{"_id":"59e89f3b4f1c1bd1538b82fc","slug":"41508417339-gonda-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"टूटे ट्रैक से गुजरी बिहार संपर्क क्रांति, हादसा टला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टूटे ट्रैक से गुजरी बिहार संपर्क क्रांति, हादसा टला
Updated Thu, 19 Oct 2017 06:18 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वरिष्ठ मंडल अभियंता ने दिए जांच के आदेश
गोंडा। सहरसा से अमृतसर जा रही बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस बुधवार रात रेल कर्मियों की लापरवाही से टूटे ट्रैक से होकर गुजर गई। हालांकि कॉसन के चलते स्पीड कम होने से ट्रेन हादसे का शिकार होने से बच गई। रेलवे के वरिष्ठ मंडल अभियंता ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
बुधवार की देर रात बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस सहरसा से अमृतसर जा रही थी। गोंडा रेलवे स्टेशन पर ठहराव न होने से उसे बिना रुके जाना था लेकिन जिस ट्रैक से ट्रेन को रन थ्रू गुजरना था उस पर पहले से मालगाड़ी खड़ी थी।
ट्रैक खाली न होने के कारण रेलवे के परिचालन विभाग के अफसरों ने ट्रेन को तीन नंबर लाइन से होते हुए प्लेटफार्म नंबर दो पर खड़ी होने का सिग्नल दे दिया लेकिन ट्रैक पर ध्यान नहीं दिया गया। यह ट्रैक पूर्वी छोर व रेलवे सुरक्षा बल के सीआईबी दफ्तर के बगल टूटा हुआ था।
विज्ञापन
परिचालन विभाग की इस लापरवाही से संपर्क क्रांति एक्सप्रेस तीन नंबर की इसी टूटी लाइन पर पहुंच गई। ट्रेन को टूटे ट्रैक से गुजरता देख ट्रैक जांच के लिए ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी की निगाह जब ट्रेन पर पड़ी तो उसके होश उड़ गए।
उसने फौरन इसकी सूचना कंट्रोल रूम को दी। लेकिन तब तक ट्रेन प्लेटफार्म पर पहुंच चुकी थी। गनीमत रही कि कॉसन के चलते ट्रेन की स्पीड बेहद कम थी इसलिए एक बड़ा हादसा टल गया। वरिष्ठ मंडल अभियंता सामान्य जितेंद्र कुमार ने इस लापरवाही की जांच के आदेश दिए हैं।
जितेंद्र कुमार ने बताया कि लाइन मरम्मत के कारण इस लाइन पर ट्रेनों का संचालन कॉसन पर 10 किमी. प्रति घंटे की रफ्तार से किया जा रहा है।
विज्ञापन
गोंडा। सहरसा से अमृतसर जा रही बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस बुधवार रात रेल कर्मियों की लापरवाही से टूटे ट्रैक से होकर गुजर गई। हालांकि कॉसन के चलते स्पीड कम होने से ट्रेन हादसे का शिकार होने से बच गई। रेलवे के वरिष्ठ मंडल अभियंता ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
बुधवार की देर रात बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस सहरसा से अमृतसर जा रही थी। गोंडा रेलवे स्टेशन पर ठहराव न होने से उसे बिना रुके जाना था लेकिन जिस ट्रैक से ट्रेन को रन थ्रू गुजरना था उस पर पहले से मालगाड़ी खड़ी थी।
विज्ञापन
ट्रैक खाली न होने के कारण रेलवे के परिचालन विभाग के अफसरों ने ट्रेन को तीन नंबर लाइन से होते हुए प्लेटफार्म नंबर दो पर खड़ी होने का सिग्नल दे दिया लेकिन ट्रैक पर ध्यान नहीं दिया गया। यह ट्रैक पूर्वी छोर व रेलवे सुरक्षा बल के सीआईबी दफ्तर के बगल टूटा हुआ था।
विज्ञापन
परिचालन विभाग की इस लापरवाही से संपर्क क्रांति एक्सप्रेस तीन नंबर की इसी टूटी लाइन पर पहुंच गई। ट्रेन को टूटे ट्रैक से गुजरता देख ट्रैक जांच के लिए ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी की निगाह जब ट्रेन पर पड़ी तो उसके होश उड़ गए।
उसने फौरन इसकी सूचना कंट्रोल रूम को दी। लेकिन तब तक ट्रेन प्लेटफार्म पर पहुंच चुकी थी। गनीमत रही कि कॉसन के चलते ट्रेन की स्पीड बेहद कम थी इसलिए एक बड़ा हादसा टल गया। वरिष्ठ मंडल अभियंता सामान्य जितेंद्र कुमार ने इस लापरवाही की जांच के आदेश दिए हैं।
जितेंद्र कुमार ने बताया कि लाइन मरम्मत के कारण इस लाइन पर ट्रेनों का संचालन कॉसन पर 10 किमी. प्रति घंटे की रफ्तार से किया जा रहा है।