विज्ञापन
मुजेहना (गोंडा)। स्वच्छ भारत मिशन से अब मुजेहना के 57 पंचायतों को खुले में शौंच मुक्त कराने की मुहिम को रफ्तार मिलेगी। इन गांवों में 8 करोड़ 61 लाख से जहां शहरी तर्ज पर सामुदायिक शौचालयों का निर्माण होगा, वहीं 3 करोड़ 36 लाख से 28 हजार से अधिक लोगों को व्यक्तिगत शौचालय बनवाने के लिए प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसका खाका खींच लिया गया है, पात्रों का तो चयन किया ही गया है 39 पंचायतों में सामुदायिक शौचालय के लिए भूमि भी मिल गई है।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत पूरे मुजेहना क्षेत्र को खुले में शौच से मुक्त करने के लिए ब्लॉक कर्मचारियों ने गतवर्ष स्वच्छता के विविध कार्यक्रम आयोजित किए। लोगों को जागरूक किया गया और प्रोत्साहन राशि का भुगतान भी किया गया। फिर भी सभी लोगों को शौचालय उपलब्ध नहीं हो सका। इसलिए शासन ने क्षेत्र को पूर्ण रूप से खुले में शौच से मुक्त करने के लिए एक बड़ी धनराशि आवंटित की है।
एडीओ पंचायत दिलीप कुमार उपाध्याय ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2019 -20 में सभी 57 ग्राम पंचायतों में योजना से 28 हजार 6 लोगों को 12 हजार प्रति व्यक्ति शौचालय निर्माण के लिए प्रोत्साहन राशि दी गयी। इस प्रकार तीन करोड़ 36 लाख 72 हजार रुपए खर्च किए गए। फिर भी कुछ लोगों के बच जाने के बाद सरकार ने पूर्ण रूप से खुले में शौच से मुुुक्त करने के लिए महत्वाकांक्षी योजना लागू की है।
विज्ञापन
इसके तहत सभी 57 ग्राम पंचायतों में दो-दो सामुदायिक शौचालय निर्माण कराने की योजना आई है। यह शौचालय 4 सीटर व 6 सीटर के होंगे। जिनका रखरखाव ग्राम पंचायतें करेंगी। इन चार सीटर शौचालयों के निर्माण के लिए 6 लाख 37 हजार व 6 सीटर शौचालयों के लिए 8 लाख 75 हजार रुपये आवंटित किए गए है। इनके निर्माण का कार्य ग्राम पंचायतें और ग्रामीण अभियंत्रण विभाग करेेेगा। इस पर 8 करोड़ 61 लाख 84 हजार रुपये खर्च होंगे।
यहां इनमें मेघवा, राजापुरपरसौरा, जिगना, रामपुरदुबावल, लखनीपुर, बैजपुर, रैगांव, त्रिलोकपुर पुरेेे सिधारी आदि 39 ग्राम पंचायतों में कार्य प्रारंभ हो गया। शेष 19 ग्राम पंचायतों में भूमि का चयन तथा जलभराव के कारण कार्य शुरू नहीं हो सका है। इन ग्राम पंचायतों में भी शीघ्रातिशीघ्र कार्य शुुरू कर दिया जाएगा।
जहां लोगों के पास भूमि नहीं हैं, वहां जरूरी था सामुदायिक शौचालय
पंचायतों में बहुत से गरीब ऐसे हैं जिनके पास भूमि ही उपलब्ध नही थी। इससे उन लोगों के यहां शौचालय बनना मुश्किल था। अब पंचायतों में सामुदायिक शौचालय के निर्माण हो जाने से वह भी खुले में शौच जाने से मुक्ति पा सकेंगे। इसी को ध्यान में रखकर गांवों में सामुदायिक शौचालयों का निर्माण हो रहा है।
हर गांव में दो-दो सामुदायिक शौचालय के निर्माण का कार्य शुरू कर दिया गया है। काफी गांवों में कार्य भी हो रहा है। जल्द ही लोगों को गांव में ही सामुदायिक शौचालय की सुविधा मिल सकेगी।
- सभाजीत पांडे, डीपीआरओ
विज्ञापन
स्वच्छ भारत मिशन के तहत पूरे मुजेहना क्षेत्र को खुले में शौच से मुक्त करने के लिए ब्लॉक कर्मचारियों ने गतवर्ष स्वच्छता के विविध कार्यक्रम आयोजित किए। लोगों को जागरूक किया गया और प्रोत्साहन राशि का भुगतान भी किया गया। फिर भी सभी लोगों को शौचालय उपलब्ध नहीं हो सका। इसलिए शासन ने क्षेत्र को पूर्ण रूप से खुले में शौच से मुक्त करने के लिए एक बड़ी धनराशि आवंटित की है।
विज्ञापन
एडीओ पंचायत दिलीप कुमार उपाध्याय ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2019 -20 में सभी 57 ग्राम पंचायतों में योजना से 28 हजार 6 लोगों को 12 हजार प्रति व्यक्ति शौचालय निर्माण के लिए प्रोत्साहन राशि दी गयी। इस प्रकार तीन करोड़ 36 लाख 72 हजार रुपए खर्च किए गए। फिर भी कुछ लोगों के बच जाने के बाद सरकार ने पूर्ण रूप से खुले में शौच से मुुुक्त करने के लिए महत्वाकांक्षी योजना लागू की है।
विज्ञापन
इसके तहत सभी 57 ग्राम पंचायतों में दो-दो सामुदायिक शौचालय निर्माण कराने की योजना आई है। यह शौचालय 4 सीटर व 6 सीटर के होंगे। जिनका रखरखाव ग्राम पंचायतें करेंगी। इन चार सीटर शौचालयों के निर्माण के लिए 6 लाख 37 हजार व 6 सीटर शौचालयों के लिए 8 लाख 75 हजार रुपये आवंटित किए गए है। इनके निर्माण का कार्य ग्राम पंचायतें और ग्रामीण अभियंत्रण विभाग करेेेगा। इस पर 8 करोड़ 61 लाख 84 हजार रुपये खर्च होंगे।
यहां इनमें मेघवा, राजापुरपरसौरा, जिगना, रामपुरदुबावल, लखनीपुर, बैजपुर, रैगांव, त्रिलोकपुर पुरेेे सिधारी आदि 39 ग्राम पंचायतों में कार्य प्रारंभ हो गया। शेष 19 ग्राम पंचायतों में भूमि का चयन तथा जलभराव के कारण कार्य शुरू नहीं हो सका है। इन ग्राम पंचायतों में भी शीघ्रातिशीघ्र कार्य शुुरू कर दिया जाएगा।
जहां लोगों के पास भूमि नहीं हैं, वहां जरूरी था सामुदायिक शौचालय
पंचायतों में बहुत से गरीब ऐसे हैं जिनके पास भूमि ही उपलब्ध नही थी। इससे उन लोगों के यहां शौचालय बनना मुश्किल था। अब पंचायतों में सामुदायिक शौचालय के निर्माण हो जाने से वह भी खुले में शौच जाने से मुक्ति पा सकेंगे। इसी को ध्यान में रखकर गांवों में सामुदायिक शौचालयों का निर्माण हो रहा है।
हर गांव में दो-दो सामुदायिक शौचालय के निर्माण का कार्य शुरू कर दिया गया है। काफी गांवों में कार्य भी हो रहा है। जल्द ही लोगों को गांव में ही सामुदायिक शौचालय की सुविधा मिल सकेगी।
- सभाजीत पांडे, डीपीआरओ