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पथराव शुरू होते ही मची अफरा-तफरी
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गाजीपुर। गाजीपुर-मुहम्मदाबाद मार्ग पर कठवामोड़ पुलिया के पास आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे निषाद समाज के लोगों द्वारा पुलिस के पहुंचते ही हो-हल्ला करते हुए पथराव किए जाने से अफरा-तफरी मच गई। लोग वाहनों से उतर कर इधर-उधर भागने लगे। कई लोग जान बचा कर भागने के प्रयास में गिर कर चोटिल भी हो गए।
पीएम मोदी का कार्यक्रम नगर के आरटीआई मैदान में आयोजित था। दिन में करीब दो बजे कार्यक्रम समाप्त होने के बाद करीमुद्दीनपुर थानाध्यक्ष पुलिस कर्मियों के साथ थाना पर लौट रहे थे। इसी दौरान आरक्षण की मांग और एक साथी को पुलिस द्वारा हिरासत में लेने से नाराज निषाद पार्टी के लोग कठवामोड़ पुलिया के पास जाम लगाए थे। थानाध्यक्ष का वाहन भी जाम में फंस गया। इस पर थानाध्यक्ष पुलिस कर्मियों के साथ जाम कर रहे लोगों को समझाने लगे। इसी बीच लोगों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। पथराव शुरू होते ही वहां अफरा-तफरी मच गई। जाम में कई चार पहिया वाहन फंसे थे। इन वाहनों में सवार लोग आनन-फानन में वाहन से बाहर निकले और अपने को बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। लोग उस समय पूरी तरह से सहम गए, जब पथराव करने वाले लोगों ने करीमुद्दीनपुर थाना में तैनात दीवान सुरेश प्रताप वत्स (48) को पकड़ लिया और उसकी बेरहमी से लात-घूसों से पिटाई करने के साथ ही पत्थर से वार करने लगे। लोग बीच-बचाव करने की हिम्मत नहीं जुटा सके। इस पथराव में कई लोग हल्के रूप से चोटिल हो गए। इस घटना को लेकर लोगों में चर्चा होती रही। चर्चाओं में यह बात शामिल थी कि उपद्रव करने वाले निषाद पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं में खासकर इस बात से नाराजगी थी कि पीएम मोदी के कार्यक्रम की वजह से पुलिस ने उनके एक साथी को हिरासत में लिया था और प्रशासन ने सरजू पांडेय पार्क में धरना-प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी।
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पीएम मोदी का कार्यक्रम नगर के आरटीआई मैदान में आयोजित था। दिन में करीब दो बजे कार्यक्रम समाप्त होने के बाद करीमुद्दीनपुर थानाध्यक्ष पुलिस कर्मियों के साथ थाना पर लौट रहे थे। इसी दौरान आरक्षण की मांग और एक साथी को पुलिस द्वारा हिरासत में लेने से नाराज निषाद पार्टी के लोग कठवामोड़ पुलिया के पास जाम लगाए थे। थानाध्यक्ष का वाहन भी जाम में फंस गया। इस पर थानाध्यक्ष पुलिस कर्मियों के साथ जाम कर रहे लोगों को समझाने लगे। इसी बीच लोगों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। पथराव शुरू होते ही वहां अफरा-तफरी मच गई। जाम में कई चार पहिया वाहन फंसे थे। इन वाहनों में सवार लोग आनन-फानन में वाहन से बाहर निकले और अपने को बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। लोग उस समय पूरी तरह से सहम गए, जब पथराव करने वाले लोगों ने करीमुद्दीनपुर थाना में तैनात दीवान सुरेश प्रताप वत्स (48) को पकड़ लिया और उसकी बेरहमी से लात-घूसों से पिटाई करने के साथ ही पत्थर से वार करने लगे। लोग बीच-बचाव करने की हिम्मत नहीं जुटा सके। इस पथराव में कई लोग हल्के रूप से चोटिल हो गए। इस घटना को लेकर लोगों में चर्चा होती रही। चर्चाओं में यह बात शामिल थी कि उपद्रव करने वाले निषाद पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं में खासकर इस बात से नाराजगी थी कि पीएम मोदी के कार्यक्रम की वजह से पुलिस ने उनके एक साथी को हिरासत में लिया था और प्रशासन ने सरजू पांडेय पार्क में धरना-प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी।
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