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40 साल पुराने बस स्टॉप पर नहीं हैं यात्री सुविधाएं
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करनैलगंज (गोंडा)। यात्रियों के बैठने की जगह नहीं, पीने को पानी नहीं, शौच के शौचालय नहीं, बस नाम का बस स्टॉप 40 वर्षों से चल रहा है। गोंडा जिले के दूसरे बड़े रोडवेज बस स्टॉप करनैलगंज में बस स्टॉप तो है मगर जनता का स्टॉप नहीं है। करीब 40 वर्ष पूर्व इसे सरकारी बस स्टॉप बनाया गया। मगर अब तक यहां केवल बसों का स्टॉपेज होता है। यात्रियों के लिए कोई भी सुविधा नही हुई। ठंड हो या बरसात बस स्टैंड पर वाहन के इंतजार में खड़े रहना जनता की मजबूरी होती है।
गोंडा के बाद सर्वाधिक यात्री वाले करनैलगंज बस स्टॉप को वर्ष 1981 में रोडवेज बस स्टॉप घोषित किया गया। तभी से यहां बसों का स्टॉपेज होता है। इसी बस स्टॉप से कटरा बाजार, परसपुर, कौड़िया, भग्गड़वा, हुजूरपुर, चचरी, शाहपुर, पसका क्षेत्र के यात्री करनैलगंज से ही बस पकड़ने के लिए दूरदराज से आते हैं। इसके साथ ही करनैलगंज तहसील मुख्यालय होने के नाते तमाम कर्मचारी एवं रेलवे, तहसील, ब्लाक, बैंक, विद्यालयों के शिक्षक एवं अन्य सरकारी विभागों के कर्मचारी भी बसों से यात्रा करते हैं। इस बस स्टॉप पर आज तक ना तो यात्रियों के बैठने की या विश्राम करने की या उनके पेयजल की या धूप, बरसात, ठंड से बचने की कोई भी व्यवस्था नहीं की गई है, जबकि इसके पूर्व विधानसभा और लोकसभा के चुनाव में भी लोगों द्वारा मांग उठाई गई थी कि यहां यात्री प्रतीक्षालय का निर्माण कराया जाए।
उस समय नगर पालिका परिषद करनैलगंज द्वारा यात्री प्रतीक्षालय के लिए एक छोटा सा कक्ष बनवाया गया था। जिसे फोरलेन मार्ग निर्माण में तोड़ दिया गया। तीन सौ बसें लखनऊ, दिल्ली, कानपुर तथा गोंडा, बलरामपुर, बहराइच एवं बस्ती, गोरखपुर के लिए निकलती हैं। नागेंद्र मणि, दिनेश कुमार सिंह, अशोक कुमार, नितिन कुमार, अभिषेक सिंह, अखण्ड सिंह, नागेंद्र सिंह, सत्य प्रकाश सिंह, मनोज कुमार मिश्रा, राजेश कुमार सिंह, चंदन सोनी आदि का कहना है कि इस बस स्टॉप पर दिन हो या रात कोई भी यात्री सुरक्षित नहीं है। शाम अथवा रात में अगर बस का इंतजार करना पड़ता है तो ठंड में खड़े होकर घंटो का इंतजार, इसके बावजूद यात्रियों के लिए कोई भी सुविधा नहीं की गई है। आसपास के क्षेत्र से यात्रा करने वाले लोगों को कठिनाई का सामना करना पड़ता है।
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गोंडा के बाद सर्वाधिक यात्री वाले करनैलगंज बस स्टॉप को वर्ष 1981 में रोडवेज बस स्टॉप घोषित किया गया। तभी से यहां बसों का स्टॉपेज होता है। इसी बस स्टॉप से कटरा बाजार, परसपुर, कौड़िया, भग्गड़वा, हुजूरपुर, चचरी, शाहपुर, पसका क्षेत्र के यात्री करनैलगंज से ही बस पकड़ने के लिए दूरदराज से आते हैं। इसके साथ ही करनैलगंज तहसील मुख्यालय होने के नाते तमाम कर्मचारी एवं रेलवे, तहसील, ब्लाक, बैंक, विद्यालयों के शिक्षक एवं अन्य सरकारी विभागों के कर्मचारी भी बसों से यात्रा करते हैं। इस बस स्टॉप पर आज तक ना तो यात्रियों के बैठने की या विश्राम करने की या उनके पेयजल की या धूप, बरसात, ठंड से बचने की कोई भी व्यवस्था नहीं की गई है, जबकि इसके पूर्व विधानसभा और लोकसभा के चुनाव में भी लोगों द्वारा मांग उठाई गई थी कि यहां यात्री प्रतीक्षालय का निर्माण कराया जाए।
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उस समय नगर पालिका परिषद करनैलगंज द्वारा यात्री प्रतीक्षालय के लिए एक छोटा सा कक्ष बनवाया गया था। जिसे फोरलेन मार्ग निर्माण में तोड़ दिया गया। तीन सौ बसें लखनऊ, दिल्ली, कानपुर तथा गोंडा, बलरामपुर, बहराइच एवं बस्ती, गोरखपुर के लिए निकलती हैं। नागेंद्र मणि, दिनेश कुमार सिंह, अशोक कुमार, नितिन कुमार, अभिषेक सिंह, अखण्ड सिंह, नागेंद्र सिंह, सत्य प्रकाश सिंह, मनोज कुमार मिश्रा, राजेश कुमार सिंह, चंदन सोनी आदि का कहना है कि इस बस स्टॉप पर दिन हो या रात कोई भी यात्री सुरक्षित नहीं है। शाम अथवा रात में अगर बस का इंतजार करना पड़ता है तो ठंड में खड़े होकर घंटो का इंतजार, इसके बावजूद यात्रियों के लिए कोई भी सुविधा नहीं की गई है। आसपास के क्षेत्र से यात्रा करने वाले लोगों को कठिनाई का सामना करना पड़ता है।
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